
उत्तर प्रदेश: Meerut जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सात वर्षीय मासूम अंगदवीर के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मृतक की मां और उसके कथित प्रेमी की भूमिका सामने आई है। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर बच्चे की हत्या की साजिश रची थी।

इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि समाज में पारिवारिक मूल्यों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।
अपहरण के बाद जंगल में मिला मासूम का शव
जानकारी के अनुसार, बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज निवासी सात वर्षीय अंगदवीर कुछ दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
बाद में पुलिस जांच के दौरान बच्चे का शव हस्तिनापुर क्षेत्र के जंगल में बरामद किया गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया।
पुलिस जांच में सामने आया कथित प्रेम संबंध का मामला
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान मीरापुर निवासी अर्पित नामक युवक को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में पुलिस को मृतक की मां गुरप्रीत कौर और आरोपी के बीच लगातार संपर्क के प्रमाण मिले।
जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध थे और इसी संबंध को छिपाने के लिए बच्चे को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
पुलिस का दावा मां को थी पूरी योजना की जानकारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई कि हत्या की कथित साजिश की जानकारी मृतक की मां को पहले से थी। पुलिस का आरोप है कि उसने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम की योजना बनाई थी।
हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
मां ने कथित तौर पर खुद बेटे को कार में बैठाया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि घटना वाले दिन बच्चे को उसकी मां ने यह कहकर आरोपी की कार में बैठाया कि वह उसे चॉकलेट दिलाने ले जा रहा है।
मासूम बच्चे ने अपनी मां की बात पर भरोसा किया और कार में बैठ गया। इसके बाद आरोपी उसे अपने साथ ले गया, जहां कथित रूप से उसकी हत्या कर दी गई।
सीसीटीवी फुटेज ने जांच को दी नई दिशा
पुलिस के अनुसार, जिस रास्ते से आरोपी की कार गुजरी थी, वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में वाहन की गतिविधियां रिकॉर्ड हो गई थीं।
इसी फुटेज ने जांच को महत्वपूर्ण दिशा दी और पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली। इसके बाद तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं।
मोबाइल चैट और कॉल रिकॉर्ड बने अहम सबूत
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें कथित तौर पर कई चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले।
पुलिस का दावा है कि मोबाइल संदेशों से हत्या की साजिश और उसके बाद की बातचीत के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां इन डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं ताकि पूरे मामले की पुष्टि की जा सके।
पति से तलाक चाहती थी महिला पुलिस पूछताछ में सामने आई बात
पुलिस पूछताछ में महिला ने कथित रूप से बताया कि वह अपने पति से अलग होना चाहती थी। उसका पति विदेश में नौकरी करता है और दोनों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे।
पुलिस का कहना है कि महिला ने कई बार तलाक की बात उठाई थी, लेकिन पति के इनकार करने के बाद परिस्थितियां और जटिल होती चली गईं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या यही विवाद इस घटना की पृष्ठभूमि बना।
पुलिस ने की गिरफ्तारी आगे की जांच जारी
मामले में पुलिस ने आरोपी युवक के साथ-साथ बच्चे की मां को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कई पहलुओं की जांच की जा रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समाज में उठे कई गंभीर सवाल
इस घटना ने समाज के सामने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। एक मासूम बच्चे की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि पारिवारिक विवाद और निजी संबंधों की कीमत एक निर्दोष बच्चे को क्यों चुकानी पड़ी।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि परिवारों में संवाद, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाने की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
Meerut में सात वर्षीय मासूम की हत्या का यह मामला अत्यंत संवेदनशील और दुखद है। पुलिस जांच में सामने आए आरोपों ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। हालांकि इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की नजर इस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है। समाज के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है कि पारिवारिक विवादों और व्यक्तिगत संबंधों के बीच बच्चों की सुरक्षा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।









































