मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

Sudha गुप्ता की पहल से थमा विवाद महिला कांग्रेस ने सरयू राय के खिलाफ आंदोलन किया रद्द

On: July 29, 2026 6:36 PM
Follow Us:
TNF
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

---Advertisement---
Netaji Advertisement

जमशेदपुर: विधायक सरयू राय द्वारा मेयर Sudha गुप्ता पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब समाप्त हो गया है। महिला कांग्रेस ने मेयर सुधा गुप्ता की अपील के बाद विधायक सरयू राय के खिलाफ प्रस्तावित आंदोलन को रद्द करने की घोषणा की है। महिला कांग्रेस का कहना है कि मेयर की भावनात्मक अपील और उनके बड़े दिल का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि संगठन ने भविष्य में सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं से महिलाओं के सम्मान का ध्यान रखने की भी अपील की है।

Headlines

---Advertisement---
Netaji Advertisement

मेयर Sudha गुप्ता की अपील पर लिया गया बड़ा फैसला

महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष नलिनी सिन्हा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि विधायक सरयू राय द्वारा मेयर सुधा गुप्ता के संबंध में की गई टिप्पणी को लेकर संगठन काफी आहत था। इस मामले को लेकर आंदोलन की तैयारी पूरी कर ली गई थी और आगे इसे झारखंड विधानसभा अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय महिला आयोग तक ले जाने की योजना भी बनाई गई थी।

लेकिन इसी बीच मेयर सुधा गुप्ता स्वयं महिला कांग्रेस के नेताओं से मिलीं और उन्होंने आग्रह किया कि इस विवाद को अब आगे नहीं बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि विधायक सरयू राय उम्र में वरिष्ठ हैं और अभिभावक समान हैं। यदि उनसे अनजाने में कोई टिप्पणी हो गई है तो उसे नजरअंदाज कर विवाद को समाप्त कर देना चाहिए।

महिला कांग्रेस ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा की

नलिनी सिन्हा ने कहा कि मेयर सुधा गुप्ता की सकारात्मक सोच और उदारता से प्रभावित होकर महिला कांग्रेस ने अपना प्रस्तावित आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन विवाद को समाप्त कर रहा है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि महिलाओं के सम्मान के मुद्दे से समझौता किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कार्यरत नेताओं को अपने शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। किसी भी महिला के बारे में की गई अभद्र या अशोभनीय टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे महिला समाज का अपमान मानी जाती है।

महिला नेतृत्व पर टिप्पणी को बताया अनुचित

प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस ने कहा कि विधायक द्वारा की गई टिप्पणी केवल मेयर सुधा गुप्ता तक सीमित नहीं थी। चूंकि वह एक महिला जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए इस तरह की टिप्पणी सभी महिलाओं के सम्मान से जुड़ा विषय बन गया।

महिला कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से मर्यादित भाषा और गरिमामय व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। महिलाओं को लेकर किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी समाज में गलत संदेश देती है और इसे सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विधानसभा अध्यक्ष और महिला आयोग जाने की थी तैयारी

नलिनी सिन्हा ने जानकारी दी कि संगठन ने पहले ही तय कर लिया था कि इस मामले को झारखंड विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग से भी शिकायत करने की तैयारी थी।

महिला कांग्रेस पूरे जमशेदपुर में जनजागरण अभियान चलाकर महिलाओं के सम्मान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाली थी। लेकिन मेयर सुधा गुप्ता की पहल के बाद संगठन ने सभी कार्यक्रमों को फिलहाल स्थगित कर दिया और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।

Sudha गुप्ता ने दिया राजनीतिक मर्यादा का संदेश

महिला कांग्रेस ने बताया कि हाल ही में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान भी मेयर सुधा गुप्ता ने राजनीतिक शिष्टाचार और संस्कार का परिचय दिया था। वह स्वयं धरना स्थल पर पहुंचीं, विधायक सरयू राय को प्रणाम किया तथा वहां मौजूद लोगों के लिए पानी और लड्डू भी भिजवाए।

संगठन ने कहा कि यह राजनीतिक मर्यादा और सम्मान का उदाहरण था। ऐसे व्यवहार से लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत होती हैं और मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान बना रहता है।

भविष्य में ऐसी टिप्पणियों से बचने की अपील

हालांकि महिला कांग्रेस ने आंदोलन वापस ले लिया है, लेकिन संगठन ने विधायक सरयू राय से आग्रह किया कि भविष्य में महिलाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की टिप्पणी करते समय पूरी सावधानी बरतें।

महिला कांग्रेस का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी या महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले बयान लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। नेताओं को ऐसी भाषा का प्रयोग करना चाहिए जो समाज में सकारात्मक संदेश दे।

प्रेस वार्ता में कई महिला नेता रहीं मौजूद

इस प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष नलिनी सिन्हा के अलावा शिल्पी चक्रवर्ती, कल्पना सेन, अपर्णा गुहा, रजनी बंसल, रीता शर्मा, श्रबनी भट्टाचार्य, सुनीता तिर्की, कंचन देवी सहित कई महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

सभी नेताओं ने महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए संगठन की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि भविष्य में भी यदि किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटना सामने आती है तो महिला कांग्रेस मजबूती से आवाज उठाएगी।

विवाद का शांतिपूर्ण पटाक्षेप

मेयर सुधा गुप्ता की पहल के बाद इस पूरे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकलता दिखाई दे रहा है। महिला कांग्रेस ने आंदोलन समाप्त कर राजनीतिक सौहार्द का संदेश दिया है, वहीं संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर उसकी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता पहले की तरह बनी रहेगी।

मेयर Sudha गुप्ता की पहल ने एक बढ़ते राजनीतिक विवाद को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला कांग्रेस ने उनकी अपील का सम्मान करते हुए आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया, लेकिन साथ ही यह संदेश भी दिया कि लोकतांत्रिक राजनीति में महिलाओं के सम्मान, मर्यादा और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यह घटनाक्रम राजनीतिक मतभेदों के बीच संवाद, संयम और आपसी सम्मान की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

Leave a Comment

💬
TNF AI असिस्टेंट
● ताज़ा खबरों के लिए तैयार
नमस्ते! 👋 मैं आपका TNF AI असिस्टेंट हूँ। आप हमारी वेबसाइट की कोई भी खबर, topic या इंटरनेट का कोई भी सवाल यहाँ पूछ सकते हैं!