जमशेदपुर: NTTF आर.डी. टाटा टेक्निकल एजुकेशन सेंटर, गोलमुरी और टाटा स्टील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नए विद्यार्थियों के लिए आयोजित 10 दिवसीय ‘रोप-इन’ (Rope-In) ओरिएंटेशन एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम का शनिवार को भव्य समापन हुआ। संस्थान के सभागार में आयोजित इस समारोह में विद्यार्थियों ने योग, समूह पीटी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रचनात्मक गतिविधियों और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों और शिक्षकों का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का संस्थान में स्वागत करना नहीं था, बल्कि उन्हें तकनीकी शिक्षा के साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन, टीम भावना और सकारात्मक सोच जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों से भी परिचित कराना था। दस दिनों तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उद्योग जगत के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
समापन समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि टाटा स्टील फाउंडेशन के ब्रिज किशोर सिंह, संस्थान की प्राचार्य प्रीता जॉन तथा उप-प्राचार्य पल्लवी चौधरी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे सभागार का माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर दिया।
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति, अनुशासन और टीम वर्क की झलक स्पष्ट दिखाई दी। अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में आए सकारात्मक बदलाव की सराहना की।


रोप-इन कार्यक्रम का उद्देश्य बताया
कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए उप-प्राचार्य पल्लवी चौधरी ने कहा कि रोप-इन कार्यक्रम केवल प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को संस्थान की कार्य संस्कृति और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने बताया कि दस दिनों के दौरान विद्यार्थियों को निम्न विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया—
- योग एवं शारीरिक प्रशिक्षण
- समय प्रबंधन
- व्यक्तित्व विकास
- संचार कौशल
- टीम बिल्डिंग
- नेतृत्व क्षमता
- सकारात्मक सोच
- मेमोरी तकनीक
- रचनात्मक गतिविधियां
- समूह अभ्यास एवं प्रतियोगिताएं
उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
दलीय भावना और समय का सम्मान ही सफलता का मूलमंत्र : ब्रिज किशोर सिंह
मुख्य अतिथि ब्रिज किशोर सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि “दलीय भावना एवं समय की प्रतिबद्धता ही सफलता का मूलमंत्र है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी उद्योग, संस्था या संगठन में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि टीम वर्क, अनुशासन और समय के प्रति ईमानदारी से मिलती है।
उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच भी उतनी ही आवश्यक है। यदि विद्यार्थी निरंतर सीखने की आदत विकसित करें और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।
ब्रिज किशोर सिंह ने मेमोरी तकनीक, लक्ष्य निर्धारण, प्रभावी संवाद और टीम वर्क के व्यावहारिक पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को हर दिन कुछ नया सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का संकल्प लेने की सलाह दी।
तकनीकी शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास भी जरूरी : प्रीता जॉन
संस्थान की प्राचार्य प्रीता जॉन ने अपने संबोधन में कहा कि एनटीटीएफ का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा देना नहीं है, बल्कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल, अनुशासित और जिम्मेदार तकनीशियन तैयार करना भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए अनुशासन, समय प्रबंधन और टीम भावना को केवल संस्थान तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएं। यही गुण उन्हें भविष्य में एक सफल पेशेवर बनाएंगे।
योग और समूह पीटी बना समारोह का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत योग प्रदर्शन और समूह पीटी सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने एकरूपता, अनुशासन, तालमेल और समयबद्धता का शानदार प्रदर्शन किया।
इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि नियमित अभ्यास, आत्मविश्वास और टीम भावना के बल पर किसी भी कठिन लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों ने विद्यार्थियों की जमकर सराहना की।
विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ अपनी रचनात्मक क्षमता का भी शानदार प्रदर्शन किया। कोलाज निर्माण, दैनिक डायरी लेखन, मेमोरी तकनीक और विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति क्षमता, कल्पनाशीलता, नेतृत्व कौशल और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली।
पुरस्कार विजेताओं को किया गया सम्मानित
समापन समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
सर्वश्रेष्ठ दैनिक डायरी
- बैच-1: रीमा कर्मकार
- बैच-2: आर्या श्रीवास्तव
कोलाज प्रतियोगिता
- बैच-1: राज नंदिनी एवं सपना सिंह
- बैच-2: अवनीत संधू
सर्वश्रेष्ठ योग
- राज नंदिनी
सर्वश्रेष्ठ व्यायाम
- प्रिंस तिवारी
सर्वश्रेष्ठ अनुशासन
बालक वर्ग: करणदीप सिंह
बालिका वर्ग: साई पद्मा नंदा
पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी विजेताओं को प्रमाण-पत्र और सम्मान देकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।
सभी के सहयोग से सफल हुआ आयोजन
समारोह के अंत में उप-प्राचार्य पल्लवी चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों और सहयोगी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही यह दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मृण्मय कुमार महतो, ज्योति कुमार ठाकुर सहित संस्थान के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।
विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
NTTF और टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह 10 दिवसीय रोप-इन कार्यक्रम केवल एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और व्यावसायिक कौशल को विकसित करने की एक प्रभावी पहल साबित हुआ। कार्यक्रम के समापन के साथ विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, टीम भावना और सीखने का उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। संस्थान को विश्वास है कि यहां से प्राप्त अनुभव और प्रशिक्षण विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य तथा सफल करियर की मजबूत नींव साबित होंगे।

















