
जमशेदपुर: NIT जमशेदपुर में आज से ग्रामीण और कृषि कार्यों के लिए उत्पाद डिज़ाइन और विकास पर आधारित 5 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम एनआईटी जमशेदपुर के डिज़ाइन एवं नवाचार केंद्र (DIC) और आईआईटी खड़गपुर के NIDHI हब के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया है।

कार्यशाला का उद्घाटन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री श्री अर्जुन मुंडा ने बतौर मुख्य अतिथि किया। कहा- जमीनी स्तर पर डिज़ाइन की ज़रूरत
अपने उद्घाटन भाषण में श्री मुंडा ने कहा
“गांवों और किसानों की असल ज़रूरतों को समझकर ही सही डिज़ाइन बन सकता है। युवा डिज़ाइनर ऐसे समाधान पर काम करें जो सस्ते, व्यावहारिक और ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाएं।”
प्रमुख वक्ता और आयोजन की रूपरेखा
कार्यक्रम का स्वागत भाषण DIC के उप निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने दिया।
NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि संस्थान ने ग्रामीण नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप एम.डेस प्रोग्राम की शुरुआत की है।
प्रो. सतीश कुमार (डीन – अनुसंधान एवं परामर्श) ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया और प्रो. एम.के. सिन्हा (डीन – अकादमिक) ने सभी का धन्यवाद किया।
इस कार्यक्रम में देशभर से आए 200 से अधिक प्रतिभागियों, शिक्षकों, स्वयंसेवकों और आयोजकों ने भाग लिया।

विशेषज्ञ व्याख्यान: प्रो. सुमेर सिंह की सीख
कार्यशाला के पहले दिन आईआईटी दिल्ली से डिज़ाइन के प्रोफेसर प्रो. सुमेर सिंह ने दो प्रमुख व्याख्यान दिए—
1. “ग्रामीण और कृषि संदर्भों को समझना”
उन्होंने ग्रामीण समाज की वास्तविकताओं और डिज़ाइन में सहानुभूति के महत्व पर रोशनी डाली।
2. “मानव-केंद्रित डिज़ाइन”
इसमें उन्होंने ऐसे डिज़ाइन दृष्टिकोण बताए जो गांवों के लोगों की ज़रूरतों, समस्याओं और उम्मीदों पर आधारित हों।
इन सत्रों में ग्रुप डिस्कशन, वास्तविक केस स्टडी, और प्रोफेसर सिंह के फील्ड अनुभवों से जुड़े उदाहरणों ने सभी प्रतिभागियों को गहराई से जोड़ा।
कौन हैं आयोजक और प्रतिभागी?
कार्यशाला का नेतृत्व डॉ. अशोक कुमार मंडल कर रहे हैं, जिनका सहयोग डॉ. ओमहरि गुप्ता, डॉ. तुषार बनर्जी, डॉ. नेहा जायसवाल और डॉ. गोपा भौमिक कर रहे हैं।
प्रतिभागी देश के विभिन्न संस्थानों से आए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- बिट्स पिलानी
- अर्का जैन यूनिवर्सिटी
- आरवीएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
- रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज
- स्टार्टअप संस्थापक और नवप्रवर्तक
अगले चार दिनों में कार्यशाला में आईआईटी गुवाहाटी, आईआईईएसटी शिबपुर, एनआईडी अहमदाबाद, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, और उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।
यह कार्यशाला न केवल डिज़ाइन के छात्रों और शिक्षकों के लिए एक शानदार सीखने का अवसर है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के लिए सकारात्मक बदलाव लाने वाले विचारों और नवाचारों की नींव भी रख रही है। एनआईटी जमशेदपुर की यह पहल ग्रामीण भारत के भविष्य को डिज़ाइन के ज़रिए बेहतर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।













































