मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

स्कूल में अवकाश बढ़ाना समस्या का समाधान नहीं है: सुधीर कुमार पप्पू।

E62719ee456ca2c9a75d424d0979588d
On: June 17, 2024 2:59 PM
Follow Us:
स्कूल
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

Netaji 2 1

जमशेदपुर: इस बार जमशेदपुर में भीषण गर्मी पड़ रही है और स्कूली बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है। सरकार से मांग है कि सरकारी और निजी सभी स्कूलों के क्लास रूम को वताकुलुनित बनाया जाए। बच्चों के पैसे से प्रबंधन के लोग और प्रिंसिपल वताकुलुनित कमरे में रहते हैं और बच्चे भीषण गर्मी में बगैर वताकुलुनित क्लास रूम में गर्मी से परेशान रहते हैं। निजी स्कूलों का टर्नओवर करोड़ों में है।

Netaji 3

यह भी पढ़े :विधायक सरयू राय ने रामाधीन बागान और मनिफीट क्षेत्र का दौरा किया, समस्या समाधान के लिए आश्वासन दिया गया।

जिला प्रशासन की ओर से भीषण गर्मी के समय स्कूलों में अवकाश की जाती है इससे बच्चे का पढ़ाई भी बाधित होता है।शिक्षा और छात्रों की भलाई के लिए: स्कूलों में एसी और कूलर लगाने की जरूरत गर्मियों के मौसम में बच्चों के लिए स्कूलों को वेकेशन बढ़ाने की बजाय उनकी कक्षाओं में एसी और कूलर लगाने की आवश्यकता है। पाठ्यक्रम विशाल होता है और उसे समय सीमा में पूरा करना बच्चों पर अत्यधिक दबाव डालता है। इसके परिणामस्वरूप, छात्रों पर आत्महत्या का दबाव बढ़ सकता है।

गर्मियों में विद्यालयों में एसी और कूलर स्थापित करने से छात्रों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा। गर्मी के दिनों में शिक्षा प्राप्त करना अधिक सहज और प्रभावी होगा, जिससे उनका शिक्षानुभव सकारात्मक बनेगा।इससे न केवल शिक्षार्थियों की शिक्षा में स्थिरता आएगी, बल्कि उनके पारिवारिक संबंधों में भी सुधार आएगा। समाज में उनका स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा और उनकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

यह व्यवस्था न केवल शिक्षा प्रणाली को और प्रभावी बनाएगी, बल्कि शिक्षार्थियों के विभिन्न विद्यालयी गतिविधियों में भी सुधार ला सकती है। गर्मियों में यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि बच्चे अध्ययन के समय ठंडे माहौल में रहें ताकि उनकी शिक्षा में अविरलता और प्रभावशीलता आ सके।इस योजना के माध्यम से, सरकारी और निजी स्कूलों दोनों को छात्रों के शिक्षानुभव में सुधार करने का अवसर मिलेगा।

यह भी पढ़े :सोनारी के दोनों मस्जिदों में शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ बकरीद का नमाज़।

विद्यालयों को इस दिशा में कदम उठाना चाहिए ताकि बच्चे शांति और स्थिरता के साथ अपने अध्ययन को पूरा कर सकें।इस प्रकार, हम न केवल बच्चों के शिक्षानुभव को सुधारेंगे, बल्कि समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन भी लाएंगे जो उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में समृद्धि लाएगा। इस उद्येश्य को प्राप्त करने के लिए, सभी स्कूलों को एकजुट होकर काम करना होगा ताकि हम समाज के नवीनीकरण में मदद कर सकें।

Netaji 4

Leave a Comment

धार्मिक

See All

लाइफस्टाइल

See All

मौसम

See All

खेल

See All

क्राइम

See All

Entertainment

See All

ज्योतिष

See All
Link copied