जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति इसी क्रम में 13 जुलाई 2026 को प्रस्तावित सिविल डिफेंस एयर रेड एवं Blackout मॉक ड्रिल को लेकर शनिवार को समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मॉक ड्रिल की तैयारियों, विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और समन्वय व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए तथा अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो।
आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा और अन्य संबंधित एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा, युद्ध जैसी स्थिति या अन्य किसी गंभीर संकट के समय प्रशासन की तत्परता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय ही जनहानि को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाएं।
समीक्षा बैठक में कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब, सिटी एसपी ललित मीणा, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि-व्यवस्था), जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला, उप नगर आयुक्त (जेएनएसी), जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, डीएसपी ट्रैफिक, सिविल डिफेंस के वार्डन, अग्निशमन विभाग, जुस्को तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी दी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा की।
13 जुलाई को इन प्रक्रियाओं का होगा वास्तविक अभ्यास
बैठक में बताया गया कि 13 जुलाई को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल के दौरान वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया जाएगा।
इनमें शामिल हैं—
- एयर रेड (हवाई हमले की चेतावनी)
- अर्ली वार्निंग सिस्टम
- ब्लैकआउट व्यवस्था
- सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन)
- शेल्टरिंग व्यवस्था
- सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन
- मेडिकल रिस्पॉन्स
- कैजुअल्टी इवैक्यूएशन
इन सभी गतिविधियों के माध्यम से यह परखा जाएगा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में विभिन्न एजेंसियां कितनी तेजी और समन्वय के साथ कार्य कर सकती हैं।
सभी विभागों को SOP का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश
उपायुक्त राजीव रंजन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पूर्ण रूप से पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी निर्धारित भूमिका को पहले से समझ ले और अभ्यास के दौरान उसी के अनुरूप कार्य करे।

उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करने, आवश्यक उपकरणों की जांच करने तथा सभी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने का निर्देश दिया।
मॉक ड्रिल स्थल की जानकारी समय पर होगी जारी
बैठक में प्रस्तावित मॉक ड्रिल के आयोजन स्थल को लेकर भी चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभ्यास स्थल की अंतिम जानकारी उचित समय पर नागरिकों और संबंधित विभागों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
प्रशासन ने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
Blackout और अर्ली वार्निंग सिस्टम की होगी जांच
मॉक ड्रिल के दौरान ब्लैकआउट व्यवस्था और अर्ली वार्निंग सिस्टम की प्रभावशीलता का विशेष रूप से परीक्षण किया जाएगा।
इस अभ्यास के माध्यम से यह देखा जाएगा कि यदि किसी आपात स्थिति में बिजली बंद करनी पड़े या लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना हो, तो प्रशासन और संबंधित एजेंसियां कितनी प्रभावी ढंग से कार्य करती हैं।
सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों के डाटाबेस का होगा सत्यापन
उपायुक्त ने बताया कि इस अभ्यास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों के डाटाबेस का सत्यापन और अद्यतन करना भी है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता किसी भी संकट के समय राहत एवं बचाव कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए सभी स्वयंसेवकों की जानकारी को अपडेट किया जाएगा।
विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से सफलतापूर्वक निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है।
पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, नगर निकाय, परिवहन विभाग, सिविल डिफेंस और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल को एक महत्वपूर्ण अभ्यास के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता होगी मजबूत
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य जिले की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अभ्यास के दौरान अलर्ट मोड में रहेंगे ताकि किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर लें और मॉक ड्रिल को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि 13 जुलाई को आयोजित होने वाली मॉक ड्रिल के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें। यह केवल एक पूर्व निर्धारित अभ्यास होगा, जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाना और प्रशासन की तैयारियों का परीक्षण करना है।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि इस अभ्यास से भविष्य में किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी तथा आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।















