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लखनऊ अग्निकांड के बाद CM योगी सख्त पूरे प्रदेश में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश

On: June 24, 2026 6:30 PM
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लखनऊ: राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। CM योगी आदित्यनाथ ने घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। CM ने स्पष्ट कहा है कि फायर सेफ्टी मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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CM ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में विशेष टीमों का गठन कर व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करने का माध्यम बने। सभी सार्वजनिक भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, मॉल, होटल और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था का गहन परीक्षण किया जाए।

हर जिले में बनेगी विशेष टीम

CM योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में विशेष टीम गठित की जाए, जिसमें प्रशासन, अग्निशमन विभाग, स्थानीय निकाय और संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हों। यह टीम अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करेगी।

उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि भवनों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, फायर अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरण पूरी तरह कार्यशील स्थिति में हों। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा ऑडिट की रिपोर्ट नियमित रूप से शासन को भेजी जाए ताकि पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।

पहले जागरूकता फिर कार्रवाई

CM योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अभियान के दौरान आम नागरिकों और संस्थानों को पहले सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

CM ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “पहले जागरूकता, फिर कार्रवाई” की नीति अपनाई जाए। यदि कहीं कमियां पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों को उन्हें दूर करने का अवसर दिया जाए। हालांकि, बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक या व्यापारी का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। प्रशासन की कार्यवाही पारदर्शी, निष्पक्ष और जनहित में होनी चाहिए।

भवन का उपयोग नियमानुसार ही होगा

CM ने भवन उपयोग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जो भवन जिस गतिविधि के लिए स्वीकृत और अनुमन्य है, उसका उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम अथवा ऐसी गतिविधियां संचालित करना स्वीकार्य नहीं होगा जहां बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता हो। ऐसे स्थानों पर आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालना कठिन हो सकता है, जिससे बड़े हादसे होने की आशंका बढ़ जाती है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। भवन स्वामियों को नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा जाए।

कोचिंग संस्थानों और अस्पतालों पर विशेष निगरानी

हाल के वर्षों में कोचिंग संस्थानों और निजी अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इन संस्थानों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सभी कोचिंग संस्थानों में आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा संकेतक और नियमित मॉक ड्रिल सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार अस्पतालों में ऑक्सीजन सिस्टम, विद्युत व्यवस्था और अग्निशमन उपकरणों की नियमित जांच की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम होगा और कम

CM योगी आदित्यनाथ ने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में समय पर पहुंचना सबसे महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फायर स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही उन क्षेत्रों की पहचान की जाए जहां फायर स्टेशन की आवश्यकता है और वहां आवश्यक व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए आपातकालीन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जाए ताकि किसी भी घटना की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

सुरक्षा के प्रति जनभागीदारी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से ही सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसके लिए आम जनता की भागीदारी भी आवश्यक है। लोगों को अपने घरों, कार्यालयों और संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भवन में सुरक्षा संबंधी कमी दिखाई देने पर संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें। साथ ही अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

भविष्य में हादसों की रोकथाम पर जोर

CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाल की घटनाओं से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा सुधार कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद CM योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी किए गए निर्देश प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। फायर सेफ्टी ऑडिट, भवन उपयोग की निगरानी, आपातकालीन सेवाओं की मजबूती और जनजागरूकता जैसे उपाय भविष्य में बड़े हादसों को रोकने में सहायक साबित हो सकते हैं।

सरकार का स्पष्ट संदेश है कि नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का पालन करने वालों को सहयोग मिलेगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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