
पूर्वी सिंहभूम: ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल के तहत Shreenath विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए पाँच मेधावी ग्रामीण छात्रों को छात्रवृत्ति दी है। यह मेधावी छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन होनहार बच्चों के लिए वरदान है। पूर्वी सिंहभूम के पटमदा प्रखंड के विनापानी विद्या मंदिर के ये बच्चे अब बिना आर्थिक चिंता के पढ़ाई करेंगे। आइए, ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल को विस्तार से जानें – छात्रों के नाम, कार्यक्रम की झलक, महत्व और भविष्य की संभावनाएं।

Shreenath विश्वविद्यालय शिक्षा और CSR का प्रतीक
Shreenath विश्वविद्यालय, झारखंड का एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है, जो इंजीनियरिंग, मेडिसिन, आर्ट्स और अन्य कोर्सेस के लिए जाना जाता है। ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल इसकी कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) का हिस्सा है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ना है।
यह पहल समावेशी विकास पर केंद्रित है। कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो के नेतृत्व में विश्वविद्यालय सामाजिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। मेधावी छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं वंचित वर्गों को आगे लाती हैं, जो झारखंड जैसे राज्य के लिए जरूरी है। यहां आधुनिक सुविधाएं, अनुभवी फैकल्टी और प्लेसमेंट सपोर्ट उपलब्ध हैं।
चयनित छात्र ग्रामीण क्षेत्रों की चमकती ताराएं
ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड के विनापानी विद्या मंदिर से 5 मेधावी छात्र चुने गए। विश्वविद्यालय उनकी स्कूल फीस का 50% वहन करेगा:
- स्मृति (कक्षा 5, ग्राम गोपालपुर)
- ओम (कक्षा 6, ग्राम गोलकाता)
- सिरजीत (कक्षा 7, ग्राम बिर्रा)
- प्रेम (कक्षा 8, ग्राम बांगुरदा)
- अमित (कक्षा 9, ग्राम बांगुरदा)
ये बच्चे आर्थिक तंगी के बावजूद अपनी मेहनत से आगे बढ़े। मेधावी छात्रवृत्ति से उनकी पढ़ाई सुगम होगी। ऐसे छात्र ग्रामीण झारखंड की प्रतिभा का प्रतीक हैं, जहां संसाधनों की कमी रहती है।
छात्रवृत्ति वितरण समारोह भावुक और प्रेरणादायक पल
कार्यक्रम विनापानी विद्या मंदिर परिसर में आयोजित हुआ। विश्वविद्यालय के डीन प्रशासन डॉ. जे. राजेश और स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष शशिकांत सिंह ने छात्रों को प्रमाण-पत्र और छात्रवृत्ति प्रदान की। प्राचार्य, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे।
कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो ने कहा, “समाज के हर कोने में प्रतिभा है। ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल आर्थिक बाधाओं को दूर करेगी।” कार्यक्रम में बच्चों की खुशी और अभिभावकों की आंखों में आंसू थे। यह सिर्फ फीस माफी नहीं, बल्कि सपनों को पंख लगाना था।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- वितरण: प्रत्येक छात्र को 50% फीस माफी का प्रमाण-पत्र।
- भाषण: कुलाधिपति का प्रेरक संदेश।
- उपस्थिति: डीन, विभागाध्यक्ष, स्थानीय शिक्षक।
- उद्देश्य: प्रतिभा को प्रोत्साहन।
ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास जगाते हैं।
मेधावी छात्रवृत्ति का महत्व ग्रामीण शिक्षा में बदलाव
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रॉपआउट रेट 30-40% है। ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल जैसे कदम इसे रोकेंगे। फायदे:
- आर्थिक राहत: फीस का 50% बोझ कम।
- प्रोत्साहन: मेधा को मान्यता।
- भविष्य निर्माण: उच्च शिक्षा का रास्ता।
- सामाजिक प्रभाव: गांव स्तर पर जागरूकता।
मेधावी छात्रवृत्ति से ये बच्चे इंजीनियर, डॉक्टर बन सकते हैं। पटमदा जैसे प्रखंडों में जहां गरीबी ज्यादा है, यह क्रांति लाएगी। विश्वविद्यालय की CSR से राज्य का समग्र विकास होगा।
ग्रामीण शिक्षा की चुनौतियां
- आर्थिक तंगी: फीस, किताबें महंगी।
- दूरी: अच्छे स्कूल दूर।
- जागरूकता की कमी: अभिभावक पढ़ाई का महत्व न समझें।
- सुविधाओं की कमी: लैब, लाइब्रेरी नहीं।
श्रीनाथ विश्वविद्यालय इनका समाधान दे रहा है।
Shreenath विश्वविद्यालय की अन्य CSR पहलें
ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल अकेली नहीं। विश्वविद्यालय ने पहले स्वास्थ्य शिविर, कौशल प्रशिक्षण और ग्रामीण विकास कार्यक्रम चलाए। वार्षिक पत्रिका श्रीवाणी में ऐसी कहानियां छपती हैं। यह समतामूलक समाज बनाने की दिशा में कदम है।
झारखंड सरकार की मेधावी योजनाओं से प्रेरित होकर यह CSR मजबूत। अन्य विश्वविद्यालयों जैसे शिव नादर, शारदा भी छात्रवृत्ति देते हैं, लेकिन Shreenath का ग्रामीण फोकस खास।
| छात्र | कक्षा | गांव | लाभ |
|---|---|---|---|
| स्मृति | 5 | गोपालपुर | 50% फीस माफी |
| ओम | 6 | गोलकाता | 50% फीस माफी |
| सिरजीत | 7 | बिर्रा | 50% फीस माफी |
| प्रेम | 8 | बांगुरदा | 50% फीस माफी |
| अमित | 9 | बांगुरदा | 50% फीस माफी |
यह तालिका पहल की पारदर्शिता दिखाती है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए टिप्स
मेधावी छात्रवृत्ति पाने वालों के लिए:
- नियमित पढ़ाई करें, परीक्षा दें।
- अतिरिक्त गतिविधियों में भाग लें।
- अभिभावक: सपोर्ट दें, जागरूक रहें।
- शिक्षकों से संपर्क रखें।
- भविष्य के कोर्स सोचें।
ये टिप्स सफलता सुनिश्चित करेंगे।
Shreenath विश्वविद्यालय ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल को बढ़ाएगा। अगले सत्र में ज्यादा छात्र, नई प्रखंड। डिजिटल शिक्षा, मेंटरिंग जोड़ी जाएगी। पूर्वी सिंहभूम के गांवों का विकास होगा।
ग्रामीण प्रतिभाओं को संवारने की पहल Shreenath विश्वविद्यालय की सराहनीय कोशिश है। स्मृति, ओम जैसे बच्चे देश के भविष्य हैं। मेधावी छात्रवृत्ति से झारखंड की ग्रामीण प्रतिभाएं चमकेंगी। समाज सब मिलकर ऐसे प्रयासों को बढ़ावा दें। शिक्षा ही असली धन है!














