
जमशेदपुर : नशे का अवैध व्यापार और युवाओं में बढ़ता नशा आज समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने और कानून-व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर डालता है। जमशेदपुर जिला प्रशासन ने इस चुनौती से निपटने के लिए नार्कोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जिसमें प्रशासन ने बहुआयामी रणनीतियों पर गंभीर मंथन किया और ज़मीन पर असरदार कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक का उद्देश्य और सहभागिता
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, सिटी एसपी, दोनों अनुमंडल पदाधिकारी, ड्रग्स इंस्पेक्टर, नगर निकाय प्रतिनिधि, समाज कल्याण पदाधिकारी, फूड इंस्पेक्टर समेत अन्य विभागीय पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का उद्देश्य था:
- एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दर्ज मामलों की समीक्षा
- ड्रग्स के अवैध उत्पादन, बिक्री और तस्करी पर नियंत्रण
- जन-जागरूकता और पुनर्वास की रणनीतियां
प्रशासन के प्रमुख निर्देश
- दवा दुकानों की कड़ी निगरानी
- दवा दुकानों के जरिए हो रही गोपनीय नशीली दवाओं की बिक्री पर सख्त निगरानी का आदेश।
- ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत फार्मेसियों की नियमित जांच।
- बिना लाइसेंस चल रही फार्मेसियों की पहचान कर विधिक कार्रवाई।
- प्रतिबंधित दवाओं की सूची का डिस्प्ले अनिवार्य किया गया।
- पुलिस और ड्रग्स विभाग का समन्वय
- सभी थाना प्रभारियों को ड्रग्स से जुड़े इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश।
- ड्रग्स सप्लाई चेन की गहराई तक जांच कर नेटवर्क को तोड़ने पर जोर।
- दवा दुकानदारों के साथ बैठकें कर उन्हें कानून के प्रावधानों से अवगत कराना।
- युवाओं के लिए जागरूकता और पुनर्वास
- स्कूल-कॉलेजों में नशामुक्ति कार्यशालाएं आयोजित करने पर बल।
- नशे के आदी लोगों और उनके परिवारों की काउंसलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश।
- पुनर्वास के बाद नशा छोड़ चुके लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की योजना।
- जन-सहयोग की अपील
- आमजन से अपील की गई कि यदि उन्हें ड्रग्स के सेवन, व्यापार या परिवहन की कोई सूचना मिले तो टोल फ्री नंबर 112 या पुलिस कंट्रोल रूम 0657-2431028 पर जरूर जानकारी दें।
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भविष्य की रणनीति
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ड्रग इंस्पेक्टर प्रत्येक माह नार्कोटिक्स दवाओं के स्टॉक और बिक्री की रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही हर मेडिकल दुकान में ग्राहकों को जागरूक करने के लिए सूचना-पट्ट लगाया जाए, जिससे वे जान सकें कि कौन सी दवाएं बिना पर्ची के नहीं मिल सकतीं।
जमशेदपुर प्रशासन की यह बैठक केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि जागरूक, समन्वित और संवेदनशील प्रयासों का आरंभिक चरण है। ड्रग्स के खिलाफ यह लड़ाई तभी सफल होगी जब प्रशासन, पुलिस, दवा विक्रेता और समाज मिलकर एकजुट हों।
अगर इन निर्देशों पर ज़मीन स्तर पर सख्ती से अमल होता है, तो आने वाले समय में जमशेदपुर एक ‘ड्रग्स मुक्त मॉडल ज़िला’ बन सकता है — जहां युवा नशे के दलदल से निकलकर रचनात्मकता, शिक्षा और विकास के रास्ते पर अग्रसर हों।
📢 “नशे को ना कहो, जीवन को हां कहो!”
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नशे के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख, NCORD बैठक में दिए सख्त निर्देश
जमशेदपुर के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में नार्कोटिक्स समन्वय समिति (NCORD) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, सिटी एसपी, दोनों अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
उपायुक्त ने दवा दुकानों में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर सघन जांच का निर्देश दिया और बिना लाइसेंस फार्मेसियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। स्कूल-कॉलेजों में नशामुक्ति कार्यशालाएं, नशा छोड़ चुके लोगों को पुनर्वास और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की बात कही गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को ड्रग्स कारोबारियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसाधारण से अपील की गई कि ड्रग्स की सूचना टोल फ्री नंबर 112 या 0657-2431028 पर दें।
प्रशासन ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।













































