
जमशेदपुर: इस अवसर पर Upper सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन, श्री के.के. सोन ने झारखंड के डुमरिया प्रखंड के सुदूरवर्ती लखाईडीह गाँव का दौरा किया। यह भ्रमण सिर्फ एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि गाँव के सर्वागीण विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्देशों का स्रोत साबित हुआ। 15 साल पहले इसी गाँव में सरकारी अधिकारी के रूप में आए श्री सोन ने तब और अब की तुलना करते हुए विकास की गति की सराहना की। अगर आप ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन और सरकारी योजनाओं में रुचि रखते हैं, तो यह लेख आपके लिए खास है। हम अपर सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन के इस जिला भ्रमण को विस्तार से समझेंगे, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं पर दिए गए दिशानिर्देश प्रमुख हैं।

Upper सचिव श्री के.के. सोन का लखाईडीह गाँव दौरा एक नजर
Dumariya प्रखंड का लखाईडीह गाँव पहाड़ी और दुर्गम इलाके में बसा है, जहाँ पहुंचना आसान नहीं। लेकिन Upper सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के श्री के.के. सोन ने इस सुदूरवर्ती गाँव का दौरा कर ग्रामीणों के बीच उत्साह भर दिया। उनका आगमन ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। आल इंडिया सरना धर्म चेमेट अशरा के तत्वावधान में आयोजित अनुष्ठान में वे शामिल हुए और पूजा-अर्चना की।
श्री सोन ने अपने संबोधन में भावुक होकर कहा कि 15 वर्ष पहले वे पहली बार बतौर सरकारी अधिकारी यहाँ आए थे। तब गाँव की स्थिति बहुत अलग थी। स्कूल में सिर्फ 15 बच्चे पढ़ते थे, लेकिन अब 312 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कल्याण विभाग ने बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए हैं। कई युवा बड़े शहरों में इंजीनियरिंग, मेडिकल और कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने बालिका छात्रावास की लड़कियों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में पढ़ाई न रोकें। अगर कोई बाधा हो, तो जिला अधिकारी (डीसी) को पत्र लिखें। गाँव में समाज के सहयोग से नशामुक्ति और अंधविश्वास के खिलाफ प्रयासों की भी खूब तारीफ की। उन्होंने बच्चों को सेवा, संस्कार और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देकर जिम्मेदार नागरिक बनाने की अपील की।
यह दौरा Upper सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन के जिला भ्रमण का हिस्सा था, जो गाँव के सर्वागीण विकास पर केंद्रित रहा।

DM श्री कर्ण सत्यार्थी के संबोधन में ग्रामीण विकास की रूपरेखा
DN श्री कर्ण सत्यार्थी ने भी इस अवसर पर संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि दो दशक पहले श्री सोन सर ने ग्रामीणों को विश्वास में लेकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा, जो सराहनीय है। केंद्र और राज्य सरकार के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत सुदूरवर्ती गाँवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास तेज हैं। शिक्षा, जीविकोपार्जन, पेयजल, सड़कें, नेटवर्क कनेक्टिविटी जैसी समस्याओं का समाधान सभी विभागों के समन्वय से हो रहा है।
श्री सत्यार्थी ने इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहाँ पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। इसे विकसित करने से गाँव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ग्राम प्रधान श्री कान्हू राम टुडू ने भी प्रशासन की सराहना की। उन्होंने बताया कि गाँव नशामुक्त हो गया है। सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ी है। अभिभावक बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं और कई उच्च शिक्षा के लिए बाहर जा रहे हैं। सरकारी योजनाओं से बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हो रही हैं।

Upper सचिव जल जीवन मिशन के तहत पेयजल और बुनियादी ढांचे पर निर्देश
Upper सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन का यह जिला भ्रमण विशेष रूप से जल जीवन मिशन पर केंद्रित था। श्री सोन ने गाँव में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे की विकास गतिविधियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। जमीनी स्तर पर काम करने और निगरानी में पारदर्शिता लाने पर बल दिया।
योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, इसके लिए विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने को कहा। स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कृषि में लक्ष्यों को समयसीमा के अंदर हासिल करने के निर्देश दिए। नियमित निरीक्षण और अनुश्रवण से विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। विशेष रूप से कल्याण विभाग के बालिका छात्रावास में भोजन और सुविधाओं की समस्या का ठोस समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने बालक छात्रावास, नेताजी अवासीय विद्यालय और धुमकुड़िया भवन का अवलोकन किया। विद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधा रोपण भी किया।
Upper सचिव पेयजल सुविधाओं पर विशेष फोकस
जल जीवन मिशन के अभियान निदेशक के रूप में श्री सोन ने पेयजल की कमी पर गौर किया। गाँव में हर घर नल-जल कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग कर स्थायी जल स्रोत विकसित करने की बात कही। यह निर्देश गाँव के सर्वागीण विकास का आधार बनेगा।

Upper सचिव योजनाओं का वितरण और ग्रामीणों से संवाद
इस भ्रमण के दौरान सरकार की कई योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ पहुँचाया गया। मुख्य अतिथि श्री के.के. सोन ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के स्वीकृति पत्र, अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास के गृह प्रवेश, सोना-सोबरन धोती-साड़ी वितरण किया। विकास योजनाओं की प्रगति पर ग्रामीणों से संवाद किया। पक्के मकान, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आजीविका, पेयजल जैसे क्षेत्रों में कार्यों की जानकारी ली।
DM श्री सत्यार्थी ने बताया कि जिला प्रशासन कैम्पों के माध्यम से प्रमाण-पत्र बनवा रहा है, स्वास्थ्य जाँच, पशु टीकाकरण हो रहा है। व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। यह अपर सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन के जिला भ्रमण का प्रमुख हिस्सा था।
उपस्थित अधिकारियों और ग्रामीणों की भूमिका
इस अवसर पर एमडी जेजेएम डॉ. अरुण कुमार जायसवाल, उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, एमडी साइंटिस्ट जेजेएम डॉ. करना राजहंस, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला श्री सुनील चंद्र, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री धनंजय, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीएसई, डीईओ, जिला कृषि, पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य, वनिकी, डीपीएम जेएसएलपीएस, एलडीएम, प्रखंड विकास पदाधिकारी डुमरिया निलेश मुर्मू, अंचल अधिकारी श्री पवन कुमार और ग्राम प्रधान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सबने Upper सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन के निर्देशों का स्वागत किया।

Upper सचिव गाँव के सर्वागीण विकास की दिशा में कदम
यह भ्रमण गाँव के सर्वागीण विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। शिक्षा में वृद्धि, नशामुक्ति, पर्यटन संभावनाएँ और जल जीवन मिशन के तहत पेयजल पर फोकस से लखाईडीह जैसे गाँव आत्मनिर्भर बनेंगे। प्रशासनिक समन्वय से योजनाएँ धरातल पर उतरेंगी।
Upper सचिव एवं अभियान निदेशक जल जीवन मिशन, जल शक्ति मंत्रालय के श्री के.के. सोन का यह जिला भ्रमण लखाईडीह गाँव के लिए नई उम्मीद लेकर आया। गाँव के सर्वागीण विकास हेतु दिए महत्वपूर्ण निर्देश शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे। 15 सालों में आए बदलाव प्रेरणा हैं। अब जरूरत है इन निर्देशों को अमल में लाने की। ऐसे प्रयास से देश के हर गाँव विकसित होंगे। अगर आपका गाँव भी ऐसा बनना चाहता है, तो सरकारी योजनाओं से जुड़ें।









