
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित अलग-अलग उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों में झारखंड और उत्तराखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, रखरखाव और निर्माण कार्यों का विस्तृत आकलन किया। बैठक में झारखंड के 3,245 किलोमीटर तथा उत्तराखंड के 4,026 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की समीक्षा की गई। इस दौरान परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा, रखरखाव और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

यह समीक्षा हाल के दिनों में मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्राप्त शिकायतों एवं सुझावों के आधार पर आयोजित की गई, ताकि राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
मीडिया और सोशल मीडिया से मिले फीडबैक के आधार पर हुई समीक्षा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए तथा जिन परियोजनाओं में कमियां सामने आई हैं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस दौर में नागरिकों की प्रतिक्रिया सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों द्वारा साझा की गई समस्याओं का समय पर समाधान करना मंत्रालय की प्राथमिकता है।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारी तथा विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदार भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान प्रत्येक परियोजना की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, निर्धारित समयसीमा, रखरखाव व्यवस्था और लंबित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
झारखंड की 3,245 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर विशेष फोकस
समीक्षा बैठक में झारखंड के 3,245 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य में कई सड़क परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं, जबकि कुछ परियोजनाओं का रखरखाव और मरम्मत कार्य भी जारी है।
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं में कार्य की गति धीमी है, वहां आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर निर्माण में तेजी लाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उत्तराखंड की 4,026 किलोमीटर परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सड़क संपर्क का विशेष महत्व है। बैठक में राज्य के 4,026 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की समीक्षा करते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण, भूस्खलन प्रभावित इलाकों में सुरक्षा उपाय, पुलों की स्थिति और रखरखाव कार्यों पर विशेष चर्चा की गई।
गडकरी ने अधिकारियों से कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और जहां भी आवश्यक हो, वहां आधुनिक तकनीक का उपयोग कर स्थायी समाधान विकसित किए जाएं।
गुणवत्ता और रखरखाव पर दिया विशेष जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग केवल निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका नियमित रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए कि सड़कों पर गड्ढे, जलभराव, क्षतिग्रस्त हिस्सों और अन्य कमियों को समय रहते दूर किया जाए।
उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें न केवल यात्रा को सुरक्षित बनाती हैं, बल्कि आर्थिक विकास, व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा देती हैं।
समय पर परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश
गडकरी ने सभी निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक देरी से परियोजनाओं की लागत बढ़ती है और आम जनता को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने अधिकारियों से नियमित निगरानी करने तथा कार्यों की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन कराने पर भी बल दिया।
सड़क सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुर्घटना संभावित स्थानों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर बेहतर संकेतक, सड़क चिह्न, सुरक्षा बैरियर, प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सुविधाओं को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
जवाबदेही तय करने पर जोर
गडकरी ने कहा कि जिन परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता या रखरखाव में लापरवाही पाई जाएगी, वहां संबंधित एजेंसियों और ठेकेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार देशभर में विश्वस्तरीय सड़क अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बेहतर सड़क नेटवर्क से मिलेगा विकास को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड और उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों का सुदृढ़ नेटवर्क उद्योग, पर्यटन, कृषि और व्यापार को नई गति देगा। बेहतर सड़क संपर्क से माल परिवहन आसान होगा, यात्रा समय कम होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विशेष रूप से झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य और उत्तराखंड जैसे पर्यटन एवं धार्मिक महत्व वाले राज्य के लिए मजबूत सड़क अवसंरचना आर्थिक विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा झारखंड और उत्तराखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार सड़क अवसंरचना की गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्ध विकास को लेकर गंभीर है। मीडिया और सोशल मीडिया से प्राप्त फीडबैक के आधार पर की गई यह समीक्षा पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का उद्देश्य बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ राष्ट्रीय राजमार्ग उपलब्ध कराकर नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।








































