जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में सोमवार को नव प्रवेशित प्रथम वर्ष के 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के स्टूडेंट्स एक्टिविटी सेंटर (TSG बिल्डिंग) में किया गया, जहां नए विद्यार्थियों का संस्थान में औपचारिक रूप से स्वागत किया गया।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को एनआईटी जमशेदपुर के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न विभागों, अध्ययन एवं शोध के अवसरों, विद्यार्थी गतिविधियों तथा संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व, नवाचार, जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, डीन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण, फैकल्टी सदस्य एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नव प्रवेशित विद्यार्थियों में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।
दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगीत से कार्यक्रम की शुरुआत
ओरिएंटेशन कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथियों के आगमन और उनके अभिनंदन के साथ हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन किया गया तथा राष्ट्रगीत के माध्यम से कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
अतिथियों के स्वागत के बाद संस्थान के अधिकारियों ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों का अभिनंदन किया। विद्यार्थियों को बताया गया कि एनआईटी जमशेदपुर में प्रवेश उनके शैक्षणिक जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि संस्थान में उन्हें केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं मिलेगी, बल्कि उनके व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को विकसित करने के लिए भी अनेक अवसर उपलब्ध होंगे।
विद्यार्थियों का संस्थान में किया गया स्वागत
कार्यक्रम में नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान के अधिकारियों ने उन्हें नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को एनआईटी जमशेदपुर की शैक्षणिक परंपरा और संस्थान की उपलब्धियों से परिचित कराया गया।
उन्हें बताया गया कि उच्च शिक्षा के इस महत्वपूर्ण चरण में नियमित अध्ययन के साथ समय प्रबंधन, अनुशासन और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को संस्थान की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए भी प्रेरित किया गया।

प्रो. अशोक कुमार ने विद्यार्थियों को दी महत्वपूर्ण जानकारी
डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) प्रो. अशोक कुमार ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने एनआईटी जमशेदपुर में उपलब्ध विभिन्न अवसरों और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थी जीवन से जुड़ी जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न सह-पाठ्यक्रम और छात्र गतिविधियों में भाग लेने से उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान के नियमों और अनुशासन का पालन करने तथा उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करने की सलाह दी।
प्रो. एम. के. सिन्हा ने शैक्षणिक उत्कृष्टता पर दिया जोर
डीन (एकेडमिक) प्रो. एम. के. सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अध्ययन के विभिन्न अवसरों तथा संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को विषयों की गहरी समझ विकसित करने, नई चीजें सीखने और अपने ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने का आह्वान किया।
विभागाध्यक्षों ने विभागीय गतिविधियों से कराया परिचित
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागाध्यक्षों और फैकल्टी-इन-चार्ज ने भी नव प्रवेशित विद्यार्थियों को अपने-अपने विभागों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने विभागों में संचालित शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्रयोगशालाओं, अध्ययन संसाधनों और अन्य सुविधाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि अपने विभाग के शिक्षकों और वरिष्ठ विद्यार्थियों के सहयोग से वे अपनी शैक्षणिक यात्रा को बेहतर बना सकते हैं।
विभागाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय रहने और अपने विषय से संबंधित नए क्षेत्रों के बारे में जानकारी हासिल करने की सलाह दी।
मुख्य अतिथि मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने दिया प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर जनरल जितेंद्र सिंह, वीएसएम रहे। उन्होंने नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एकता, अनुशासन, नेतृत्व और निःस्वार्थ सेवा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ अनुशासन, जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना भी आवश्यक है।
उन्होंने सशस्त्र बलों में अपनाए जाने वाले मूल्यों और अनुभवों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अपने जीवन में भी अनुशासन और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का किया उल्लेख
मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने अपने संबोधन के दौरान 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युद्ध में विभिन्न धर्मों और समुदायों से आने वाले सैनिकों ने एक राष्ट्र के रूप में मिलकर देश की रक्षा की।
उन्होंने इस उदाहरण के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि राष्ट्रीय एकता किसी भी धार्मिक, सामाजिक या व्यक्तिगत पहचान से ऊपर होती है। देश की सुरक्षा और विकास के लिए सभी नागरिकों का एकजुट रहना जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राष्ट्रसेवा और निःस्वार्थ भावना का संदेश
मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने सशस्त्र बलों में निःस्वार्थ सेवा की भावना को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी केवल सैनिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक का देश के प्रति अपना कर्तव्य है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश और समाज के विकास में करने के लिए प्रेरित किया। तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

