
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित एक coaching सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर फैल गई है। इस हृदयविदारक घटना ने न केवल मृतक छात्रों के परिजनों को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे पर धर्मनगरी काशी में भी गहरा शोक व्यक्त किया गया। विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मां गंगा की दैनिक आरती के दौरान दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित मां गंगा की आरती में शुक्रवार को शोकपूर्ण वातावरण देखने को मिला। सामान्य दिनों की अपेक्षा श्रद्धालुओं के चेहरों पर उदासी साफ झलक रही थी। आरती प्रारंभ होने से पूर्व गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों, अर्चकों तथा उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
दीपदान कर मां गंगा से की आत्मा की शांति की प्रार्थना
दशाश्वमेध घाट पर आयोजित इस विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम में गंगा सेवा निधि के अर्चकों ने मां गंगा में दीप प्रवाहित किए। दीपदान के माध्यम से दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति तथा उन्हें मोक्ष की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान पूरे घाट पर एक भावुक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर मां गंगा से मृत छात्रों की आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना की।
गंगा सेवा निधि के अर्चकों ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने बच्चों को खो देना सबसे बड़ा दुख होता है। ऐसे में काशी के लोगों की संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया है। मां गंगा से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
बाबा विश्वनाथ से भी की गई विशेष प्रार्थना
मां गंगा की आरती से पूर्व बाबा श्री काशी विश्वनाथ एवं मां गंगा का स्मरण करते हुए दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई। साथ ही हादसे में घायल छात्रों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की गई।
गंगा सेवा निधि के पदाधिकारियों ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से कोचिंग सेंटर पहुंचे छात्रों का इस प्रकार हादसे का शिकार होना पूरे समाज के लिए पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी घायल छात्र जल्द स्वस्थ होकर अपने परिवारों के बीच लौटें।
पूरे प्रदेश में शोक और संवेदना
लखनऊ में हुई इस दुर्घटना के बाद प्रदेशभर में शोक का माहौल है। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों द्वारा मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की जा रही है। काशी में भी अनेक लोगों ने सोशल मीडिया तथा विभिन्न माध्यमों से शोक व्यक्त किया है।
दशाश्वमेध घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं का कहना था कि छात्रों का भविष्य पूरे देश का भविष्य होता है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में युवाओं का असमय निधन बेहद दुखद है। उन्होंने सरकार से इस घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि भवनों में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
काशी के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन को सभी शैक्षणिक संस्थानों में नियमित सुरक्षा जांच अभियान चलाना चाहिए। इससे भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।
हजारों श्रद्धालुओं ने दी श्रद्धांजलि
दशाश्वमेध घाट पर आयोजित मां गंगा की आरती में प्रतिदिन की तरह बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। लेकिन इस दिन की आरती विशेष रूप से दिवंगत छात्रों को समर्पित रही। हजारों श्रद्धालुओं ने मौन धारण कर तथा दीपदान में भाग लेकर मृत छात्रों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव हनुमान यादव सहित संस्था के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मृत छात्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उनके परिजनों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की।
लखनऊ के अलीगंज स्थित coaching सेंटर में हुई यह भीषण दुर्घटना पूरे समाज के लिए एक बड़ा आघात है। इस हादसे ने कई परिवारों के सपनों को पल भर में समाप्त कर दिया। धर्मनगरी काशी में मां गंगा की आरती के दौरान दी गई श्रद्धांजलि यह दर्शाती है कि इस दुख की घड़ी में पूरा समाज पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।
मां गंगा और बाबा विश्वनाथ से यही प्रार्थना है कि दिवंगत छात्रों की आत्माओं को शांति प्रदान करें, उनके परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें तथा घायल छात्रों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें। साथ ही यह हादसा भविष्य में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सीख साबित हो।








































