
जमशेदपुर: राष्ट्रीय कैडेट कोर NCC के मूल उद्देश्यों अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा—को साकार करने की दिशा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जमशेदपुर में 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (Annual Training Camp) का शुभारंभ हो गया है। यह प्रशिक्षण शिविर 25 जून से 4 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों से आए 550 से अधिक जूनियर एवं सीनियर कैडेट्स भाग ले रहे हैं।

शिविर का उद्देश्य कैडेट्स के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना, उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना तथा राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण की भावना विकसित करना है। आगामी दस दिनों तक कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
विभिन्न शिक्षण संस्थानों से पहुंचे 550 से अधिक कैडेट्स
इस वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में जिले और आसपास के विभिन्न स्कूलों एवं महाविद्यालयों के जूनियर डिवीजन (JD), जूनियर विंग (JW), सीनियर डिवीजन (SD) और सीनियर विंग (SW) के 550 से अधिक कैडेट्स शामिल हुए हैं।
एनसीसी का यह वार्षिक शिविर युवाओं को एक ऐसा साझा मंच प्रदान करता है, जहां वे विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले साथियों के साथ रहकर आपसी सहयोग, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं। शिविर के दौरान कैडेट्स एक-दूसरे के अनुभवों से सीखते हैं और सामूहिक जीवन के महत्व को समझते हैं।
कैंप कमांडेंट कर्नल विनय आहूजा ने किया उद्घाटन
शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कैंप कमांडेंट कर्नल विनय आहूजा ने सभी कैडेट्स का स्वागत किया और उन्हें एनसीसी की गौरवशाली परंपराओं से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि एनसीसी का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण देना नहीं है, बल्कि ऐसे जिम्मेदार और जागरूक नागरिक तैयार करना है जो देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा के साथ निभा सकें।
उन्होंने एनसीसी के आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन (Unity and Discipline)” का उल्लेख करते हुए कहा कि यही दो मूलभूत सिद्धांत प्रत्येक कैडेट के जीवन का आधार बनने चाहिए। यदि युवा पीढ़ी अनुशासन और एकता को अपने जीवन में अपनाती है, तो देश का भविष्य और अधिक मजबूत होगा।
चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता पर विशेष जोर
अपने संबोधन में कर्नल आहूजा ने कहा कि आज के समय में युवाओं के भीतर नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि एनसीसी इन्हीं गुणों को विकसित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यहां कैडेट्स न केवल सैन्य अनुशासन सीखते हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में कार्य करना, टीम के साथ समन्वय बनाना, समय प्रबंधन और जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी सीखते हैं।
उन्होंने कैडेट्स से पूरे उत्साह, समर्पण और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण लेने का आह्वान किया।
दस दिनों तक चलेगा व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम
कर्नल विनय आहूजा ने कैडेट्स को आगामी दस दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान कैडेट्स को विभिन्न विषयों पर व्यवहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रत्येक कैडेट के व्यक्तित्व का संतुलित विकास हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रमुख गतिविधियां होंगी—
- परेड एवं ड्रिल प्रशिक्षण
- हथियार संचालन एवं फायरिंग का प्रशिक्षण
- शारीरिक फिटनेस अभ्यास
- एडवेंचर गतिविधियां
- व्यक्तित्व विकास सत्र
- नेतृत्व विकास कार्यक्रम
- सामाजिक जागरूकता अभियान
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- समूह प्रतियोगिताएं
- राष्ट्रभक्ति एवं प्रेरणादायक व्याख्यान
इन सभी गतिविधियों के माध्यम से कैडेट्स को अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
शारीरिक और मानसिक विकास पर रहेगा समान फोकस
एनसीसी प्रशिक्षण केवल सैन्य गतिविधियों तक सीमित नहीं है। इस शिविर में कैडेट्स के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सुबह की नियमित परेड, योग, व्यायाम और फिटनेस गतिविधियों के माध्यम से उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम, समूह चर्चा और प्रेरणादायक व्याख्यान उनके आत्मविश्वास और संचार कौशल को मजबूत करेंगे।
इस प्रकार प्रशिक्षण का उद्देश्य कैडेट्स को हर दृष्टि से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से निखरेगी प्रतिभा
शिविर के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें कैडेट्स अपनी कला, संगीत, नृत्य, नाटक और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं का प्रदर्शन करेंगे।
इसके अलावा भाषण, वाद-विवाद, क्विज़, पोस्टर निर्माण और अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे युवाओं की रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिलेगा।
इन गतिविधियों का उद्देश्य कैडेट्स के व्यक्तित्व को बहुआयामी बनाना है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स होंगे सम्मानित
कर्नल विनय आहूजा ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
श्रेष्ठ ड्रिल, श्रेष्ठ फायरिंग, श्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रस्तुति, श्रेष्ठ अनुशासन, श्रेष्ठ नेतृत्व और अन्य श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इससे कैडेट्स के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होंगे।
NIT जमशेदपुर प्रशासन का जताया आभार
अपने संबोधन के दौरान कर्नल विनय आहूजा ने NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर, रजिस्ट्रार प्रो. एस. के. सारंगी तथा संस्थान के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा शिविर के सफल आयोजन के लिए परिसर, आवास, प्रशिक्षण स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिसके कारण इतने बड़े स्तर पर प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन संभव हो पाया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी संस्थान इसी प्रकार एनसीसी गतिविधियों को सहयोग देता रहेगा।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका होगी और मजबूत
एनसीसी लंबे समय से देश के युवाओं में अनुशासन, सेवा, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का कार्य कर रही है। इस प्रकार के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं देते, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
ऐसे शिविरों के माध्यम से कैडेट्स सामाजिक सेवा, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर भी जागरूक होते हैं।
यही कारण है कि एनसीसी को देश के सबसे प्रभावशाली युवा संगठनों में से एक माना जाता है।
NIT जमशेदपुर में शुरू हुआ 10 दिवसीय एनसीसी वार्षिक प्रशिक्षण शिविर युवाओं के व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 550 से अधिक कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि देश के युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
4 जुलाई तक चलने वाले इस शिविर में कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण, व्यक्तित्व विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों और नेतृत्व प्रशिक्षण का व्यापक अनुभव मिलेगा। शिविर के अंत तक ये कैडेट्स न केवल बेहतर प्रशिक्षित होंगे, बल्कि एक जिम्मेदार, अनुशासित और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले नागरिक के रूप में भी विकसित होंगे।
एनसीसी का आदर्श वाक्य “एकता और अनुशासन” इस पूरे प्रशिक्षण शिविर की आत्मा है और यही संदेश आने वाली पीढ़ी को मजबूत, जागरूक और राष्ट्र समर्पित नागरिक बनने की प्रेरणा देता रहेगा।











































