
रांची/जमशेदपुर। झारखंड आंदोलनकारी एवं समाजसेवी गणेश प्रसाद ने गुरुजी शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे झारखंड के लिए गर्व और सम्मान का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा दिया गया यह सम्मान गुरुजी के लंबे संघर्ष, जनसेवा और झारखंड आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान की स्वीकृति है।

गणेश प्रसाद ने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन ने झारखंड की पहचान, आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों और अलग राज्य के निर्माण के लिए अपना पूरा जीवन संघर्ष में समर्पित कर दिया। उनके नेतृत्व और अनेक आंदोलनकारियों के त्याग एवं बलिदान के परिणामस्वरूप झारखंड राज्य का सपना साकार हो सका।
उन्होंने कहा कि पद्म भूषण सम्मान निश्चित रूप से गुरुजी के योगदान का सम्मान है, लेकिन उनके विचार में शिबू सोरेन का योगदान इतना व्यापक और ऐतिहासिक है कि वे भारत रत्न के वास्तविक हकदार हैं। केंद्र सरकार को उनके राष्ट्र और समाज के प्रति योगदान को देखते हुए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित करने पर विचार करना चाहिए।
गणेश प्रसाद ने कहा कि गुरुजी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि झारखंड की अस्मिता, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक थे। उन्होंने वर्षों तक गरीबों, किसानों, मजदूरों और आदिवासी समाज की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया।
उन्होंने विश्वास जताया कि गुरुजी को मिला यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष, समर्पण और जनसेवा से प्रेरणा लेने का अवसर देगा। साथ ही उन्होंने झारखंडवासियों से गुरुजी के दिखाए मार्ग पर चलकर राज्य के विकास और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।








































