
जमशेदपुर: Building बायलॉज सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक प्रशिक्षण में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने खुद आग बुझाने का प्रैक्टिकल किया और Building बायलॉज के कड़ाई से पालन पर जोर दिया। आज के शहरीकरण के दौर में संकरी गलियां और अवैध निर्माण आग जैसी आपदाओं में बड़ा खतरा बन रहे हैं।

सरयू राय का यह बयान समयोचित है। नगरों में Building बायलॉज का उल्लंघन आम हो गया है, जिससे फायर ब्रिगेड का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सिविल डिफेंस का यह प्रशिक्षण जागरूकता फैलाने का सराहनीय प्रयास है।
यह आधुनिक इमारत Building बायलॉज के महत्व को दर्शाती है, जहां सुरक्षा मानकों का पालन जीवन बचाता है। ऊंची इमारतों में ग्लास बालकनी और रेलिंग सुरक्षा के प्रतीक हैं।
सिविल डिफेंस का प्रशिक्षण
सिविल डिफेंस, जमशेदपुर ने आपदा प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया। इसमें आग बुझाने, बचाव कार्य और प्राथमिक उपचार सिखाए गए। विधायक सरयू राय ने प्रैक्टिकल करते हुए आग बुझाई, जो सभी के लिए प्रेरणा बनी।
ऐसे प्रशिक्षण आम नागरिकों को आपदा के लिए तैयार करते हैं। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में यह और भी जरूरी है, जहां आग लगने की आशंका अधिक रहती है। सरयू राय ने इसे बेहतर इनीशिएटिव बताया।
Building बायलॉज क्या हैं?
Building बायलॉज भवन निर्माण के कानूनी नियम हैं। ये इमारतों की ऊंचाई, सड़क चौड़ाई, पार्किंग, अग्नि सुरक्षा, भूकंप प्रतिरोध और वेंटिलेशन सुनिश्चित करते हैं। उद्देश्य है—अनधिकृत निर्माण रोकना, मूलभूत सुविधाएं देना और आपदा में जानमाल बचाना।
नगर निगम या विकास प्राधिकरण इनका पालन करवाते हैं। उल्लंघन पर जुर्माना या तोड़फोड़ होती है। सरयू राय ने इन्हें कड़ाई से लागू करने की मांग की।
जमशेदपुर में उल्लंघन की समस्या
जमशेदपुर में Building बायलॉज का घोर उल्लंघन हो रहा है। संकरी गलियां, अवैध ऊपरी मंजिलें और बिना अग्नि नली वाली इमारतें आम हैं। फ्लैट में आग लगे तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाएगी।
हाईकोर्ट ने कई अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दिए हैं। साकची, बाराद्वारी जैसे इलाकों में नक्शा विचलन की शिकायतें हैं। सरयू राय ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सरयू राय का संदेश
सरयू राय ने कहा कि नगरों में समस्या ज्यादा है। संकरी गलियों से दमकल गाड़ियां नहीं जा पाएंगी। इसलिए Building बायलॉज का कड़ाई से पालन जरूरी। उनका प्रैक्टिकल भागीदारी ने संदेश को मजबूती दी।
वे पहले भी हाईकोर्ट के आदेशों का जिक्र कर चुके हैं। जेएनएसी क्षेत्र में 24-29 भवनों पर बुलडोजर चलने हैं। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट में धांधली पर भी निशाना साधा।
अग्नि सुरक्षा के खतरे
आग लगने पर बिल्डिंग बायलॉज जीवन रक्षक हैं:
- न्यूनतम 6 मीटर सड़क चौड़ाई।
- हर मंजिल पर फायर एस्केप।
- स्प्रिंकलर सिस्टम।
- पार्किंग में आग बुझाने वाले उपकरण।
उल्लंघन से 2024-26 में कई हादसे हुए। भाटिया बस्ती में जी+2 नक्शा तोड़ने की शिकायतें हैं।
प्रशासन की जिम्मेदारी
जिला प्रशासन, जेएनएसी और टाटा स्टील टाउन डिवीजन को सक्रिय होना चाहिए। हाईकोर्ट आदेशों का सख्ती से पालन हो। नियमित निरीक्षण और तोड़फोड़ जरूरी।
सरयू राय जैसे नेताओं का दबाव बदलाव लाएगा। नागरिक भी शिकायत दर्ज कराएं।
Building बायलॉज के फायदे
- जानमाल की सुरक्षा।
- शहरों का सुंदर विकास।
- मूलभूत सुविधाएं—पानी, बिजली।
- पर्यावरण संरक्षण।
- संपत्ति मूल्य वृद्धि।
झारखंड में बिहार जैसे नियम लागू हैं। नक्शा पास कराना अनिवार्य।
नागरिकों के लिए सलाह
- निर्माण से पहले नक्शा पास कराएं।
- पड़ोसियों से गलियारा साझा न होने दें।
- अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाएं।
- उल्लंघन की शिकायत करें।

Building बायलॉज का कड़ाई से पालन सरयू राय का सटीक बयान है। सिविल डिफेंस प्रशिक्षण ने जागरूकता बढ़ाई। जमशेदपुर में उल्लंघन बंद हो, तभी शहर सुरक्षित बनेगा।
Building बायलॉज का कड़ाई से पालन होःसरयू राय
जमशेदपुर। सिविल डिफेंस, जमशेदपुर की तरफ से आयोजित आपदा प्रबंधन के तहत व्यावहारिक प्रशिक्षण में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने हिस्सा लिया। उन्होंने प्रैक्टिकल करते हुए आग भी बुझाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस का यह इनीशियेटिव बेहतर है। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग बायलॉज को अमल में लाना होगा। इसका घोर उल्लंघन हो रहा है।
नगरों में यह समस्या ज्यादा दिख रही है। किसी फ्लैट में आग लग जाए तो फायर ब्रिगेड के पहुंचने का रास्ता ही नहीं। गलियां संकरी हैं। उससे दमकल की गाड़ी जाएगी नहीं। इसलिए Building बायलॉज का कड़ाई से पालन होना चाहिए।









