
सरायकेला: खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र में चर्चित KGN मेडिकल दुकान फायरिंग, रंगदारी और लूटकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगभग एक वर्ष से फरार चल रहे आरोपी सारिक साह उर्फ घेघा को पुलिस ने विशेष छापेमारी अभियान चलाकर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि वह घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस को चकमा दे रहा था।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्या था KGN मेडिकल दुकान फायरिंग और रंगदारी कांड?
यह मामला 5 अप्रैल 2025 की रात का है, जब कपाली के कबीरनगर स्थित KGN मेडिकल दुकान में हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया था। घटना रात करीब 9:50 बजे की बताई जाती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई अपराधी अचानक मेडिकल दुकान में पहुंचे और दुकान संचालक साकिब परवेज से रंगदारी की मांग करने लगे।
जब दुकान संचालक ने अपराधियों की मांग का विरोध किया तो बदमाशों ने आक्रामक रुख अपना लिया। आरोप है कि अपराधियों ने जानलेवा फायरिंग की, दुकान में तोड़फोड़ की और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैला दी। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने नकदी और मोबाइल फोन भी लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बन गया था। व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी तथा अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।
घटना के बाद पुलिस ने शुरू की थी व्यापक जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए कपाली ओपी में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच शुरू होते ही पुलिस ने कई स्तरों पर कार्रवाई की। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि मुख्य आरोपियों में शामिल सारिक साह उर्फ घेघा लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। वह अपना ठिकाना बदल-बदलकर रह रहा था, जिसके कारण उसकी गिरफ्तारी में समय लग रहा था।
इसके बावजूद पुलिस ने उसकी तलाश जारी रखी और लगातार उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
फरार आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम को आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे हर हाल में गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
विशेष टीम ने कई दिनों तक गुप्त रूप से जानकारी जुटाई। आरोपी के संपर्कों, उसके आने-जाने के रास्तों और संभावित ठिकानों की पहचान की गई। तकनीकी सर्विलांस के साथ-साथ मानवीय सूचना तंत्र का भी उपयोग किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी एक विशेष इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद गिरफ्तारी की रणनीति तैयार की गई।
मुर्दा मैदान क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर 21 जून 2026 को बगानशाही रोड नंबर-7 स्थित मुर्दा मैदान क्षेत्र में छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सावधानीपूर्वक अभियान चलाया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने सारिक साह उर्फ घेघा को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी भागने का प्रयास कर सकता था, इसलिए पुलिस पूरी तैयारी के साथ मौके पर पहुंची थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना के दौरान उसकी क्या भूमिका थी और उसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर किस प्रकार अपराध को अंजाम दिया था।
घटना में इस्तेमाल हथियार पहले ही हो चुके हैं बरामद
पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्रयुक्त पिस्टल और गोलियां पहले ही बरामद की जा चुकी हैं। यह बरामदगी सह-आरोपी दानिश कुरैशी उर्फ छोटू की निशानदेही पर हुई थी।
इसके अलावा मामले में शामिल अन्य आरोपियों के पास से भी हथियार जब्त किए गए थे। पुलिस का मानना है कि हथियारों की बरामदगी से मामले की जांच को काफी मजबूती मिली है और आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने में मदद मिली है।
हथियारों की फॉरेंसिक जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से पुलिस पूरे मामले को और मजबूत बनाने में जुटी हुई है।
लंबा है आरोपी का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी सारिक साह उर्फ घेघा का आपराधिक इतिहास काफी लंबा बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में चोरी, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं। आरोपी के खिलाफ सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पड़ोसी राज्य ओडिशा के विभिन्न थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और कई मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है। उसके आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
व्यापारियों में राहत, अपराधियों में बढ़ी चिंता
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों ने राहत की सांस ली है। KGN मेडिकल दुकान पर हुई फायरिंग और रंगदारी की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था।
व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं व्यवसायिक माहौल को प्रभावित करती हैं और लोगों में भय पैदा करती हैं। ऐसे में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है।
वहीं अपराध जगत से जुड़े लोगों के लिए भी यह कार्रवाई एक सख्त संदेश माना जा रहा है कि पुलिस अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शने वाली नहीं है।
पुलिस टीम की भूमिका रही सराहनीय
इस पूरे अभियान में कपाली ओपी प्रभारी अविनाश कुमार, रणजीत कुमार सिंह, मनोज कुमार राय सहित पुलिस बल के अन्य जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने लगातार मेहनत करते हुए आरोपी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों ने भी टीम के प्रयासों की सराहना की है। उनका कहना है कि अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
KGN मेडिकल दुकान फायरिंग, रंगदारी और लूटकांड मामले में फरार आरोपी सारिक साह उर्फ घेघा की गिरफ्तारी कपाली पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लगभग एक वर्ष तक पुलिस को चकमा देने वाला आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है।
इस गिरफ्तारी से न केवल मामले की जांच को नई दिशा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी जाएगा। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि इस केस से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।










































