
नई दिल्ली: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम Enterprise मंत्रालय (एमएसएमई) ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी), ओखला, नई दिल्ली परिसर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। योग दिवस के इस विशेष अवसर पर मंत्रालय और एनएसआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना तथा कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य और कल्याण की संस्कृति को मजबूत बनाना था। पूरे आयोजन के दौरान सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर दिया गया विशेष जोर
इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की वैश्विक थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर विशेष रूप से चर्चा की गई और बताया गया कि योग किस प्रकार जीवन के हर चरण में व्यक्ति को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी बढ़ती हैं। ऐसे में योग केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं बल्कि संपूर्ण जीवनशैली का हिस्सा बन जाता है, जो शरीर, मन और भावनाओं के बीच संतुलन स्थापित करता है।
वक्ताओं ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक फिटनेस में सुधार होता है, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और बेहतर जीवन गुणवत्ता भी सुनिश्चित होती है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय तथा एनएसआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक साथ योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया।
योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र में प्रतिभागियों ने विभिन्न योग क्रियाओं को सीखा और उनके स्वास्थ्य लाभों को समझा। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान अनुशासन, एकाग्रता और सामूहिकता की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि योग केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण और बेहतर कार्यक्षमता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और सद्भाव की संस्कृति को बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कर्मचारियों का स्वास्थ्य किसी भी संस्था की सफलता का आधार होता है। योग कार्यस्थल पर तनाव कम करने, उत्पादकता बढ़ाने और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक साबित होता है।
अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक कार्यशैली में लंबे समय तक बैठकर काम करने, बढ़ते तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। योग इन चुनौतियों से निपटने का प्रभावी और सरल उपाय है।
योग दिवस के आयोजन ने कर्मचारियों को यह संदेश दिया कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के बिना किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ सीधा प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोलकाता से दिए गए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री का संदेश ध्यानपूर्वक सुना।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए इसे वैश्विक कल्याण का माध्यम बताया। उन्होंने योग के जरिए स्वास्थ्य, शांति और एकता के संदेश को दुनिया भर में पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रतिभागियों ने प्रधानमंत्री के विचारों से प्रेरणा लेते हुए योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प दोहराया।
योग सत्र के बाद आयोजित किया गया स्वास्थ्य जांच शिविर
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की एक विशेष पहल के रूप में एनएसआईसी परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। यह शिविर एमएएसएसएच सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के सहयोग से आयोजित किया गया।
योग सत्र के तुरंत बाद आयोजित इस शिविर में कर्मचारियों को निवारक स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान की गई। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बनाना और समय रहते संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करना था।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह भी दी।
रक्तचाप, शुगर और बीएमआई की जांच की गई
स्वास्थ्य जांच शिविर में कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इनमें रक्तचाप (बीपी) की जांच, रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) परीक्षण और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मूल्यांकन शामिल थे।
इन जांचों के माध्यम से कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। विशेषज्ञों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया।
चिकित्सकों ने बताया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे जैसी समस्याओं की समय पर पहचान और उचित प्रबंधन से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
कर्मचारियों को वितरित किए गए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कूपन
स्वास्थ्य जागरूकता को और अधिक बढ़ावा देने के उद्देश्य से कर्मचारियों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कूपन भी प्रदान किए गए। इन कूपनों के माध्यम से कर्मचारी निर्धारित शर्तों और वैधता अवधि के भीतर विभिन्न चिकित्सा जांच और विशेषज्ञ परामर्श का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस पहल का कर्मचारियों ने स्वागत किया और इसे स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अधिकारियों ने कहा कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल भविष्य में गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
एमएसएमई मंत्रालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल योग दिवस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व को भी रेखांकित किया।
विशेषज्ञों ने बताया कि आज के समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज करने से अधिक महत्वपूर्ण है उनकी समय रहते रोकथाम करना। योग, नियमित स्वास्थ्य जांच और संतुलित जीवनशैली इस दिशा में सबसे प्रभावी उपाय हैं।
कार्यक्रम ने कर्मचारियों को यह समझाने का प्रयास किया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर वे अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन दोनों को बेहतर बना सकते हैं।
स्वस्थ भारत के निर्माण में योग की महत्वपूर्ण भूमिका
वक्ताओं ने कहा कि भारत सरकार द्वारा योग को बढ़ावा देने का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधारना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ और जागरूक राष्ट्र का निर्माण करना है।
योग शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। यह व्यक्ति को अनुशासित, सकारात्मक और आत्मविश्वासी बनाता है। यही गुण एक मजबूत और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि योग आज विश्वभर में लोकप्रिय हो चुका है और भारत की सांस्कृतिक विरासत के रूप में वैश्विक पहचान प्राप्त कर चुका है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम Enterprise मंत्रालय द्वारा आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, जागरूकता और सामूहिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। एनएसआईसी परिसर में आयोजित योग सत्र और स्वास्थ्य जांच शिविर ने कर्मचारियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
“स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के अनुरूप आयोजित यह कार्यक्रम मंत्रालय की अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। योग और स्वास्थ्य जांच जैसी पहलों के माध्यम से स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक सार्थक कदम उठाया गया है।








































