
जमशेदपुर। शहर के महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) अस्पताल में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक मरीज के परिजनों और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और डॉक्टर द्वारा मरीज के परिजन को थप्पड़ मारने का आरोप लगने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

इलाज को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मरीज के इलाज और चिकित्सकीय प्रक्रिया को लेकर परिजनों और डॉक्टर के बीच बहस शुरू हुई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर ने एक परिजन को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ गया और अस्पताल परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
अस्पताल में जुटी लोगों की भीड़
घटना की सूचना फैलते ही अस्पताल के विभिन्न वार्डों से मरीजों के परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। इससे अस्पताल परिसर में भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए चिकित्सा व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल प्रशासन ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया।
प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पूरे मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने कहा कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ और थप्पड़ मारने के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी पक्ष की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों और परिजनों में बनी रही नाराजगी
घटना के बाद अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और मरीजों के परिजनों के बीच कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा। अस्पताल प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि मरीजों के इलाज को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी डॉक्टर द्वारा मरीज के परिजन के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है तो उचित कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि चिकित्सा कार्य में बाधा पहुंचाई गई है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
फिलहाल, अस्पताल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और किस पक्ष की जिम्मेदारी बनती है।










































