जमशेदपुर: पश्चिम के विधायक सरयू राय ने Mango नगर निगम की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नगर निगम को एक सरकारी संस्था की तरह नहीं, बल्कि प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किसी खास व्यक्ति के हित में काम कर रहे हैं और अपनी जिम्मेदारियों से भटक गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार करें, अन्यथा जनता और जनप्रतिनिधि दोनों जवाब मांगेंगे।
जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा आयोजित तथा भाजपा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और आजसू के समर्थन से आयोजित ‘मानगो नगर निगम की विकास विरोधी नीतियों एवं तानाशाही के खिलाफ धरना’ को संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में कुछ चुनिंदा लोग पूरे निगम को नियंत्रित कर रहे हैं। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता परेशान है।
अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए सवाल
सरयू राय ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों का रवैया बेहद निराशाजनक है। उनके अनुसार, अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह नहीं रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी राजनीतिक उद्देश्य से काम कर रहे हैं, जिससे पूरे निगम का वातावरण खराब हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।
38 विकास योजनाओं पर रोक क्यों?
धरने के दौरान विधायक ने सबसे बड़ा सवाल उन 38 विकास योजनाओं को लेकर उठाया जिनका शिलान्यास पहले ही हो चुका है। उन्होंने पूछा कि जब योजनाओं का उद्घाटन कर दिया गया था तो आखिर उन्हें लागू करने से नगर निगम पीछे क्यों हट गया। उन्होंने कहा कि जनता को इसका स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए कि इन योजनाओं को धरातल पर उतारने में आखिर क्या बाधा आ गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्तावेज पहुंचने पर उठाए सवाल
सरयू राय ने हाल ही में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला व्यक्ति नगर निगम का कर्मचारी या अधिकृत प्रतिनिधि नहीं था। ऐसे में सवाल उठता है कि नगर निगम के गोपनीय दस्तावेज उसके पास कैसे पहुंचे। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि गोपनीय दस्तावेज बाहर पहुंचे हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
कमीशनखोरी और अधूरे कार्यों का लगाया आरोप
विधायक ने आरोप लगाया कि नगर निगम में विकास कार्यों की बजाय कमीशनखोरी का खेल चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार से मिलने वाली ग्रांट और करदाताओं के पैसे का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नालों की सफाई के नाम पर केवल लगभग 10 प्रतिशत कार्य हुआ, जबकि अधिकांश नाले वैसे ही पड़े रहे। इसके बावजूद पूरा भुगतान कर दिया गया। उन्होंने इसे जनता के पैसे की बर्बादी बताया।

नगर निगम के कार्यों को दो हिस्सों में बांटने का सुझाव
सरयू राय ने बताया कि उन्होंने नगर विकास मंत्री को सुझाव दिया है कि नगर निगम के कार्यों को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाए। पहली श्रेणी में जनसुविधाओं से जुड़े कार्य और दूसरी में विकास योजनाओं को रखा जाए। इससे काम की जवाबदेही तय होगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक इस सुझाव पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पार्षदों की नाराजगी और अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा
उन्होंने दावा किया कि नगर निगम के कई पार्षद वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट हैं और उन्होंने अपना अलग समूह बना लिया है। सरयू राय ने कहा कि यदि ये पार्षद चाहें तो मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटा सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य ऐसा करना नहीं है, बल्कि व्यवस्था में सुधार लाना है।
ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप
सरयू राय ने आरोप लगाया कि कई ठेकेदार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को पैसे देते हैं। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण बताते हुए कहा कि ठेकेदारों को ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए, अन्यथा भविष्य में उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

जनप्रतिनिधियों की चिट्ठियों का जवाब नहीं मिलने पर नाराजगी
विधायक ने कहा कि अपर नगर आयुक्त उनकी ओर से भेजे गए पत्रों का भी जवाब नहीं देते हैं, जबकि नियमानुसार ऐसा करना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विधायक और सांसदों के पत्रों की लगातार अनदेखी की जाएगी तो विधायी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई का प्रावधान मौजूद है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे अब भी अपनी कार्यशैली सुधार लें ताकि व्यवस्था सामान्य हो सके।
अभिनव सिंह ने मेयर से इस्तीफे की मांग की
भाजपा नेता अभिनव सिंह ने कहा कि मेयर को यह समझना चाहिए कि उनके अपने पार्षद भी उनसे संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। यदि मेयर को कामकाज संभालने में कठिनाई हो रही है तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
कन्हैया सिंह बोले मेयर बनने के बाद विकास कार्य रुक गए
आजसू के जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह ने कहा कि मेयर के कार्यकाल में विकास कार्य लगभग ठप हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम विधायक निधि से होने वाले कार्यों में भी बाधा डाल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसी कार्यशैली को स्वीकार नहीं करेगी।
संध्या सिंह ने मेयर पर साधा निशाना
पूर्व मेयर प्रत्याशी संध्या सिंह ने कहा कि वर्तमान मेयर मानगो क्षेत्र से भलीभांति परिचित नहीं हैं और स्थानीय समस्याओं की सही जानकारी नहीं रखतीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जैसा बताया जाता है, उसी आधार पर निर्णय लिया जाता है। संध्या सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि उनके पति नीरज सिंह द्वारा संचालित पानी टैंकर सेवा को क्यों रोका गया। उन्होंने कहा कि टैंकर सेवा बंद कराने से जनता के दिलों से न तो नीरज सिंह का नाम मिटेगा और न ही संध्या सिंह का।
इन नेताओं ने भी किया संबोधित
धरना कार्यक्रम को रवींद्र सिंह सिसौदिया, पवन सिंह, अमृता मिश्रा, उषा यादव, शिरीन अख्तर, ममता सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, सतीश सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नू, लालू गौड़, प्रवीण सिंह, अजय कुमार और विकास साहनी सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में आशुतोष राय, मुकुल मिश्रा, अशोक चौहान, विजय सिंह, ठाकुरजी, संजीव सिंह, आकाश शाह, उमाशंकर सिंह, अंजली सिंह, नीरज सिंह, अमित शर्मा, राजेश सिंह, दीपक, अनंत पांडेय, जीतेंद्र साव, मंजू सिंह, मुन्ना सिंह, राकेश लोधी, लक्ष्मी सरकार, अमरेंद्र पासवान, संजीव मुखर्जी, सत्येंद्र जी, केके महतो, निसार अहमद, किरण सिंह, संजय सिंह, अशोक कुमार, दीपू उर्फ उपेंद्र सिंह, सतीश सिंह, जीतू सिंह परमार, राजू प्रजापति, तारक मुखर्जी, मनोज सिंह, बबुआ सिंह, शेषनाथ पाठक, हेमंत पाठक, सोनू सिंह, करण सिंह, राजेश पांडेय और जीतेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।















