मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

AI, क्वांटम, परमाणु और अंतरिक्ष तकनीक से तय होगा भारत का भविष्य; राष्ट्रीय क्वांटम मिशन ने तीन साल में हासिल किए आधे से अधिक लक्ष्य: डॉ. जितेंद्र सिंह

On: June 26, 2026 6:34 PM
Follow Us:

नई दिल्ली। भारत आने वाले वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), क्वांटम तकनीक, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा का निर्धारण अब इन उभरती हुई प्रौद्योगिकियों से होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) ने अपने शुरुआती तीन वर्षों के भीतर ही निर्धारित लक्ष्यों में से आधे से अधिक हासिल कर लिए हैं।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

नई दिल्ली में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन में बातचीत के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत आज उन चुनिंदा देशों की कतार में खड़ा है जो अत्याधुनिक तकनीकों के विकास में लगातार निवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष अनुसंधान और परमाणु ऊर्जा केवल वैज्ञानिक उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि ये आने वाले समय में आर्थिक विकास, रणनीतिक शक्ति और वैश्विक नेतृत्व के सबसे महत्वपूर्ण आधार बनेंगे। जो देश इन क्षेत्रों में पीछे रह जाएंगे, वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा में भी पिछड़ जाएंगे।

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन की तेज़ प्रगति

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन ने अपेक्षा से कहीं अधिक तेज़ गति से प्रगति की है। मिशन के तहत निर्धारित लक्ष्यों में से आधे से अधिक लक्ष्य तीन वर्षों के भीतर पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने क्वांटम-सुरक्षित संचार (Quantum Secure Communication) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसका उपयोग रक्षा, साइबर सुरक्षा, रणनीतिक संचार और संवेदनशील सरकारी सूचनाओं की सुरक्षा में किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार और संबंधित अनुसंधान क्षेत्रों में तेजी से अपना वैश्विक स्थान मजबूत कर रहा है। यह उपलब्धि देश की वैज्ञानिक क्षमता और अनुसंधान क्षेत्र में बढ़ती दक्षता का प्रमाण है।

THE NEWS FRAME

हर क्षेत्र में आवश्यक बन रही है एआई

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) अब केवल सूचना प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं रही, बल्कि शासन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, उद्योग, कृषि, अनुसंधान और सार्वजनिक सेवा वितरण सहित लगभग हर क्षेत्र में इसकी भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर, उच्च क्षमता वाले कंप्यूटिंग संसाधन, ऊर्जा आपूर्ति और डेटा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में लगातार निवेश कर रहा है, ताकि एआई आधारित अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।

अंतरिक्ष और परमाणु क्षेत्र में नई संभावनाएं

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए सुधारों के कारण अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ी है, जिससे देश में स्टार्टअप संस्कृति को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी हालिया नीतिगत बदलावों से निवेश, तकनीकी सहयोग और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि भविष्य में डेटा सेंटर, सुपर कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए भरोसेमंद ऊर्जा स्रोतों की आवश्यकता बढ़ेगी और इस आवश्यकता को पूरा करने में परमाणु ऊर्जा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

एनईपी 2020 ने बदली शिक्षा की दिशा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उल्लेख करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह भारत की शिक्षा व्यवस्था में सबसे बड़ा परिवर्तनकारी सुधार है। नई शिक्षा नीति ने छात्रों को पारंपरिक विषयों की सीमाओं से बाहर निकलकर बहुविषयक (Multidisciplinary) शिक्षा और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।

उन्होंने कहा कि यह नीति छात्रों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने की स्वतंत्रता देती है तथा नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देती है। इससे भविष्य में वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और नवप्रवर्तकों की नई पीढ़ी तैयार होगी।

अनुसंधान और उद्योग के बीच बढ़ रहा सहयोग

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत अब केवल सरकारी अनुसंधान मॉडल तक सीमित नहीं है। देश में शिक्षा संस्थानों, उद्योगों, स्टार्टअप कंपनियों और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इससे अनुसंधान के परिणामों का व्यावसायीकरण तेज़ होगा और नई तकनीकों को तेजी से बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रही है, जहां वित्तीय संसाधन, वैज्ञानिक प्रतिभा और आधुनिक तकनीक मिलकर वैश्विक स्तर की खोजों को जन्म दें।

युवाओं से नवाचार में भागीदारी का आह्वान

अपने संबोधन के अंत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने देश के युवाओं से विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के पास ज्ञान, डिजिटल संसाधनों और आधुनिक शिक्षा तक अभूतपूर्व पहुंच है। यदि युवा इन अवसरों का सही उपयोग करें तो भारत को विश्व की अग्रणी नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था बनाने का सपना साकार किया जा सकता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा, अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष विज्ञान और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे सुधार भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेंगे और देश को वैश्विक तकनीकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment