जमशेदपुर, 3 अगस्त। पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा तकनीक के माध्यम से पुलिसिंग को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के नेतृत्व में जिले में QR कोड आधारित डिजिटल बीट पुलिसिंग प्रणाली का शुभारंभ किया गया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य जनसुरक्षा बढ़ाना, पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करना, अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाना तथा आम नागरिकों के बीच पुलिस की नियमित और दृश्यमान उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
206 बीट में बंटा पूरा जिला
नई व्यवस्था के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले को कुल 206 बीट में विभाजित किया गया है। इनमें 102 बीट शहरी क्षेत्र तथा 104 बीट ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए हैं। प्रत्येक बीट के लिए एक-एक बीट पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है, जो अपने क्षेत्र में नियमित गश्त, अपराध संबंधी सूचनाओं का संकलन, नागरिकों से संवाद और अपराध रोकथाम की जिम्मेदारी निभाएंगे।
वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर लगाए गए QR कोड
पुलिस प्रशासन के अनुसार, QR कोड लगाने के स्थानों का चयन पिछले पांच वर्षों के अपराध आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर किया गया है। इसके अलावा बाजार, बस स्टैंड, परिवहन केंद्र, संवेदनशील इलाके, सार्वजनिक स्थल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को भी इस डिजिटल प्रणाली में शामिल किया गया है।
हर शिफ्ट में दो बार होगी QR कोड स्कैनिंग
नई व्यवस्था के तहत टैंगो वाहन, पीसीआर और थाना गश्ती वाहन अपनी प्रत्येक ड्यूटी शिफ्ट में संबंधित बीट के QR कोड को कम-से-कम दो बार स्कैन करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि पुलिस नियमित रूप से क्षेत्र में मौजूद है और गश्त का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज हो रहा है।
शाम 5 से 8 बजे तक विशेष गश्त
बीट पदाधिकारी प्रतिदिन अपने क्षेत्र में पैदल या मोटरसाइकिल से गश्त करेंगे। विशेष रूप से शाम 5:00 बजे से 8:00 बजे के बीच उनकी सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, क्योंकि इस समय सड़क अपराध और अन्य घटनाओं की संभावना अधिक रहती है।
डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी जवाबदेही
QR कोड स्कैनिंग के माध्यम से प्रत्येक गश्त का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। वरिष्ठ अधिकारी इस रिकॉर्ड की निगरानी कर सकेंगे, जिससे पुलिस कर्मियों की जवाबदेही और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही अपराध संभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
क्या होंगे इस पहल के फायदे?
इस डिजिटल बीट पुलिसिंग प्रणाली से कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है—
- शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में Visible Policing को बढ़ावा मिलेगा।
- अपराध संभावित स्थानों पर पुलिस की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी।
- बीट स्तर पर सूचना संकलन और सामुदायिक पुलिसिंग मजबूत होगी।
- तकनीक के उपयोग से पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
- सड़क अपराध, चोरी, लूटपाट और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में सहायता मिलेगी।
- बीट पदाधिकारियों और गश्ती दलों के बीच बेहतर समन्वय विकसित होगा।
आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग का संगम
जमशेदपुर पुलिस का कहना है कि यह पहल आधुनिक तकनीक और पारंपरिक बीट पुलिसिंग का प्रभावी समन्वय है। डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक मोहल्ले और गांव में पुलिस की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होगी, जिससे नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और पुलिस-जन सहयोग को नई दिशा मिलेगी।
जमशेदपुर पुलिस का मानना है कि QR कोड आधारित डिजिटल बीट पुलिसिंग भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नागरिकों का विश्वास भी और अधिक मजबूत करेगी।
















