
जमशेदपुर: International योग दिवस के अवसर पर करीम सिटी कॉलेज, साकची के शिक्षा संकाय में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को योग के महत्व से अवगत कराना तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर शिक्षा संकाय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।

कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. सुचेता भुइयां तथा स्पोर्ट्स इंचार्ज प्रो. स्नेहा चौधरी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” को केंद्र में रखते हुए विभिन्न योगासन, प्राणायाम और स्वास्थ्यवर्धक योग क्रियाओं का अभ्यास कराया गया।
योग केवल व्यायाम नहीं स्वस्थ जीवन का आधार
कार्यक्रम की शुरुआत योग के महत्व पर चर्चा के साथ हुई। विभागाध्यक्ष डॉ. सुचेता भुइयां ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने की एक समग्र जीवन पद्धति है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, अनियमित खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण अनेक स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में योग व्यक्ति को मानसिक शांति, शारीरिक स्फूर्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

सूक्ष्म योग और वजन कम करने वाले आसनों की दी जानकारी
डॉ. सुचेता भुइयां ने कार्यक्रम के दौरान सूक्ष्म योग (Micro Yoga) की विभिन्न क्रियाओं का प्रदर्शन किया और उनके लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म योग शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय बनाता है तथा मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत करता है।
इसके साथ ही उन्होंने आसानी से वजन कम करने में सहायक विभिन्न योगासन और योग क्रियाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव में भी मदद करता है।
विद्यार्थियों को विभिन्न आसनों की सही तकनीक, सावधानियों और उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी बताया गया ताकि वे इन्हें अपने दैनिक जीवन में सुरक्षित रूप से अपना सकें।
योगा फॉर हेल्दी एजिंग थीम पर विशेष जोर
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” रखी गई थी। इसी थीम को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में ऐसे योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया गया जो बढ़ती उम्र में भी शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में सहायक होते हैं।
वक्ताओं ने बताया कि योग उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को स्वस्थ और संतुलित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर की लचीलापन, संतुलन क्षमता, मानसिक एकाग्रता और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।
उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्ग के लोग बेहतर स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता प्राप्त कर सकते हैं। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया में योग को एक प्रभावी स्वास्थ्य पद्धति के रूप में स्वीकार किया जा रहा है।
विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ किया सामूहिक योग
कार्यक्रम में बी.एड. तथा डी.एल.एड. सत्र 2025-27 के सभी छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विद्यार्थियों ने एक साथ विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की प्रक्रियाओं का अभ्यास किया।
योगाभ्यास के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थियों ने बताया कि योग करने के बाद उन्हें मानसिक शांति और शारीरिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने भविष्य में भी नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा प्रत्येक आसन की सही विधि समझाई गई ताकि विद्यार्थी योग के वास्तविक लाभ प्राप्त कर सकें।
प्रो. स्नेहा चौधरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ कार्यक्रम
पूरे कार्यक्रम का संचालन शिक्षा संकाय की स्पोर्ट्स प्राध्यापिका एवं स्पोर्ट्स इंचार्ज प्रो. स्नेहा चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया और उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि योग शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए योग अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यह तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और आत्मविश्वास विकसित करने में मदद करता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से योग करने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मिलकर दिया स्वास्थ्य का संदेश
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि इसमें केवल छात्र-छात्राएं ही नहीं बल्कि शिक्षा संकाय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी शामिल हुए। सभी ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। योग इस दिशा में एक प्रभावी माध्यम है।
आकर्षक संचालन और सफल आयोजन
कार्यक्रम का संचालन सबा और अंकिता ने किया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए योग दिवस के महत्व और कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी उपस्थित लोगों तक पहुंचाई।
उनके प्रभावी संचालन के कारण कार्यक्रम पूरे समय अनुशासित और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ। प्रतिभागियों ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताया।
प्राचार्य ने दी योग दिवस की शुभकामनाएं
करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रियाज ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है।
उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में योग को स्थान देना चाहिए। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देकर संपन्न हुआ कार्यक्रम
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ। कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को यह संदेश दिया कि नियमित योगाभ्यास स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की कुंजी है।
‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ की थीम पर आधारित इस आयोजन ने स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ योग के प्रति लोगों की रुचि को भी मजबूत किया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।













































