जमशेदपुर: विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर Karim सिटी कॉलेज, जमशेदपुर के भूगोल विभाग द्वारा एक विशेष वेबीनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को बढ़ती जनसंख्या, उसके सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों के साथ-साथ जनसंख्या नियंत्रण की आवश्यकता के प्रति जागरूक करना था। वेबीनार में कॉलेज के शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर जनसंख्या वृद्धि, संसाधनों पर बढ़ते दबाव, महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं की भूमिका को जनसंख्या नियंत्रण और जागरूक समाज के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ ने किया अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम के आयोजक सचिव एवं करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसलिए उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों में जागरूकता पैदा करें और उन्हें सामाजिक बदलाव का वाहक बनाएं।
डॉ. रेयाज़ ने इस वर्ष की थीम “युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं को साकार करना — आज और भविष्य के लिए” का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि युवाओं को सही शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे देश के सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
डॉ. फरजाना अंजुम ने जनसंख्या दिवस के उद्देश्य पर डाला प्रकाश
वेबीनार की संचालिका एवं भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. फरजाना अंजुम ने कार्यक्रम की शुरुआत परिचयात्मक भाषण से की। उन्होंने विश्व जनसंख्या दिवस के इतिहास, उद्देश्य और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या केवल संख्या में वृद्धि का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव समाज, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर पड़ता है। इसलिए जनसंख्या संबंधी विषयों पर युवाओं को जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे जनसंख्या नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
मुख्य वक्ता डॉ. आले अली ने जनसंख्या वृद्धि की चुनौतियों पर रखे विचार
वेबीनार के मुख्य वक्ता एवं भूगोल विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. आले अली ने जनसंख्या वृद्धि के वैश्विक और राष्ट्रीय प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकासशील देशों की सबसे बड़ी चुनौतियों में तेजी से बढ़ती जनसंख्या शामिल है।
उन्होंने बताया कि जनसंख्या वृद्धि का सीधा संबंध महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, आर्थिक विकास और सामाजिक जागरूकता से जुड़ा हुआ है। यदि समाज में महिलाओं को बेहतर शिक्षा और समान अवसर मिलें तथा परिवार नियोजन की जानकारी प्रत्येक परिवार तक पहुंचे, तो जनसंख्या वृद्धि की गति को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. आले अली ने यह भी कहा कि केवल सरकारी योजनाएं पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला और पश्चिमी सिंहभूम के जनसंख्या वितरण का किया विश्लेषण
अपने व्याख्यान के दौरान डॉ. आले अली ने पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के जनसंख्या वितरण का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न आंकड़ों और भौगोलिक तथ्यों के माध्यम से बताया कि इन क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व, संसाधनों की उपलब्धता और विकास के स्तर में किस प्रकार का अंतर देखने को मिलता है।

उन्होंने यह भी बताया कि जनसंख्या का संतुलित वितरण, शिक्षा का प्रसार और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को जनसांख्यिकीय अध्ययन के महत्व से भी अवगत कराया।
महिलाओं की शिक्षा और परिवार नियोजन पर दिया विशेष जोर
मुख्य वक्ता ने कहा कि किसी भी देश के विकास का आधार उसकी शिक्षित और जागरूक आबादी होती है। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं के स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता को जनसंख्या नियंत्रण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर और परिवार नियोजन संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए, तो जनसंख्या नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है।
प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने पूछे महत्वपूर्ण सवाल
वेबीनार के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र का समन्वयन सहायक प्राध्यापिका डॉ. इनायत बानो ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने जनसंख्या वृद्धि, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, परिवार नियोजन और सतत विकास से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे।
डॉ. आले अली ने सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. इनायत बानो ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता, प्राचार्य, सभी शिक्षकों, आयोजकों तथा छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में सभी के सहयोग की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं।
करीम सिटी कॉलेज के भूगोल विभाग द्वारा आयोजित यह वेबीनार विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और उपयोगी साबित हुआ। कार्यक्रम में जनसंख्या वृद्धि से जुड़ी चुनौतियों, महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि जनसंख्या नियंत्रण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि युवाओं, शिक्षण संस्थानों और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही एक संतुलित, स्वस्थ और विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है।

















