
जमशेदपुर: मोहरदा इलाके में रहने वाले गरीबों को सालों से परेशान कर रही है। PM आवास योजना के तहत बन रहे मकानों का निर्माण तो हो गया, लेकिन चाबियां अभी तक लाभुकों के हाथों में नहीं पहुंचीं। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने हाल ही में इसका निरीक्षण किया और जुडको (झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी) के खिलाफ सीएजी जांच की मांग की है। मोहरदा में PM आवास योजना का यह मामला न सिर्फ देरी का उदाहरण है, बल्कि गरीबों की मजबूरी को भी उजागर करता है। आइए, इसकी पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं।

मोहरदा में PM आवास योजना क्या है यह योजना और क्यों महत्वपूर्ण?
PM आवास योजना (पीएमएवाई) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जो शहरों और गांवों में गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है। झारखंड जैसे राज्य में, जहां शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है, यह योजना लाखों परिवारों के लिए आशा की किरण बनी हुई है। मोहरदा में PM आवास योजना के तहत 29-30 ब्लॉकों में मकान बनाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सिर्फ दो ब्लॉकों का निर्माण पूरा हुआ है। बाकी ब्लॉकों की हालत देखने लायक है – कोई आधा बना है, तो किसी की नींव तक नहीं पड़ी।
यह योजना इसलिए खास है क्योंकि यह कमजोर वर्ग के लोगों को सस्ते में अपना घर दिलाती है। लेकिन मोहरदा में जो हो रहा है, वह योजना के उद्देश्य के विपरीत है। लोग पेट काटकर पैसे जमा कर चुके हैं, बैंक से लोन लिया है, ईएमआई भर रहे हैं, ऊपर से किराया भी दे रहे हैं। फिर भी मकान की चाबी नहीं मिल रही। सरयू राय ने सही कहा – यह गरीबों के साथ मजाक है।
सरयू राय का निरीक्षण मोहरदा में PM आवास योजना की सच्चाई सामने आई
मंगलवार को जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय मोहरदा पहुंचे। गत सोमवार को बिष्टुपुर स्थित उनके कार्यालय में इलाके की महिलाओं और पुरुषों ने अपनी परेशानियां सुनाई थीं। लोगों के आग्रह पर वे निरीक्षण के लिए गए। मोहरदा में PM आवास योजना के इन मकानों को देखकर वे स्तब्ध रह गए। दो ब्लॉकों में 80 लोगों ने बिजली कनेक्शन के लिए पैसे जमा कर दिए, लेकिन किसी के घर में मीटर भी नहीं लगा।
श्री राय ने कहा, “जब पेट काटकर भुगतान कर दिया तो चाबी क्यों नहीं मिली?” उन्होंने जुडको पर नाराजगी जताई कि यह संस्था सरकार की योजना को लटका रही है। जनता को परेशान कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीएजी को पत्र लिखकर जुडको के खिलाफ जांच की मांग करेंगे। यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि जुडको की लापरवाही से गरीब लगातार घाटे में जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान सामने आई मुख्य समस्याएं
- देरी का कारण: तैयार मकानों की चाबी नहीं दी जा रही। संभवतः उद्घाटन का इंतजार।
- बिजली कनेक्शन की समस्या: 80 लोगों ने पैसे जमा किए, लेकिन मीटर नहीं लगे। बिजली विभाग कहता है जुस्को या जेएनएसी तैयार हो तो मिनटों में कनेक्शन दे देंगे।
- लाभुकों की मजबूरी: कोई तय आमदनी नहीं, बैंक लोन पर ईएमआई, किराया अलग से।
- निर्माण की स्थिति: 7 ब्लॉकों में झंझट, बाकी 22-23 में से सिर्फ 2 तैयार।
श्री राय ने नगर विकास विभाग और जेएएनसी पर भी सवाल उठाए कि ये लोग लाभुकों को क्यों घुमा रहे हैं?
जुडको के खिलाफ जांच: सरयू राय की मांग क्यों जायज है?
