
India’s fight against terrorism on the global stage: Seven teams, seven directions – know who is going where?

🌍 ऑपरेशन सिंदूर: वैश्विक मंच पर भारत का आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश, 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल होंगे रवाना
नई दिल्ली : पहलगाम आतंकी हमले और उसके जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत सरकार अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ अपने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को स्पष्ट व प्रभावशाली ढंग से रखने जा रही है। इस उद्देश्य से मई के अंत में सात सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विश्व के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाएंगे।
🔔 सरकारी घोषणा:
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन प्रतिनिधिमंडलों में शामिल सांसदों और नेताओं की सूची जारी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा –
“एक मिशन। एक संदेश। एक भारत। ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमारे सामूहिक संकल्प का प्रतिनिधित्व करते हुए ये दल प्रमुख वैश्विक साझेदारों से मिलेंगे।”
🌐 सात दल, सात दिशाएं – जानिए कौन, कहां जा रहा है?
✈️ 1. बैजयंत पांडा के नेतृत्व में: सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया
प्रमुख चेहरे: बैजयंत पांडा (भाजपा), निशिकांत दुबे, रेखा शर्मा, असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM), गुलाम नबी आज़ाद, फांगनोन कोन्याक, सतनाम सिंह संधू
राजनयिक: हर्षवर्धन श्रृंगला
✈️ 2. रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में: यूके, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली, डेनमार्क
प्रमुख चेहरे: रविशंकर प्रसाद (भाजपा), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना), एमजे अकबर, अमर सिंह (कांग्रेस), गुलाम अली खटाना, समिक भट्टाचार्य
राजनयिक: पंकज सरन
✈️ 3. संजय झा के नेतृत्व में: इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर
प्रमुख चेहरे: संजय झा (JDU), अपराजिता सारंगी (भाजपा), यूसुफ पठान (AITC), बृजलाल, सलमान खुर्शीद, डॉ. जॉन ब्रिटास
राजनयिक: मोहन कुमार
✈️ 4. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में: UAE, लाइबेरिया, कांगो, सिएरा लियोन
प्रमुख चेहरे: श्रीकांत शिंदे (शिवसेना), बांसुरी स्वराज, अतुल गर्ग, ई.टी. मोहम्मद बशीर (IUML), सस्मित पात्रा (BJD), मनन मिश्रा
राजनयिक: सुजन चिनॉय
✈️ 5. शशि थरूर के नेतृत्व में: अमेरिका, पनामा, ब्राजील, कोलंबिया, गुयाना
प्रमुख चेहरे: शशि थरूर (कांग्रेस), मनीष तिवारी, तेजस्वी सूर्या, मिलिंद देवड़ा, शशांक मणि त्रिपाठी, सरफराज अहमद (JMM), शाम्भवी (LJP)
राजनयिक: तरनजीत सिंह संधू
✈️ 6. कनिमोझी के नेतृत्व में: स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया, रूस
प्रमुख चेहरे: कनिमोझी (DMK), राजीव राय (SP), मियां अल्ताफ (NC), प्रेमचंद गुप्ता (RJD), कैप्टन ब्रजेश चौटा (भाजपा), अशोक मित्तल (AAP)
राजनयिक: मंजीव एस पुरी, जावेद अशरफ
✈️ 7. सुप्रिया सुले के नेतृत्व में: मिस्र, कतर, इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका
प्रमुख चेहरे: सुप्रिया सुले (NCP), अनुराग ठाकुर, राजीव प्रताप रूड़ी, मनीष तिवारी, विक्रमजीत साहनी (AAP), आनंद शर्मा, लवू श्रीकृष्ण (TDP)
राजनयिक: सैयद अकबरुद्दीन

🎯 विशेष उद्देश्य:
- आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की रणनीति।