‘Unlimited Liability’ की अवधारणा पर चर्चा
मुख्य अतिथि ने सैन्य जीवन के सिद्धांत “Unlimited Liability” का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसके माध्यम से साहस, जिम्मेदारी और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने की तत्परता के महत्व को समझाया।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि जिम्मेदारी का अर्थ केवल अपने कार्य को पूरा करना नहीं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्ध रहना है।
यह संदेश विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा और उन्होंने राष्ट्रहित में अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग करने की प्रेरणा प्राप्त की।
निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने नव प्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक एवं शोध के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि एनआईटी जमशेदपुर में उन्हें अपने ज्ञान और प्रतिभा को विकसित करने के लिए अनेक अवसर मिलेंगे। इन अवसरों का सही उपयोग कर विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को उत्कृष्टता, अनुशासन और नवाचार की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
नवाचार और शोध पर दिया गया जोर
निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक तरीके से पढ़ाई करने के बजाय नए विचारों और नवाचार को महत्व देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने शोध और तकनीकी विकास के क्षेत्र में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीकी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और विद्यार्थियों को नए ज्ञान, नई तकनीकों तथा आधुनिक शोध क्षेत्रों से लगातार जुड़ना होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों को समस्याओं को नए दृष्टिकोण से देखने और उनके तकनीकी समाधान तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान
निदेशक ने विद्यार्थियों को केवल सफल इंजीनियर या तकनीकी विशेषज्ञ बनने के बजाय जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश भी दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जिम्मेदारी केवल अपने करियर तक सीमित नहीं है। उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कर्नल आर. पी. सिंह ने अनुशासन का महत्व बताया
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कर्नल आर. पी. सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी नव प्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासित, केंद्रित और अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए केवल प्रतिभा पर्याप्त नहीं होती। निरंतर मेहनत, सही दिशा, अनुशासन और दृढ़ता भी जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने का आह्वान किया।
मेहनत और दृढ़ता से मिलती है सफलता
कर्नल आर. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को मेहनत और दृढ़ता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के दौरान चुनौतियां आना स्वाभाविक है।
ऐसे समय में विद्यार्थियों को निराश होने के बजाय अपनी गलतियों से सीखना चाहिए और लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने चरित्र निर्माण और जिम्मेदारी की भावना को भी सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी जीवन नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण समय होता है।
छात्र गतिविधियों, टीम वर्क, प्रोजेक्ट और विभिन्न संस्थागत कार्यक्रमों में भाग लेकर विद्यार्थी अपने नेतृत्व कौशल को बेहतर बना सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को दूसरों के विचारों का सम्मान करने, टीम के साथ काम करने और कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की सलाह दी।
संस्थान की सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील
विद्यार्थियों को एनआईटी जमशेदपुर में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक और अन्य सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

उन्हें बताया गया कि संस्थान में पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, शैक्षणिक संसाधन, शोध गतिविधियां, छात्र संगठन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनका सही उपयोग विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
विद्यार्थी गतिविधियों में भागीदारी का महत्व
डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) की ओर से विद्यार्थियों को विभिन्न छात्र गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक, तकनीकी, खेल और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेने से टीम भावना और व्यक्तित्व विकास में मदद मिलती है।
ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व और संवाद कौशल विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
विभागीय संवाद सत्र का होगा आयोजन
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत सभी विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभागों में नव प्रवेशित विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों के साथ संवाद सत्र आयोजित करने के लिए कहा गया।
ये संवाद सत्र दोपहर 3:30 बजे से आयोजित किए जाने हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने विभाग, शिक्षकों, शैक्षणिक कार्यक्रमों और संस्थान के समग्र अकादमिक वातावरण से परिचित कराना है।

इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विभाग की कार्यप्रणाली और शैक्षणिक गतिविधियों को समझने का अवसर मिलेगा।
शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद को मिलेगा बढ़ावा
विभागीय संवाद सत्रों से नए विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होने की उम्मीद है। शुरुआती दिनों में विद्यार्थियों के लिए नए संस्थान और नए वातावरण को समझना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ऐसे में शिक्षकों के साथ सीधा संवाद विद्यार्थियों की शंकाओं को दूर करने और उन्हें संस्थान के वातावरण में सहज बनाने में मदद करेगा।
नए विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान 2026 बैच के नव प्रवेशित विद्यार्थियों में काफी उत्साह देखने को मिला। नए विद्यार्थियों ने संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षकों से संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था और उपलब्ध अवसरों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को एनआईटी जमशेदपुर के वातावरण को समझने और अपनी नई शैक्षणिक यात्रा के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का अवसर प्रदान किया।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन स्टूडेंट्स काउंसिल के अध्यक्ष द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, संस्थान के निदेशक, डीन, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।
नई शैक्षणिक यात्रा की हुई शुरुआत
एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक वातावरण, विभिन्न अवसरों और जिम्मेदारियों से परिचित कराया गया। साथ ही उन्हें यह संदेश दिया गया कि आने वाले वर्षों में उन्हें निरंतर सीखने, मेहनत करने और अपने कौशल को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
ज्ञान और नवाचार के साथ आगे बढ़ने का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को ज्ञान, नवाचार और उत्कृष्टता को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्हें बताया गया कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं और विद्यार्थियों को इन बदलावों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा।
नई तकनीकों को समझने, शोध करने और समस्याओं के नए समाधान तलाशने की क्षमता भविष्य में विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका
ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका का भी एहसास कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश के तकनीकी और आर्थिक विकास में इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश और समाज के हित में करें।
अनुशासन और उत्कृष्टता को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण संदेश अनुशासन और उत्कृष्टता से जुड़ा रहा। विद्यार्थियों को बताया गया कि सफल करियर के लिए नियमित मेहनत और अनुशासन बेहद आवश्यक है।
उन्हें अपने समय का सही उपयोग करने, लक्ष्य निर्धारित करने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी गई। साथ ही अपने कार्य में गुणवत्ता और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रयास करने को कहा गया।

NIT जमशेदपुर में 2026 बैच के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम नई शैक्षणिक यात्रा की महत्वपूर्ण शुरुआत के रूप में सामने आया। स्टूडेंट्स एक्टिविटी सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, सुविधाओं, शोध के अवसरों तथा विद्यार्थी गतिविधियों से परिचित कराया गया।
मुख्य अतिथि मेजर जनरल जितेंद्र सिंह, वीएसएम ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, नेतृत्व और निःस्वार्थ सेवा के महत्व पर जोर दिया। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि देश की एकता और राष्ट्रभक्ति किसी भी धार्मिक या सामाजिक सीमा से ऊपर है। उन्होंने “Unlimited Liability” की अवधारणा के माध्यम से जिम्मेदारी, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना को समझाया।
संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक और शोध के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने, नवाचार को अपनाने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं कर्नल आर. पी. सिंह (सेवानिवृत्त) ने अनुशासन, मेहनत, चरित्र, दृढ़ता और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को सफलता का आधार बताया।
डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) प्रो. अशोक कुमार और डीन (एकेडमिक) प्रो. एम. के. सिन्हा ने भी विद्यार्थियों को संस्थान की सुविधाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थी जीवन की जिम्मेदारियों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के बाद सभी विभागों में दोपहर 3:30 बजे से विभागाध्यक्षों, शिक्षकों और नव प्रवेशित विद्यार्थियों के बीच संवाद सत्र आयोजित करने की योजना बनाई गई, ताकि विद्यार्थी अपने विभाग और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर तरीके से समझ सकें।
कुल मिलाकर, एनआईटी जमशेदपुर का यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, अनुशासन, नवाचार, नेतृत्व और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा लेकर आया। यह कार्यक्रम न केवल नए विद्यार्थियों के स्वागत का अवसर बना, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, सक्षम और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नागरिक के रूप में विकसित होने की दिशा भी दिखाता है।






























