जमशेदपुर, 23 अगस्त 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के निर्देश पर रविवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के सभी प्रखंडों में मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जमशेदपुर के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 6332 लाभार्थियों के बीच करीब 21.05 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों एवं योजनागत लाभ का वितरण किया गया।
कैंप का उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र लाभार्थियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी प्रखंडों में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ लीगल एड डिफेंस काउंसिल और अधिकार मित्रों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
विभिन्न प्रखंडों में आयोजित कैंप में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा प्रखंड स्तर के विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। लाभार्थियों को स्वास्थ्य, समाज कल्याण, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आवास, मनरेगा, राजस्व, आपूर्ति और जेएसएलपीएस समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।

जमशेदपुर प्रखंड में 151 लाभार्थियों को मिला 87.63 लाख का लाभ
जमशेदपुर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप में 151 लाभार्थियों के बीच 87 लाख 63 हजार रुपये की परिसंपत्तियों एवं योजनागत लाभ का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में परिवार न्यायालय के अपर न्यायाधीश धीरज कुमार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी उपस्थित रहे। इनके अलावा लीगल एड डिफेंस काउंसिल की रंजना पांडेय एवं योगिता कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सुमित प्रकाश, अंचल अधिकारी मनोज कुमार, प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन, सीडीपीओ सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
जमशेदपुर प्रखंड में वितरित किए गए लाभ में स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन, ग्रामीण आवास योजना, मनरेगा, राजस्व, आपूर्ति विभाग और जेएसएलपीएस से संबंधित योजनाएं शामिल रहीं।
अधिकारों के साथ कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवार न्यायालय के अपर न्यायाधीश धीरज कुमार ने कहा कि अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए कर्तव्यों के प्रति सजग रहना भी जरूरी है। उन्होंने परिवार और समाज में आपसी सामंजस्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आपसी समझ और सहयोग की कमी के कारण परिवारों एवं समाज में कटुता बढ़ रही है, जो सामाजिक बिखराव का एक प्रमुख कारण बन रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता की आवश्यकता होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA/DALSA) का सहयोग लें। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों एवं कानूनी उपायों की जानकारी उपलब्ध कराना विधिक सेवा संस्थाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने उपस्थित महिलाओं को घरेलू हिंसा, बाल विवाह और नशे के दुष्प्रभाव समेत विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी एवं सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने लोगों से कानून की जानकारी हासिल करने और आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध विधिक सहायता का लाभ उठाने की अपील की।
पारंपरिक रीति-रिवाज से अतिथियों का स्वागत
मेगा लीगल एंपावरमेंट कैंप में पहुंचे न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों का स्थानीय परंपरा और रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया गया। प्रखंड मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर पारंपरिक वेशभूषा में मौजूद महिलाओं ने अतिथियों के माथे पर चंदन का टीका लगाया, फूलों की माला पहनाई और पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित कैंप के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने के साथ-साथ उन्हें अपने कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता के प्रति भी जागरूक किया गया।

















