
जमशेदपुर: Muharram की दसवीं के अवसर पर जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सामाजिक सौहार्द और पुलिस-जन सहयोग की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। ईदगाह मैदान स्थित प्रसिद्ध नौजवान अखाड़ा में पूर्वी सिंहभूम के सिटी एसपी ललित मीणा सहित कई पुलिस अधिकारियों और शांति समिति के पदाधिकारियों का पारंपरिक तरीके से पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय ही किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण एवं सफल बनाता है।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में अखाड़ा समिति के सदस्य, स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में भाईचारे और आपसी सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।
पगड़ी पहनाकर किया गया सम्मान
ईदगाह मैदान स्थित नौजवान अखाड़ा में आयोजित समारोह के दौरान सिटी एसपी ललित मीणा, डीएसपी दयानंद कुमार, आजादनगर थाना प्रभारी चंदन कुमार, ट्रैफिक थाना प्रभारी, आजादनगर थाना शांति समिति के सचिव मुख्तार आलम खान तथा एसआई मनीष राय का पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पगड़ी पहनाकर और सम्मान स्वरूप स्वागत किया गया।
अखाड़ा समिति के सदस्यों ने कहा कि पुलिस प्रशासन ने मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिस प्रकार से दिन-रात मेहनत की है, वह सराहनीय है। अधिकारियों के प्रयासों से पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और अनुशासन का वातावरण बना रहा, जिसके लिए समाज की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया।

शांति समिति की रही अहम भूमिका
सम्मान समारोह आजादनगर थाना शांति समिति के सचिव मुख्तार आलम खान की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक आयोजन की सफलता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं होती, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक होती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के बीच लगातार संवाद बनाए रखने के कारण इस बार मुहर्रम का आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। शांति समिति के सदस्यों ने समय-समय पर लोगों से संयम बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
अखाड़ा के पदाधिकारियों ने किया स्वागत
नौजवान अखाड़ा के सरपरस्त शाहिद परवेज, लाइसेंसधारी मो. अलाउद्दीन, असगर हुसैन, मो. फिरोज तथा हाजी अयूब अली ने सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि मुहर्रम केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह त्याग, बलिदान, इंसाफ और मानवता का संदेश भी देता है। ऐसे अवसर पर समाज और प्रशासन का एक साथ आना सामाजिक एकता को और मजबूत बनाता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने का प्रयास जारी रहेगा।
गरीब नवाज़ अखाड़ा में भी हुआ सम्मान
ईदगाह मैदान के कार्यक्रम के बाद सिटी एसपी ललित मीणा जाकिरनगर चौक स्थित गरीब नवाज़ अखाड़ा भी पहुंचे। वहां मुहर्रम कमेटी के सरपरस्त मो. कादिर एवं अखाड़ा समिति के सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
इस अवसर पर सिटी एसपी को पारंपरिक सम्मान के रूप में तलवार भेंट की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि यह सम्मान पुलिस प्रशासन द्वारा समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रति किए गए उत्कृष्ट कार्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
सिटी एसपी ने भी अखाड़ा समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता जितना मजबूत होगा, कानून व्यवस्था उतनी ही बेहतर होगी।
शांति और भाईचारे का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान मौजूद सभी वक्ताओं ने समाज के लोगों से आपसी प्रेम, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्वों का वास्तविक उद्देश्य लोगों को जोड़ना है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद से दूर रहना चाहिए।
सभी ने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन का सहयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो किसी भी बड़े आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे लोग
इस सम्मान समारोह में मो. नवाब, मो. नेसार अहमद, मो. शरू, शाहरुख खान, मो. मकबूल आलम, मो. शाहिद, सोनू, पप्पू, जुम्मन, कल्लू तथा मन्नू सहित बड़ी संख्या में अखाड़ा समिति के सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सभी लोगों ने एक-दूसरे को मुहर्रम की शुभकामनाएं दीं और समाज में अमन-चैन तथा भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।
पुलिस-जन सहयोग बना मिसाल
Muharram जैसे संवेदनशील धार्मिक अवसर पर जिस प्रकार पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर व्यवस्था संभाली, वह अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है। प्रशासन की सतर्कता, शांति समिति की सक्रिय भूमिका और अखाड़ा समितियों के सहयोग से पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सम्मान समारोह केवल औपचारिकता नहीं होते, बल्कि यह पुलिस और जनता के बीच विश्वास, सम्मान और सहयोग की भावना को और अधिक मजबूत करते हैं।
Muharram की दसवीं पर आजादनगर के नौजवान अखाड़ा और गरीब नवाज़ अखाड़ा में आयोजित सम्मान समारोह ने यह साबित कर दिया कि जब समाज और प्रशासन एक साथ खड़े होते हैं तो किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और सफल बनाया जा सकता है। सिटी एसपी ललित मीणा सहित पुलिस अधिकारियों का सम्मान केवल उनके कार्यों की सराहना नहीं, बल्कि समाज की ओर से पुलिस के प्रति विश्वास और सम्मान का प्रतीक भी है। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और सभी ने शांति, एकता तथा भाईचारे के साथ समाज को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।










