मोहरदा में PM आवास योजना में जुडको की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। सरयू राय ने कहा कि इस संस्था ने गरीबों के साथ जो मजाक किया है, उसके लिए सजा समझ नहीं आ रही। जुडको के खिलाफ जांच जरूरी है क्योंकि:
1. विलंब की वजहें
जुडको ने निर्माण में देरी की। शेष ब्लॉकों में वर्षों लग सकते हैं। सरकार की योजना को बाधित किया जा रहा है।
2. प्रशासनिक भ्रम
सचिव भ्रम की स्थिति में हैं। डीएमसी ने पत्र लिखा, लेकिन दो दिन का वक्त मांगा। श्री राय गुरुवार को फिर बात करेंगे।
3. लाभुकों का नुकसान
लोगों ने पैसे जमा कर दिए। अगर देरी हुई तो वे खुद घरों में घुस जाएंगे। श्री राय ने चेतावनी दी – इंतजार नहीं करेंगे।
सीएजी जांच से सच्चाई सामने आएगी। यह न सिर्फ मोहरदा तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में ऐसी योजनाओं की निगरानी बढ़ाएगी।
बिजली कनेक्शन और मीटर लगाने में देरी क्यों हो रही अनदेखी?
मोहरदा में PM आवास योजना के दो तैयार ब्लॉकों में सबसे बड़ी शिकायत बिजली कनेक्शन की है। 80 लोगों ने पैसे जमा कर लिए, लेकिन मीटर नहीं लगे। बिजली विभाग के अधिकारी ने सरयू राय से कहा कि जुस्को या जेएनएसी की सहमति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। लेकिन सवाल यह है – सहमति क्यों नहीं हो रही?
श्री राय ने आश्चर्य जताया कि जब सब तैयार है, तो प्रक्रिया क्यों रोकी गई? संभव है कि सीएम या मंत्री का ऑनलाइन उद्घाटन हो। उन्होंने सुझाव दिया – ऑनलाइन ही उद्घाटन कर दें, ताकि गरीबों को राहत मिले। कमजोर लोग हर महीने नुकसान सह रहे हैं – ईएमआई, किराया, ब्याज। यह अन्याय है।
सरयू राय का सक्रिय रुख गरीबों के मसीहा की तरह
जमशेदपुर पूर्वी विधायक रहते हुए भी श्री राय यहां आते रहते थे। वे नींव, ईंटें, मजबूती जांचते थे। अब पश्चिम विधायक हैं, फिर भी सक्रिय। उनका कहना है – सरकार गरीबों का मजाक न बनाए। मोहरदा में PM आवास योजना को तेज करना होगा। अगर उद्घाटन का इश्यू है, तो ऑनलाइन कर दें।
यह घटना बताती है कि एक सक्रिय विधायक कितना बदलाव ला सकता है। उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई होगी।
PM आवास योजना में देरी के अन्य कारण और समाधान
मोहरदा में पीएम आवास योजना जैसी देरी पूरे देश में देखी जा रही है। मुख्य कारण:
- प्रशासनिक लालफीताशाही: विभागों के बीच समन्वय की कमी।
- निर्माण एजेंसी की लापरवाही: जुडको जैसी कंपनियां ठेका लेती हैं, लेकिन समय पर पूरा नहीं करतीं।
- उद्घाटन का इंतजार: राजनीतिक कारणों से देरी।
- फंडिंग और मंजूरी: कभी-कभी बजट या मंजूरी में अटकाव।

समाधान के उपाय
- डिजिटल मॉनिटरिंग: ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम से प्रगति देखें।
- सीधी सुनवाई: विधायकों जैसे सरयू राय की तरह जनता की फरियाद सुनें।
- तृतीय पक्ष ऑडिट: सीएजी जैसी जांच अनिवार्य करें।
- ऑनलाइन उद्घाटन: भौतिक कार्यक्रम की बजाय वर्चुअल तरीके अपनाएं।
इन कदमों से पीएम आवास योजना का लक्ष्य पूरा होगा।
मोहरदा में PM आवास योजना का यह मामला हमें सोचने पर मजबूर करता है। सरयू राय जैसे नेता गरीबों की आवाज बन रहे हैं, लेकिन सरकार को भी सक्रिय होना होगा। जुडको के खिलाफ जांच से सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसी देरी रुकेगी। गरीबों ने पेट काटकर सपना देखा है, अब चाबी देकर उसे पूरा करने का समय है। ऑनलाइन उद्घाटन हो या जो भी, लेकिन इंतजार अब बहुत हो गया। आशा है कि जल्द सकारात्मक खबर आएगी।











































