जमशेदपुर/मुंबई, 24 जुलाई 2026 । TATA STEEL फाउंडेशन ने अपनी ट्राइबल क्यूज़ीन (आदिवासी व्यंजन) पहल के तहत इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) और इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM), औरंगाबाद के सहयोग से देशभर के आदिवासी होम कुक्स के लिए आयोजित 10 दिवसीय बेसिक लेवल कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप का सफलतापूर्वक समापन किया।
13 से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला में देश के 8 राज्यों की 12 जनजातियों से जुड़े 20 आदिवासी होम कुक्स ने भाग लिया। यह कार्यक्रम पारंपरिक आदिवासी व्यंजनों को संरक्षित करने, प्रतिभागियों के कौशल को निखारने और उन्हें आधुनिक आतिथ्य एवं खाद्य उद्योग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को फूड हाइजीन एवं सुरक्षा, किचन संचालन, रेसिपी स्टैंडर्डाइजेशन, मेन्यू प्लानिंग, फूड प्रेजेंटेशन, ग्राहक सेवा तथा पेशेवर पाक-कला से जुड़े विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में कक्षा आधारित अध्ययन, प्रायोगिक प्रदर्शन और इंटरैक्टिव सत्र शामिल रहे, जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक होटल उद्योग के मानकों की जानकारी मिली। साथ ही उन्हें देशभर के आतिथ्य विशेषज्ञों, शेफ और अन्य प्रतिभागियों के साथ अनुभव साझा करने का अवसर भी मिला।
इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल के माध्यम से प्रतिभागी अपने पारंपरिक व्यंजनों की गुणवत्ता, प्रस्तुति और व्यावसायिक संभावनाओं को बेहतर बना सकेंगे। इससे उन्हें होम-बेस्ड फूड बिजनेस, कैटरिंग सेवाओं, फूड फेस्टिवल, पॉप-अप डाइनिंग और अन्य बाजार आधारित अवसरों के जरिए आजीविका के नए रास्ते भी मिलेंगे। इस अवसर पर IHCL के कार्यकारी उपाध्यक्ष (मानव संसाधन) गौरव पोखरियाल ने कहा कि क्षमता निर्माण आर्थिक अवसरों का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों के पारंपरिक पाक-कौशल को आधुनिक हॉस्पिटैलिटी प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें टिकाऊ आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

वहीं, TATA STEEL फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सौरव रॉय ने कहा कि भारत की आदिवासी समुदायों की पाक परंपराएं उनकी सांस्कृतिक पहचान और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ट्राइबल क्यूज़ीन पहल का उद्देश्य आदिवासी होम कुक्स के कौशल को मजबूत करना, उनकी आजीविका के अवसर बढ़ाना और उनके अनूठे व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। यह कार्यशाला पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक आतिथ्य और उद्यमिता को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
TATA STEEL फाउंडेशन का यह कार्यक्रम आदिवासी व्यंजनों को सांस्कृतिक संरक्षण, आर्थिक सशक्तिकरण और सतत आजीविका से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संस्था का लक्ष्य पारंपरिक आदिवासी भोजन को व्यापक बाजार तक पहुंचाना और आदिवासी समुदायों को उभरते खाद्य एवं आतिथ्य क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।