- भारत की कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करना।
- ऑपरेशन सिंदूर के तहत एकता का प्रदर्शन।
- साझेदार देशों के साथ सुरक्षा संवाद को गति देना।

“ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत का आतंकवाद पर वैश्विक संदेश: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति”
🔴 पहलगाम हमला और भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर चोट था, बल्कि उसने यह भी स्पष्ट किया कि भारत को अब अपनी नीति और रणनीति में बदलाव लाने की आवश्यकता है। इस हमले के जवाब में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ एक निर्णायक, सुनियोजित और संदेशवाहक कार्रवाई रही। इसका उद्देश्य केवल आतंकियों का खात्मा नहीं था, बल्कि देश और दुनिया को यह बताना भी था कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर पर ‘शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाएगा।
🔵 भारत का वैश्विक कूटनीतिक अभियान: सात प्रतिनिधिमंडलों की यात्रा
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अब भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है। इसके अंतर्गत सात सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल इस महीने के अंत में विश्व के महत्वपूर्ण साझेदार देशों की यात्रा पर जा रहे हैं। इसका उद्देश्य है –
➡️ वैश्विक मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को मजबूती से प्रस्तुत करना।
➡️ द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना और रणनीतिक समझ को विकसित करना।
➡️ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के दृष्टिकोण से अवगत कराना।
🔶 प्रतिनिधिमंडलों की संरचना और संदेश
इन प्रतिनिधिमंडलों में सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस, शिवसेना, एनसीपी, डीएमके, एआईएमआईएम, AAP, तृणमूल कांग्रेस, जेडीयू, RJD, CPI(M) जैसे प्रमुख विपक्षी दलों के सांसद भी शामिल हैं। इससे भारत का एक सर्वदलीय, एकजुट और राष्ट्रीय दृष्टिकोण प्रस्तुत होता है।
यह दिखाता है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति न केवल राजनीतिक है, बल्कि राष्ट्रीय सहमति का विषय है।
🌍 किस देश में कौन जा रहा है: वैश्विक संदेश का दायरा
- सातों प्रतिनिधिमंडल मध्य पूर्व, यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के कई देशों का दौरा करेंगे — जैसे: सऊदी अरब, फ्रांस, अमेरिका, जापान, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ब्राज़ील आदि।
- इससे साफ है कि भारत अपने सुरक्षा चिंताओं और कूटनीतिक दृष्टिकोण को वैश्विक दक्षिण और वैश्विक उत्तर — दोनों क्षेत्रों में रखेगा।
🛡️ भारत का स्पष्ट संदेश: “आतंकवाद के लिए कोई स्थान नहीं”
इन यात्राओं के दौरान भारत यह स्पष्ट करेगा कि:
✅ आतंकवाद को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा।
✅ आतंकी नेटवर्क को पनाह देने या उन्हें समर्थन देने वाले देशों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
✅ आतंकवाद और उसका राजनीतिक इस्तेमाल मानवता के विरुद्ध अपराध है।
🔎 विशेष बिंदु:
- ऑपरेशन सिंदूर से भारत की आंतरिक सुरक्षा नीति को नया बल मिला।
- सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों से भारत की एकजुटता का वैश्विक प्रदर्शन होगा।
- यह अभियान सिर्फ कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत के संकल्प की अंतरराष्ट्रीय घोषणा है।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने केवल जवाबी कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि वैश्विक नीति-निर्माण में भागीदार बनने का संकेत भी दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारत ने जहां एक ओर आतंकवाद को जड़ से उखाड़ने का संकल्प दिखाया, वहीं अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सात प्रतिनिधिमंडलों के माध्यम से यह संदेश देगा कि –
