
इंडिया क्षेत्र: Loksabha अध्यक्ष गोवा में CPA इंडिया क्षेत्र के ज़ोन VII के पहले सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे – यह ख़बर PIB से आई है और 9-10 अप्रैल 2026 को पणजी में होने वाला यह सम्मेलन ‘विकसित भारत2047’ के सपने को साकार करने में युवा विधायकों की भूमिका पर केंद्रित है। इस ब्लॉग में हम इस सम्मेलन की पूरी जानकारी, इसके महत्व, चर्चा के विषयों और इससे जुड़े लाभों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। अगर आप राजनीति, विकास और क्षेत्रीय सहयोग में रुचि रखते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। चलिए शुरू करते हैं!

CPA इंडिया क्षेत्र का ज़ोन VII क्या है?
सबसे पहले समझते हैं कि CPA इंडिया क्षेत्र के ज़ोन VII आख़िर है क्या। कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन (CPA) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो राष्ट्रमंडल देशों के सांसदों और विधायकों को जोड़ता है। भारत में इसका CPA इंडिया क्षेत्र काम करता है, जिसे 2024 में 9 ज़ोनों में पुनर्गठित किया गया। CPA इंडिया क्षेत्र के ज़ोन VII में गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र की विधानसभाएँ शामिल हैं। वर्तमान में गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष श्री शंकरभाई चौधरी इस ज़ोन के अध्यक्ष हैं।
यह पहला सम्मेलन होने से ख़ास है। इसका मकसद संसदीय सहयोग को मज़बूत करना, अच्छे अनुभवों का आदान-प्रदान करना और क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। तीन तटीय राज्य होने से व्यापार, पर्यटन और पर्यावरण जैसे विषयों पर फोकस रहेगा। सोचिए, जब विधायक एक मंच पर आएँगे, तो कितने नए विचार उभरेंगे जो इन राज्यों को और समृद्ध बनाएँगे!
Loksabha सम्मेलन का उद्घाटन और प्रमुख अतिथि
9 अप्रैल 2026 को गोवा के पणजी में Loksabha अध्यक्ष श्री ओम बिरला इस CPA इंडिया क्षेत्र के ज़ोन VII के पहले सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन दो दिनों तक चलेगा और समापन 10 अप्रैल को गोवा के राज्यपाल श्री पी. अशोक गजपति राजू और लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला की उपस्थिति में होगा।
कई बड़े नाम इसकी शोभा बढ़ाएँगे:
- गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत
- राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश
- महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे
- महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर
- गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष श्री शंकरभाई चौधरी
गोवा विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. गणेश गांवकर स्वागत भाषण देंगे, जबकि गोवा के विधायी कार्य मंत्री श्री मौविन गोडिन्हो धन्यवाद प्रस्ताव रखेंगे। आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान और तेलंगाना की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी, गोवा से केंद्रीय मंत्री, सांसद और तीनों राज्यों के विधायक भी शामिल होंगे। यह एक ऐसा मेला होगा, जहाँ देश के विधायी नेतृत्व की चाँदी-सी चमक दिखेगी!
इन अतिथियों का महत्व
इन नेताओं की मौजूदगी से सम्मेलन को राष्ट्रीय स्तर का आयाम मिलेगा। उदाहरण के लिए, Loksabha अध्यक्ष श्री ओम बिरला का उद्घाटन न सिर्फ़ प्रतीकात्मक है, बल्कि यह संसद की एकता का संदेश देगा। इसी तरह, राज्यपाल का समापन सत्र में होना राज्य-केंद्र संबंधों को मज़बूत करेगा।
सम्मेलन के मुख्य चर्चा विषय
सम्मेलन में दो प्रमुख विषयों पर गहन चर्चा होगी, जो Loksabha अध्यक्ष गोवा में CPA इंडिया क्षेत्र के ज़ोन VII के पहले सम्मेलन को यादगार बनाएँगे:
1. 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका
