
चक्रधरपुर: Polio दिवस के अवसर पर चक्रधरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में रविवार को पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्घाटन स्थानीय विधायक सुखराम उरांव ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद जीवनरक्षक खुराक पिलाकर किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएं, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य पोलियो जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना था।

बच्चों के स्वस्थ भविष्य की पहली सुरक्षा है पोलियो की खुराक
उद्घाटन के दौरान विधायक सुखराम उरांव ने कहा कि किसी भी समाज का भविष्य उसके बच्चों पर निर्भर करता है। यदि बच्चे स्वस्थ रहेंगे तो देश और समाज भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका समय पर टीकाकरण है। इसलिए प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है कि वह अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित यह अभियान पूरी तरह निशुल्क है और इसका उद्देश्य देश को पोलियो मुक्त बनाए रखना है। सभी लोगों को इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करना चाहिए ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
अभिभावकों से की जागरूक बनने की अपील
विधायक ने उपस्थित अभिभावकों से कहा कि कई बार जानकारी के अभाव या लापरवाही के कारण बच्चे टीकाकरण से छूट जाते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार, रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भी पोलियो टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करें तथा अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि पोलियो की दो बूंद बच्चों के जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा माध्यम है। इसलिए किसी भी भ्रम या अफवाह पर ध्यान न देकर अपने बच्चों को समय पर टीका अवश्य दिलाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे विशेष पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत क्षेत्र के प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अस्पतालों के साथ-साथ बूथों, आंगनवाड़ी केंद्रों तथा घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चला रही है ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक लेने से वंचित न रह जाए। इसके लिए आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनवाड़ी सेविकाएं तथा स्वास्थ्य कर्मी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।
आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका रही महत्वपूर्ण
पोलियो टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में आशा कार्यकर्ताओं एवं आंगनवाड़ी सेविकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले अभिभावकों को टीकाकरण के महत्व की जानकारी दी तथा बच्चों को समय पर टीका दिलाने के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को बताया कि पोलियो एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो बच्चों के शरीर को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती है। हालांकि नियमित टीकाकरण के माध्यम से इस बीमारी से पूरी तरह बचाव संभव है। इसलिए प्रत्येक बच्चे को निर्धारित समय पर पोलियो की खुराक अवश्य दिलानी चाहिए।
स्वास्थ्य जागरूकता पर भी दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान केवल पोलियो टीकाकरण ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता अभियान भी चलाया गया। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों को बच्चों के संपूर्ण टीकाकरण, स्वच्छता, पोषण तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
अधिकारियों ने कहा कि नियमित टीकाकरण के साथ-साथ साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन और स्वच्छ पेयजल भी बच्चों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि समाज स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहेगा तो कई गंभीर बीमारियों पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में चलेगा विशेष अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पोलियो टीकाकरण अभियान केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष टीमें भेजी जाएंगी, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। जिन परिवारों के बच्चे किसी कारणवश टीकाकरण केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें भी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर पर ही पोलियो की खुराक उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थानों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंच सके।
प्रत्येक बच्चे तक पहुंचेगी जीवनरक्षक खुराक
कार्यक्रम के संयोजकों ने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है और सभी स्वास्थ्य कर्मियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अभियान के दौरान किसी भी बच्चे के छूट जाने की संभावना को समाप्त करने के लिए विशेष निगरानी भी रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग आवश्यक है। जब तक अंतिम बच्चे तक टीकाकरण नहीं पहुंचता, तब तक अभियान की सफलता अधूरी मानी जाएगी।
समाज को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संदेश
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विधायक सुखराम उरांव सहित सभी अतिथियों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सकों, आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से यह अभियान पूरी तरह सफल होगा और क्षेत्र का कोई भी बच्चा पोलियो टीकाकरण से वंचित नहीं रहेगा।
पोलियो दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज को यह संदेश दिया कि स्वस्थ बच्चों से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है। समय पर टीकाकरण, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और जनसहभागिता के माध्यम से ही पोलियो जैसी गंभीर बीमारी पर स्थायी नियंत्रण बनाए रखा जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी यह संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और आसपास के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने के लिए जागरूक करेंगे तथा स्वास्थ्य विभाग के अभियान में सक्रिय सहयोग देंगे।








































