
जमशेदपुर: Jamshedpur पश्चिम के विधायक सरयू राय ने नगर विकास एवं आवास विभाग की करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का शिलान्यास होने के कई महीने बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले को गंभीर जनहित का विषय बताते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को विस्तृत पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने और लंबित योजनाओं पर शीघ्र कार्य प्रारंभ कराने की मांग की है।

विधायक सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (अक्षेस) तथा मानगो नगर निगम क्षेत्र की कुल 16 करोड़ 23 लाख 97 हजार 716 रुपये लागत वाली 60 विकास योजनाओं का शिलान्यास काफी पहले हो चुका है, लेकिन आज तक इनमें से किसी भी योजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने इसे प्रशासनिक उदासीनता बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
जमशेदपुर अक्षेस की 21 योजनाएं अब भी अधर में
सरयू राय ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जमशेदपुर अक्षेस क्षेत्र के अंतर्गत नगर विकास विभाग की 21 योजनाओं को जिला योजना समिति द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी। सभी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने और निविदा निष्पादित होने के बाद 14 मार्च 2026 को इन योजनाओं का विधिवत शिलान्यास भी कर दिया गया।
इन योजनाओं की कुल स्वीकृत लागत 3 करोड़ 24 लाख 78 हजार 599 रुपये है। इसके बावजूद शिलान्यास के कई महीने बाद तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास योजना का शिलान्यास तभी किया जाता है जब उसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हों। ऐसे में कार्य प्रारंभ न होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
मानगो नगर निगम की 39 योजनाओं का भी वही हाल
विधायक ने पत्र में यह भी बताया कि मानगो नगर निगम क्षेत्र में 12 करोड़ 99 लाख 19 हजार 117 रुपये की लागत से 39 विकास योजनाओं का शिलान्यास 29 दिसंबर 2025 को किया गया था।
इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में सड़क, नाली, जल निकासी, आधारभूत नागरिक सुविधाओं तथा अन्य विकास कार्यों को गति देना था। लेकिन छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इन योजनाओं पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में इस प्रकार की देरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। जिन सुविधाओं की लोगों को लंबे समय से प्रतीक्षा है, वे केवल कागजों और शिलापट्टों तक सीमित रह गई हैं।
शिलान्यास के बाद काम शुरू नहीं होना जनता के साथ अन्याय
सरयू राय ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं के लिए नगर विकास विभाग द्वारा धनराशि उपलब्ध करा दी गई, जिला योजना समिति से स्वीकृति मिल गई, निविदा प्रक्रिया पूरी हो गई और शिलान्यास भी हो गया, उन योजनाओं का कार्य शुरू नहीं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की घोषणा और शिलान्यास के बाद जनता को उम्मीद रहती है कि जल्द ही उन्हें बेहतर सड़कें, नालियां और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन जब महीनों तक कोई काम शुरू नहीं होता, तो लोगों का प्रशासन और सरकार पर विश्वास कमजोर होता है।
उन्होंने इसे जनहित की उपेक्षा बताते हुए कहा कि योजनाओं में अनावश्यक विलंब से परियोजनाओं की लागत बढ़ने की भी संभावना रहती है, जिसका अतिरिक्त बोझ सरकारी संसाधनों पर पड़ सकता है।
समय सीमा में परियोजनाएं पूरी होना मुश्किल
विधायक ने चिंता जताई कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो निर्धारित समय सीमा के भीतर इन परियोजनाओं का पूरा होना कठिन हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम सहित अन्य परिस्थितियों के कारण पहले ही कई विकास कार्य प्रभावित होते हैं। यदि योजनाओं का कार्य समय पर प्रारंभ नहीं होगा तो उनका लाभ आम जनता तक पहुंचने में और अधिक देरी होगी।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जाए ताकि निर्धारित समय के भीतर सभी कार्य पूरे किए जा सकें।
कई बार अधिकारियों को कराया अवगत
सरयू राय ने बताया कि उन्होंने इस विषय को कई बार मानगो नगर निगम तथा जमशेदपुर अक्षेस के अधिकारियों के समक्ष उठाया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि संबंधित योजनाओं के लिए संवेदकों की नियुक्ति भी हो चुकी है, फिर भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही का संकेत देता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर तकनीकी, प्रशासनिक या वित्तीय बाधा है तो उसे तत्काल दूर कर विकास कार्यों को गति दी जानी चाहिए।
प्रधान सचिव से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
अपने पत्र के माध्यम से विधायक ने नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की समीक्षा कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मांग की कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि सभी लंबित योजनाओं का निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कराया जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही कार्यों में हो रही देरी के कारणों की जांच कर आवश्यक जवाबदेही भी तय की जाए।
सरयू राय ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य जनता को समय पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यदि योजनाएं वर्षों तक केवल कागजों में या शिलान्यास तक सीमित रहेंगी तो विकास की पूरी प्रक्रिया प्रभावित होगी।
जनता को हो रही है लगातार परेशानी
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों के लिए ये योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, वहां के लोग आज भी खराब सड़कों, जलजमाव, अपर्याप्त जल निकासी और अन्य बुनियादी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
यदि समय पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन हो जाता तो हजारों लोगों को राहत मिलती। लेकिन कार्य शुरू नहीं होने से नागरिकों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से आम लोगों की अपेक्षाओं को भी ठेस पहुंचती है और सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं।
विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
सरयू राय ने कहा कि विकास योजनाओं की सफलता केवल उनकी घोषणा या शिलान्यास से नहीं, बल्कि समय पर गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पूरा होने से तय होती है।
उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि जनहित से जुड़े इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और जल्द से जल्द सभी लंबित परियोजनाओं पर काम शुरू कराया जाएगा, ताकि जनता को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।
मुख्य बिंदु
- जमशेदपुर अक्षेस की 21 योजनाएं अब तक शुरू नहीं।
- मानगो नगर निगम की 39 योजनाएं भी लंबित।
- कुल 60 विकास योजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार।
- कुल परियोजना लागत 16 करोड़ 23 लाख 97 हजार 716 रुपये।
- सरयू राय ने प्रधान सचिव को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
- समय पर कार्य शुरू नहीं होने से जनता को मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।
- विधायक ने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
Jamshedpur अक्षेस और मानगो नगर निगम क्षेत्र की 16 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विकास योजनाओं का शिलान्यास होने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विधायक सरयू राय द्वारा उठाया गया यह मुद्दा केवल योजनाओं में देरी का नहीं, बल्कि आम नागरिकों को समय पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने से भी जुड़ा हुआ है। अब सभी की निगाहें नगर विकास एवं आवास विभाग पर हैं कि वह इस मामले में कितनी शीघ्रता से कार्रवाई करते हुए लंबित योजनाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम उठाता है।











































