
खूंटी, 21 जून। झारखंड के खूंटी जिले के तिलमी जंगल में सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के सदस्यों के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन का एक कुख्यात कमांडर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि उग्रवादी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं, जिसके बाद संयुक्त अभियान चलाया गया।

जानकारी के अनुसार, जंगल में पुलिस टीम के पहुंचते ही उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों ओर से गोलियां चलीं। मुठभेड़ के दौरान पीएलएफआई कमांडर श्रवण दास को गोली लगने की सूचना है। बताया जाता है कि वह कर्रा और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से सक्रिय था तथा कई मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी।
अभियान के दौरान उग्रवादियों ने पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाले रखा। घटनास्थल से हथियार, कारतूस और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच कर संगठन की गतिविधियों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी जंगल क्षेत्र में तैनात किया गया है ताकि फरार उग्रवादियों को पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हाल के वर्षों में खूंटी और आसपास के क्षेत्रों में उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगाया गया है। सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियानों के कारण उग्रवादी संगठनों का प्रभाव कमजोर पड़ा है, फिर भी समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।








































