जमशेदपुर, 7 अगस्त। नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय (NSU), जमशेदपुर में शुक्रवार को चतुर्थ दीक्षांत समारोह गरिमामय एवं भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को उपाधियां एवं मेधावी छात्रों को स्वर्ण और रजत पदक प्रदान करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री मदन मोहन सिंह, कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेन्द्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।
1600 से अधिक विद्यार्थियों को मिली डिग्री
दीक्षांत समारोह में सत्र 2022-25 के विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 1600 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को 26 स्वर्ण पदक और 26 रजत पदक देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा 33 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। विद्यार्थियों के लिए यह समारोह वर्षों की मेहनत, समर्पण और सफलता का ऐतिहासिक एवं भावनात्मक क्षण साबित हुआ।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा समारोह
राज्यपाल के विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन की ओर से उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन और गणेश वंदना से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह की गरिमा को और बढ़ाया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का प्रस्तुत किया गया लेखा-जोखा
कुलाधिपति मदन मोहन सिंह और कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने अपने स्वागत भाषण में विश्वविद्यालय की स्थापना से अब तक की विकास यात्रा, शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान, नवाचार, उद्योग-शिक्षा सहयोग तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए मानक स्थापित कर रहा है।
राज्यपाल बोले— डिग्री के साथ जिम्मेदारियों का भी संकल्प लें
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को निभाने का संकल्प लेने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का आधार बनाते हुए नवाचार, उद्यमिता और अनुसंधान के माध्यम से देश के विकास में योगदान देना चाहिए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए सभी उपाधिधारकों, पदक विजेताओं और शोधार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जिम्मेदार नागरिक तैयार करना विश्वविद्यालय का लक्ष्य : मदन मोहन सिंह
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, सक्षम और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्योगों से समन्वय और वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवनभर सीखते रहने और अपने ज्ञान का उपयोग समाजहित में करने का आह्वान किया।
शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों पर भी विशेष जोर
कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान संस्कृति और सामाजिक उत्तरदायित्व से भी जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय में बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का नाम रोशन करेंगे।
राज्यपाल को स्मृति-चिह्न भेंट कर किया सम्मानित
समारोह के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों, अभिभावकों और सहपाठियों के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाए। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह, उपलब्धि और गौरव का माहौल देखने को मिला।
मुख्य बिंदु
- चतुर्थ दीक्षांत समारोह में 1600 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान।
- 26 स्वर्ण एवं 26 रजत पदक से मेधावी छात्र सम्मानित।
- 33 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिली।
- राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
- विश्वविद्यालय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
















