
जमशेदपुर: झारखंड के Purvi सिंहभूम जिले में सरकारी नौकरी पाने का एक और सुनहरा मौका आश्रितों को मिला है। 24 अप्रैल 2026 को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने अनुकंपा नियुक्ति के तहत तीन आश्रितों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। अमित बेरा और सुभाष हांसदा को वर्ग-3 (निम्नवर्गीय लिपिक) पद तथा जयंत सिंह को वर्ग-4 (अनुसेवी) पद पर नौकरी मिली। उपायुक्त ने नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं दीं और कर्तव्यनिष्ठा से जनसेवा करने का निर्देश दिया। Purvi सिंहभूम अनुकंपा नियुक्ति योजना ने एक बार फिर मृतक कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहारा प्रदान किया है।

अनुकंपा नियुक्ति क्या है? योजना का महत्व
अनुकंपा नियुक्ति सरकारी योजना है, जिसमें मृत या सेवानिवृत्त कर्मचारी के आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाती है। इसका मकसद परिवार को आर्थिक संकट से उबारना है। Purvi सिंहभूम जैसे औद्योगिक जिले में ये योजना खासतौर पर जरूरी है, जहां सरकारी नौकरियां सीमित हैं। जिला अनुकंपा समिति की सिफारिश पर उपायुक्त स्वयं नियुक्ति पत्र देते हैं।
इस योजना से गरीब परिवार आत्मनिर्भर बनते हैं। वर्ग-3 पद क्लर्क का काम है – फाइलिंग, डाटा एंट्री, जनसेवा। वर्ग-4 अनुसेवक सुरक्षा, सफाई जैसे कार्य करते हैं। ये नौकरियां स्थायी होती हैं, पेंशन और भत्ते मिलते हैं। झारखंड सरकार नियमित रूप से ऐसे केस क्लियर करती है।
तीन आश्रितों को मिली नौकरी: डिटेल्स
Purvi सिंहभूम अनुकंपा नियुक्ति में चुने गए आश्रित:
- अमित बेरा: वर्ग-3 (निम्नवर्गीय लिपिक) पद। उनके माता-पिता सरकारी कर्मचारी थे।
- सुभाष हांसदा: वर्ग-3 (निम्नवर्गीय लिपिक) पद। आदिवासी समुदाय से, परिवार की आर्थिक मदद।
- जयंत सिंह: वर्ग-4 (अनुसेवी) पद। बेसिक ड्यूटीज के लिए उपयुक्त।
समाहरणालय में आयोजित समारोह में उपायुक्त ने व्यक्तिगत रूप से पत्र सौंपे। परिवारजन भावुक दिखे। ये नियुक्तियां जिला समिति की जांच के बाद हुईं – आयु, शिक्षा, दस्तावेज वेरिफाई। पहले भी मार्च 2026 में तीन आश्रितों को नौकरी मिली थी।
DM के निर्देश पारदर्शिता और जनसेवा पर जोर
DM राजीव रंजन ने नवनियुक्तों को संबोधित करते कहा, “अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही रखें। जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।”
उन्होंने याद दिलाया कि ये नौकरी जिम्मेदारी है। समय पर उपस्थिति, ईमानदारी से काम। ये निर्देश प्रशासनिक संस्कृति मजबूत करते हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उनका ये सक्रिय रुख सराहनीय है।

अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया कैसे मिलती है नौकरी
अनुकंपा नियुक्ति के लिए स्टेप्स:
- आवेदन: मृतक कर्मचारी के आश्रित (पति/पत्नी, संतान) समाहरणालय में अप्लाई करें।
- दस्तावेज: डेथ सर्टिफिकेट, आय प्रमाण, शिक्षा योग्यता, परिवार विवरण।
- समीक्षा: जिला अनुकंपा समिति (उपायुक्त अध्यक्ष) जांचती है।
- अनुमोदन: वर्ग-3/4 पद आवंटन।
- पत्र वितरण: उपायुक्त सौंपते हैं।
- जॉइनिंग: संबंधित विभाग में।
झारखंड में सालाना 20-30 केस क्लियर होते हैं। प्रक्रिया पारदर्शी, लेकिन देरी की शिकायतें रहती हैं।
फायदे परिवारों का नया जीवन
- आर्थिक स्थिरता: मासिक वेतन 25,000 से 35,000 रुपये।
- सुरक्षा: सरकारी नौकरी, पेंशन, मेडिकल।
- सम्मान: परिवार का मान बढ़ा।
- समाज सेवा: नए कर्मी जनता की मदद करेंगे।
अमित, सुभाष, जयंत जैसे युवा अब परिवार का सहारा बनेंगे। ग्रामीण इलाकों में ये खबर खुशी लाई।
चुनौतियां और सुधार के सुझाव
- देरी: लंबी प्रक्रिया, समय सीमा तय करें।
- जागरूकता: गांवों में कैंप लगाएं।
- डिजिटल: ऑनलाइन आवेदन शुरू करें।
- कोटा: ज्यादा पद सृजन।
- मॉनिटरिंग: जॉइनिंग के बाद परफॉर्मेंस चेक।
सरकार को पोर्टल लॉन्च करना चाहिए।
समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने अनुकंपा नियुक्ति के तहत तीन कर्मियों के आश्रितों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया । अनुकंपा के आधार पर अमित बेरा एवं सुभाष हांसदा को वर्ग-3 (निम्नवर्गीय लिपिक) पद पर तथा जयंत सिंह को वर्ग-4 (अनुसेवी) पद पर नियुक्ति प्रदान की गई।
DM ने नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की बात कही। उन्होंने कर्मियों से अपेक्षा की कि वे कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता, अनुशासन एवं जवाबदेही का पालन करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।
Purvi सिंहभूम अनुकंपा नियुक्ति ने तीन परिवारों का जीवन बदल दिया। DM राजीव रंजन की पहल सराहनीय। ये योजना सरकारी संवेदनशीलता दिखाती है। ज्यादा आश्रितों को मौका मिले, प्रक्रिया तेज हो। नए कर्मी जनसेवा में उत्कृष्ट करें।















