
जमशेदपुर: डबल डाउन बीयर बार में हुई हिंसक घटना के बाद भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, जिला पूर्वी सिंहभूम ने शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए जिला वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एवं उपायुक्त से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

जिला अध्यक्ष एस. एन. पाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 28 जून 2026 को डबल डाउन बीयर बार में हुई घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज से यह सामने आया है कि पीसीआर वैन और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के दौरान ही हिमांशु सिंह और प्रत्यूष नामक युवक पर कुछ असामाजिक तत्वों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। बाद में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि उस समय पुलिस द्वारा समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप किया जाता, तो संभवतः इतनी गंभीर घटना नहीं होती। संगठन ने इस मामले में ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
बढ़ते अपराध पर जताई चिंता
प्रेस बयान में कहा गया है कि जमशेदपुर में लगातार चेन स्नैचिंग, चोरी, मारपीट, नशे के अवैध कारोबार और अन्य आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। संगठन का कहना है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल हेलमेट, वाहन और दस्तावेजों की जांच तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना भी उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने प्रशासन के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं—
- घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों की निष्पक्ष जांच कर उनकी जिम्मेदारी तय की जाए।
- यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई एवं निलंबन किया जाए।
- घटना में शामिल सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- जमशेदपुर में बढ़ते अपराध और नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकें।
जनता का विश्वास बनाए रखने की अपील
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि इस पूरे मामले में त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई की जाएगी, जिससे आम जनता का कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।










































