📰 Share Local News

Be the voice of your city! Send text, photos & videos directly to our newsroom.

मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

पारडीह कालीबाड़ी में बच्चों की पिटाई का आरोप, आजादनगर थाना प्रभारी पर महिलाओं से अभद्रता के भी आरोप

On: August 22, 2026 10:35 PM
Follow Us:

जमशेदपुर | मानगो

---Advertisement---
Netaji Advertisement

पारडीह कालीबाड़ी, मानगो स्थित मंदिर परिसर में बच्चों के साथ कथित तौर पर मारपीट और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आजादनगर थाना प्रभारी पर मंदिर परिसर में पहुंचकर वहां खेल रहे बच्चों को लाठी से मारने तथा विरोध करने पर महिलाओं के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्रता करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी का माहौल है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, पारडीह कालीबाड़ी मंदिर परिसर में कुछ बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान आजादनगर थाना प्रभारी कथित रूप से मंदिर परिसर में पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने बच्चों को वहां खेलते देखकर लाठी से मारना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार किए जाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया।

लोगों के मुताबिक, विरोध के दौरान स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि इस दौरान महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर अभद्रता की गई और गाली-गलौज की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

मंदिर परिसर में रहते हैं कई परिवार

स्थानीय लोगों ने बताया कि पारडीह कालीबाड़ी मंदिर परिसर में कुछ परिवार अपने घरों में रहते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर उनके लिए केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि उनका आवासीय क्षेत्र भी है। यहां रहने वाले परिवारों के बच्चे परिसर में खेलते हैं और स्थानीय लोग रोजमर्रा की गतिविधियां भी करते हैं।

लोगों का कहना है कि यदि बच्चों के खेलने से किसी प्रकार की परेशानी या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या थी तो उन्हें समझाकर वहां से हटाया जा सकता था। लेकिन बच्चों के साथ कथित रूप से लाठी से मारपीट किए जाने का आरोप गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए।

स्थानीय लोगों में नाराजगी

घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन से जनता सुरक्षा और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा करती है। यदि किसी पुलिस अधिकारी पर बच्चों के साथ मारपीट और महिलाओं से अभद्रता के आरोप लगते हैं, तो मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घटना की जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। लोगों का यह भी कहना है कि धार्मिक एवं आवासीय परिसर में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग

इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चों के साथ कथित मारपीट और महिलाओं के साथ कथित अभद्रता जैसे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेना चाहिए। साथ ही, यदि घटना से संबंधित कोई वीडियो या अन्य प्रमाण उपलब्ध हैं, तो उनकी भी जांच की जानी चाहिए।

नोट: यह खबर स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारी या पुलिस प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में प्रमुखता से शामिल किया जायेगा।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Leave a Comment