
जमशेदपुर: Karim सिटी कॉलेज में अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार का आज 27 अप्रैल 2026 को भव्य समापन हुआ। विषय था – “All the internet is a stage: Shakespeare and digital humanities”। 25 अप्रैल से चला यह सेमिनार शेक्सपियर अध्ययन और डिजिटल तकनीक के संगम पर केंद्रित रहा। यह न सिर्फ शैक्षणिक आयोजन था, बल्कि साहित्य जगत में नई दिशा दिखाने वाला मंच साबित हुआ। आइए, Karim सिटी कॉलेज में अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार को विस्तार से जानें।

Karim सिटी कॉलेज अंग्रेजी विभाग की शानदार परंपरा
जमशेदपुर का Karim सिटी कॉलेज कोल्हान विश्वविद्यालय से संबद्ध NAAC ‘B++’ ग्रेड वाला प्रतिष्ठित संस्थान है। अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग हमेशा से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करता रहा है। इस बार “Shakespeare and digital humanities” विषय पर फोकस ने इसे खास बना दिया। विभाग प्रमुख डॉ. एसएम यहिया इब्राहीम ने संगठन किया, जो Authors Press, Delhi और IQAC@KCC के सहयोग से चला।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Google Meet ने वैश्विक भागीदारी सुनिश्चित की। ऐसे सेमिनार साहित्य छात्रों को डिजिटल युग की समझ देते हैं। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में यह साहित्य-तकनीक का अनोखा मेल था।
सेमिनार का शुभारंभ डॉ. यहिया का जोरदार स्वागत
25 अप्रैल को डॉ. एसएम यहिया इब्राहीम के फॉर्मल वेलकम एड्रेस से शुरूआत हुई। उन्होंने कीनोट स्पीकर्स, डिग्निटरीज और पार्टिसिपेंट्स का स्वागत किया। प्रोफेसर एम रिजवान खान (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) ने कीनोट एड्रेस दिया। उन्होंने शेक्सपियर को डिजिटल इकोसिस्टम में डायनामिक नेटवर्क बताया।
लिटरेरी स्टडीज के बदलते परिवेश पर उनका विश्लेषण प्रेरक रहा। डिजिटल संस्करण, कम्प्यूटेशनल स्टाइलिस्टिक्स और एल्गोरिदमिक एज पर चर्चा हुई। यह व्याख्यान ने सेमिनार को नई ऊंचाई दी।
प्रमुख वक्ता वैश्विक हस्तियां एक मंच पर
Karim सिटी कॉलेज में अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार में देश-विदेश की हस्तियां शामिल हुईं:
- एम असदुद्दीन (जामिया मिलिया इस्लामिया)
- क्रिस्टी कार्सन (लंदन)
- ताबिश खैर (डेनमार्क)
- विभा शर्मा (AMU)
- साबिर अली (मिदनापुर कॉलेज)
- सुमिता साहू (पुर्तगाल)
इनके शोध पत्रों ने शेक्सपियर को डिजिटल लेंस से देखा। प्लेनरी लेक्चर्स, पैनल डिस्कशन और पैरेलल सेशन्स चले। चयनित पेपर्स एडिटेड वॉल्यूम में प्रकाशित होंगे।
चर्चा के मुख्य विषय
- डिजिटल एडिशन्स ऑफ शेक्सपियर।
- कम्प्यूटेशनल एनालिसिस।
- डिजिटल कल्चर का प्रभाव।
- परफॉर्मेंस एंड पेडागॉजी इन डिजिटल एज।
ये विषय साहित्य को तकनीक से जोड़ते हैं।
Shakespeare and Digital Humanities विषय का महत्व
“All the internet is a stage” शेक्सपियर के “All the world’s a stage” से प्रेरित है। डिजिटल ह्यूमैनिटीज में शेक्सपियर टेक्स्ट एनालिसिस, वर्चुअल परफॉर्मेंस और AI टूल्स से जीवंत हो रहा है। डिजिटल एडिशन्स से रेयर मैनुस्क्रिप्ट्स उपलब्ध। कम्प्यूटेशनल स्टाइलिस्टिक्स से लेखन पैटर्न समझ आते हैं।
भारत में AMU, जामिया जैसे संस्थान इस क्षेत्र में आगे हैं। Karim सिटी कॉलेज ने झारखंड को वैश्विक पटल पर ला खड़ा किया। ऐसे सेमिनार छात्रों को फ्यूचर-रेडी बनाते हैं।
| वक्ता | संस्थान | योगदान |
|---|---|---|
| एम रिजवान खान | AMU | कीनोट: डिजिटल शेक्सपियर |
| एम असदुद्दीन | जामिया | शोध पत्र |
| क्रिस्टी कार्सन | लंदन | अंतरराष्ट्रीय दृष्टि |
| ताबिश खैर | डेनमार्क | साहित्यिक विश्लेषण |
यह तालिका सेमिनार की विविधता दिखाती है।
समापन धन्यवाद के साथ सम्मानजनक अंत
27 अप्रैल को ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. एसएम यहिया के धन्यवाद ज्ञापन से समापन हुआ। सभी वक्ताओं, पार्टिसिपेंट्स का आभार माना। प्रमाण-पत्र वितरित हुए। ऑनलाइन मोड ने समय क्षेत्रीय अंतर सुलझाया।
कॉलेज ने हाल ही NEP 2020 पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी की, जो उनकी एक्टिविटी दिखाता है।
डिजिटल ह्यूमैनिटीज का भविष्य भारत में संभावनाएं
Karim सिटी कॉलेज में अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार ने साबित किया कि डिजिटल ह्यूमैनिटीज साहित्य का नया दौर है। भारत में MGU जैसे विश्वविद्यालय भी आगे बढ़ रहे।
फायदे:
- डेटा-ड्रिवन लिटरेरी रिसर्च।
- ग्लोबल एक्सेस टू क्लासिक्स।
- इंटरडिसिप्लिनरी अप्रोच।
- स्टूडेंट्स के लिए न्यू करियर।
झारखंड के छात्र अब AI, VR से शेक्सपियर पढ़ सकेंगे।
छात्रों-अभ्यंतरियों के लिए टिप्स
ऐसे सेमिनार में भाग लें:
- पेपर सबमिट करें।
- कीनोट नोट्स लें।
- नेटवर्किंग करें।
- एडिटेड वॉल्यूम पब्लिश कराएं।
- डिजिटल टूल्स सीखें।
Karim सिटी कॉलेज में अंग्रेजी स्नातकोत्तर विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेमिनार ने शेक्सपियर को डिजिटल युग में जीवंत किया। वैश्विक वक्ताओं का योगदान साहित्य को नई दिशा देगा। जमशेदपुर गर्व महसूस करे।














