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Goilkera के महादेवशाल धाम में श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने किया उद्घाटन

On: August 2, 2026 7:15 PM
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पश्चिमी सिंहभूम: जिले के Goilkera प्रखंड स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल महादेवशाल धाम में रविवार को श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। सावन माह के पावन अवसर पर आयोजित इस मेले का विधिवत उद्घाटन सिंहभूम की सांसद जोबा माझी और मनोहरपुर के विधायक जगत माझी ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद दोनों जनप्रतिनिधियों ने बाबा भोलेनाथ के दरबार में मत्था टेककर पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मेले के उद्घाटन के साथ ही महादेवशाल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है।

श्रद्धा और आस्था के बीच हुआ मेले का शुभारंभ

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श्रावणी मेले का उद्घाटन धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया और सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

उद्घाटन समारोह के दौरान मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं।

सोमवारी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क

महादेवशाल सेवा समिति और स्थानीय प्रशासन ने सावन की सोमवारी को उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

गोइलकेरा के बीडीओ विवेक कुमार तथा थाना प्रभारी विक्रांत मुंडा ने सेवा समिति के पदाधिकारियों के साथ मंदिर परिसर और मेले की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई, यातायात और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की गई।

प्रशासन का कहना है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

मंदिर परिसर में स्वच्छता पर विशेष जोर

श्रावणी मेले को लेकर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महादेवशाल सेवा समिति के स्वयंसेवक लगातार सफाई अभियान चला रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण में पूजा-अर्चना करने का अवसर मिल सके। रविवार होने के कारण भी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।

झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे।

विकास कार्यों का भी हुआ उद्घाटन

श्रावणी मेले के उद्घाटन से पहले सांसद और विधायक ने मंदिर परिसर में कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भी उद्घाटन किया।

इनमें शामिल हैं—

  • पीसीसी सड़क निर्माण
  • पेवर्स ब्लॉक बिछाने का कार्य
  • भंडारा कक्ष का निर्माण
  • शौचालय की मरम्मत

इन विकास कार्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की खुशहाली की कामना की

पूजा-अर्चना के दौरान सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी ने बाबा भोलेनाथ से पूरे क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।

उन्होंने कहा कि महादेवशाल धाम केवल पश्चिमी सिंहभूम ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड की धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और सरकार भी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य ज्योति मेराल, महादेवशाल सेवा समिति के सचिव रामचन्द्र प्रसाद, अध्यक्ष सह बीडीओ विवेक कुमार, राजेश चौरसिया, सुधीर बाजपेई, सीताराम बेसरा, ज्ञानचंद रजक, आशीष जयसवाल, प्रीतम गुप्ता, राकेश गुप्ता, दिनेश गुप्ता, आशुतोष पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

महादेवशाल धाम का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

गोइलकेरा प्रखंड की मनोरम पहाड़ियों के बीच स्थित महादेवशाल धाम झारखंड के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह धार्मिक स्थल वर्षभर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहता है।

हालांकि सावन माह में यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। दूर-दूर से आने वाले कांवड़िए और शिवभक्त जलाभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

यहां होती है खंडित शिवलिंग की पूजा

महादेवशाल धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित खंडित शिवलिंग है, जिसकी वर्षों से पूजा-अर्चना की जा रही है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार अंग्रेजों के शासनकाल में जब बंगाल-नागपुर रेलवे लाइन और सुरंग निर्माण का कार्य चल रहा था, तब मजदूरों को खुदाई के दौरान एक अद्भुत पत्थर मिला, जिसे उन्होंने शिवलिंग माना।

मजदूरों ने उस स्थान पर खुदाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद ब्रिटिश इंजीनियर रॉबर्ट हेनरी स्वयं फावड़ा लेकर पत्थर हटाने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने उस पर प्रहार किया, शिवलिंग का एक हिस्सा खंडित हो गया। लोककथाओं के अनुसार इसी घटना के बाद रॉबर्ट हेनरी की मृत्यु हो गई।

इस घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने सुरंग का रास्ता बदल दिया और उसी स्थान पर भगवान शिव का मंदिर स्थापित कर नियमित पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। आज भी उसी खंडित शिवलिंग की श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है।

कई राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु

महादेवशाल धाम की प्रसिद्धि केवल झारखंड तक सीमित नहीं है। यहां झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ तथा अन्य राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु सावन महीने में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

श्रावणी मेले के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ रहती है, जिसे देखते हुए रेलवे द्वारा कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव भी महादेवशाल स्टेशन पर दिया जाता है। इससे दूर-दराज के श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा मिलती है।

धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा

श्रावणी मेले के आयोजन से गोइलकेरा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिल रही है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आगमन से स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे व्यवसायियों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं।

मंदिर परिसर में हो रहे विकास कार्य भविष्य में श्रद्धालुओं को और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Goilkera स्थित महादेवशाल धाम में श्रावणी मेले का भव्य उद्घाटन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और जनसहभागिता का अद्भुत उदाहरण है। सांसद जोबा माझी और विधायक जगत माझी द्वारा मेले का शुभारंभ तथा मंदिर परिसर में विकास कार्यों का उद्घाटन इस धार्मिक स्थल के महत्व को और बढ़ाता है। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था से जुड़ा यह धाम हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। सावन के पावन महीने में यहां उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ यह साबित करती है कि महादेवशाल धाम आज भी श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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