
पलामू: झारखंड के Plamu जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में एक युवती द्वारा एक युवक पर पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने, शादी का झांसा देने, कथित शारीरिक शोषण करने तथा बाद में निजी फोटो और वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी पहचान
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता उत्तर प्रदेश के इटावा जिले की रहने वाली है और एक निजी ई-कॉमर्स कंपनी में कार्यरत है। उसने आरोप लगाया है कि करीब दो वर्ष पहले उसकी मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक युवक से हुई थी।
युवती का कहना है कि युवक ने अपना नाम “राजा” बताया और स्वयं को राजपूत (क्षत्रिय) समुदाय से संबंधित बताया। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे नियमित संपर्क में बदल गई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। समय के साथ यह दोस्ती कथित तौर पर प्रेम संबंध में बदल गई।
शादी का भरोसा देकर विश्वास जीतने का आरोप
शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि युवक ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर उसका विश्वास हासिल किया। पीड़िता के अनुसार, इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से उसके कुछ निजी फोटो और वीडियो भी अपने पास रख लिए।
युवती का कहना है कि उसे बाद में जानकारी मिली कि युवक ने अपनी वास्तविक पहचान उसके सामने नहीं बताई थी। इसके बाद उसने संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया, लेकिन उसके अनुसार युवक ने कथित तौर पर निजी फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उस पर संबंध बनाए रखने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
ब्लैकमेल करने का भी लगाया आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब उसने युवक का विरोध किया और उससे दूरी बनाने की कोशिश की, तब आरोपी ने कथित रूप से उसके निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। युवती का कहना है कि इसी आधार पर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
उसने पुलिस को बताया कि वह लगातार दबाव और भय के माहौल में रह रही थी। आरोप है कि आरोपी उसके निजी डाटा का दुरुपयोग कर उसे ब्लैकमेल करता रहा।
निजी फोटो और वीडियो वापस लेने गांव पहुंची युवती
शिकायत के अनुसार, अपने निजी फोटो और वीडियो वापस लेने के उद्देश्य से युवती आरोपी के पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र स्थित कररिया गांव पहुंची। उसका कहना है कि वहां पहुंचने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव पहुंचने पर आरोपी और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। इसके अलावा उसे रातभर घर के बाहर रहने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसका मोबाइल फोन और लैपटॉप भी कथित रूप से छीन लिया गया।
छह किलोमीटर पैदल चलकर पहुंची थाने
युवती ने पुलिस को बताया कि वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही। उसके अनुसार, उसने लगभग छह किलोमीटर पैदल चलकर मोहम्मदगंज थाना पहुंचकर पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई।
थाने पहुंचने के बाद उसने पूरी घटना की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी और लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज की शिकायत, जांच जारी
मोहम्मदगंज थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत प्राप्त होने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए उपलब्ध साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक डाटा, दस्तावेजों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के दौरान यदि कोई अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो उन्हें भी केस डायरी में शामिल किया जाएगा।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी होगी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में सोशल मीडिया चैट, मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है। यदि आवश्यक हुआ तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और कानून के अनुसार की जाएगी तथा किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
पुलिस ने संयम बरतने की अपील की
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जानकारी या साक्ष्य हैं तो वे उन्हें पुलिस को उपलब्ध कराएं, जिससे जांच में सहायता मिल सके।
जांच पूरी होने तक आरोप साबित नहीं
यह मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है। युवती द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। अभी तक आरोपी पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में शिकायत दर्ज होना और आरोप लगाया जाना, दोष सिद्ध होने के समान नहीं होता। अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर ही किया जाता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के दायरे में रहकर की जाएगी तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









































