
जमशेदपुर: पोखारी स्थित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी परिसर सोमवार को आध्यात्मिकता, उत्साह और उल्लास के रंगों से सराबोर नजर आया, जब यहां 16वें साईं महोत्सव के साथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह का जन्मदिवस भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर नेताजी सुभाष ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों के पदाधिकारी, शिक्षक, डॉक्टर, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिरडी साईं बाबा की विशेष पूजा-अर्चना से हुई। वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच आयोजित महाआरती एवं भजन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह ने अपने परिवार के साथ साईं बाबा की पूजा कर सभी के सुख, समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की।
पूजा-अर्चना के पश्चात श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
आध्यात्मिक कार्यक्रम के बाद कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह का जन्मदिन समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज एवं विभिन्न स्कूलों के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों और डॉक्टरों ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं तथा उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
अपने संबोधन में श्री मदन मोहन सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्थान से जुड़े लोगों का प्रेम और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करना संस्थान का प्रमुख उद्देश्य है तथा भविष्य में भी विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रभात कुमार पाणी ने कहा कि कुलाधिपति की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व के कारण ही आज नेताजी सुभाष ग्रुप क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने उनके स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। शिक्षकों, प्राचार्यों, चिकित्सकों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से कुलाधिपति को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की। सौहार्दपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया।













