‘विकसित भारत 2047’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है, जिसमें भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाना है। युवा विधायक इसकी कुंजी हैं। वे डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में नई सोच ला सकते हैं। ज़ोन VII के युवा विधायक तटीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट कैसे दें – जैसे गोवा में पर्यटन को सस्टेनेबल बनाना या गुजरात में पोर्ट-लेड डेवलपमेंट – इस पर विचार होगा।
युवाओं की ऊर्जा से विधानसभाओं में डिबेट ज़्यादा जीवंत होंगी। मिसाल के तौर पर, महाराष्ट्र के युवा विधायक मुंबई के शहरीकरण को स्मार्ट सिटी में बदल सकते हैं। यह चर्चा न सिर्फ़ प्रेरणा देगी, बल्कि ठोस रणनीतियाँ भी बनाएगी।
2. व्यापार, पर्यटन, शहरीकरण, पर्यावरण और तटीय संपर्क में ज़ोन VII की प्राथमिकताएँ
ज़ोन VII तटीय राज्य हैं, इसलिए ये विषय सीधे जुड़े हैं।
- व्यापार: गुजरात के कांडला पोर्ट और गोवा के बंदरगाहों को जोड़कर निर्यात बढ़ाना।
- पर्यटन: गोवा का बीच टूरिज़्म को इको-फ्रेंडली बनाना, महाराष्ट्र के हिल स्टेशन को प्रमोट करना।
- शहरीकरण: पणजी, अहमदाबाद और मुंबई जैसे शहरों में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर।
- पर्यावरण: मॉनसून प्रभावित तटों पर क्लाइमेट चेंज से निपटना, मैंग्रोव संरक्षण।
- तटीय संपर्क: सागरमाला प्रोजेक्ट के तहत हाईवे और रेल कनेक्टिविटी।
ये प्राथमिकताएँ क्षेत्रीय विकास को गति देंगी। उदाहरणस्वरूप, पर्यावरण पर फोकस से गोवा के समुद्र तट प्रदूषण-मुक्त रहेंगे, जो पर्यटन को दोगुना करेगा।
सम्मेलन का महत्व और अपेक्षित परिणाम
CPA इंडिया क्षेत्र के ज़ोन VII के पहले सम्मेलन का महत्व कई स्तरों पर है। सबसे पहले, यह 2024 के पुनर्गठन के बाद पहला आयोजन है, जो ज़ोन की एकता दिखाएगा। दूसरा, युवा विधायकों को मंच मिलेगा, जो भविष्य के नेता हैं। तीसरा, क्षेत्रीय मुद्दों पर समाधान निकलेंगे – जैसे तटीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना।
परिणामस्वरूप, रिज़ॉल्यूशन पास होंगे जो केंद्र सरकार तक पहुँचेंगे। इससे पॉलिसी में बदलाव आएँगे। गोवा जैसे छोटे राज्य बड़े राज्यों से सीख सकेंगे, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र नए आइडिया पाएँगे। कुल मिलाकर, यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक बनेगा।
युवा विधायकों के लिए ख़ास अवसर
युवा विधायक अक्सर अनुभवहीन माने जाते हैं, लेकिन यह सम्मेलन उन्हें सीनियर नेताओं से जुड़ने का मौक़ा देगा। नेटवर्किंग से उनके विधायी कौशल बढ़ेंगे। मिसाल: एक युवा विधायक पर्यटन पॉलिसी पर प्रोजेक्ट लीड कर सकता है।
क्षेत्रीय विकास पर प्रभाव
ज़ोन VII के राज्यों की GDP में पर्यटन और व्यापार का बड़ा योगदान है। गोवा पर्यटन से 20% GDP कमाता है, गुजरात पोर्ट से, महाराष्ट्र मैन्युफैक्चरिंग से। सम्मेलन इनका लिंक बनाएगा। पर्यावरण पर चर्चा से सस्टेनेबल डेवलपमेंट होगा – जैसे प्लास्टिक-फ्री तट। शहरीकरण में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को बूस्ट मिलेगा। तटीय संपर्क से रोज़गार बढ़ेंगे।
लंबे समय में, यह 2047 के लक्ष्य में योगदान देगा। कल्पना कीजिए, 21 साल बाद ये राज्य विकसित भारत के इंजन बन जाएँ!
Loksabha अध्यक्ष गोवा में CPA इंडिया क्षेत्र के ज़ोन VII के पहले सम्मेलन का उद्घाटन न सिर्फ़ एक आयोजन है, बल्कि विकसित भारत 2047 की यात्रा में मील का पत्थर है। युवा विधायकों की ऊर्जा, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर फोकस और नेताओं का सहयोग इसे सफल बनाएगा। गोवा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्य मिलकर तटीय भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँगे। यह सम्मेलन हमें सिखाता है कि सहयोग से ही विकास संभव है। आप क्या सोचते हैं – युवा विधायकों की भूमिका पर आपकी राय? कमेंट में बताएँ!