“आतंक के विरुद्ध भारत की लड़ाई अब केवल सीमा तक सीमित नहीं, यह एक वैश्विक नैतिक संघर्ष है।”
सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों की स्पष्ट और क्रमबद्ध सूची (List Format) —
नेता, अन्य सांसदों के नाम और जिन देशों में ये जाएंगे:
1. बैजयंत पांडा (भाजपा) – सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, अल्जीरिया
- बैजयंत पांडा (नेता)
- डॉ. निशिकांत दुबे (भाजपा)
- फांगनोन कोन्याक (भाजपा)
- रेखा शर्मा (भाजपा)
- असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM)
- सतनाम सिंह संधू (नामित)
- गुलाम नबी आज़ाद
- राजनयिक: हर्षवर्धन शृंगला
2. रविशंकर प्रसाद (भाजपा) – यूके, फ्रांस, जर्मनी, यूरोपीय संघ, इटली, डेनमार्क
- रविशंकर प्रसाद (नेता)
- डॉ. दग्गुबाती पुरंदेश्वरी (भाजपा)
- प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT)
- गुलाम अली खटाना (नामित)
- डॉ. अमर सिंह (कांग्रेस)
- समिक भट्टाचार्य (भाजपा)
- एम.जे. अकबर
- राजनयिक: पंकज सरन
3. संजय कुमार झा (जदयू) – इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, सिंगापुर
- संजय कुमार झा (नेता)
- अपराजिता सारंगी (भाजपा)
- यूसुफ पठान (AITC)
- बृजलाल (भाजपा)
- डॉ. जॉन ब्रिटास (CPI-M)
- प्रदान बरुआ (भाजपा)
- डॉ. हेमांग जोशी (भाजपा)
- सलमान खुर्शीद (कांग्रेस)
- राजनयिक: मोहन कुमार
4. श्रीकांत शिंदे (शिवसेना) – यूएई, लाइबेरिया, कांगो, सिएरा लियोन
- श्रीकांत शिंदे (नेता)
- बांसुरी स्वराज (भाजपा)
- ई.टी. मोहम्मद बशीर (IUML)
- अतुल गर्ग (भाजपा)
- डॉ. सस्मित पात्रा (BJD)
- मनन कुमार मिश्रा (भाजपा)
- एस.एस. अहलूवालिया
- राजनयिक: सुजन चिनॉय
5. डॉ. शशि थरूर (कांग्रेस) – अमेरिका, पनामा, गुयाना, ब्राजील, कोलंबिया
- डॉ. शशि थरूर (नेता)
- शांभवी (LJP – रामविलास)
- डॉ. सरफराज अहमद (JMM)
- जी.एम. हरीश बालयोगी (TDP)
- शशांक मणि त्रिपाठी (भाजपा)
- भुवनेश्वर कलिता (भाजपा)
- मिलिंद देवड़ा (शिवसेना)
- तेजस्वी सूर्या (भाजपा)
- राजनयिक: तरणजीत सिंह संधू
6. कनिमोझी (DMK) – स्पेन, ग्रीस, स्लोवेनिया, लातविया, रूस
- कनिमोझी करुणानिधि (नेता)
- राजीव राय (सपा)
- मियां अल्ताफ अहमद (NC)
- कैप्टन ब्रजेश चौटा (भाजपा)
- प्रेम चंद्र गुप्ता (RJD)
- डॉ. अशोक कुमार मित्तल (AAP)
- राजनयिक: मंजीव एस पुरी, जावेद अशरफ
7. सुप्रिया सुले (NCP) – मिस्र, कतर, इथियोपिया, दक्षिण अफ्रीका
- सुप्रिया सुले (नेता)
- राजीव प्रताप रूड़ी (भाजपा)
- विक्रमजीत सिंह साहनी (AAP)
- मनीष तिवारी (कांग्रेस)
- अनुराग ठाकुर (भाजपा)
- लवु श्रीकृष्ण देवरायालु (TDP)
- आनंद शर्मा
- वी. मुरलीधरन (भाजपा)
- राजनयिक: सैयद अकबरुद्दीन
विश्लेषणात्मक निष्कर्ष:
🔹 भारत सरकार का यह कदम केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण है।
🔹 विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं को एक साथ भेजना इस बात का प्रतीक है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक और सर्वदलीय है।
🔹 ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में सांसद विदेश दौरे पर भेजे जा रहे हैं — वह भी एकीकृत एजेंडे के साथ।
📌 निष्कर्ष:
भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को लेकर अब पीछे नहीं हटेगा — और यह संदेश दुनिया को एकजुट स्वर में देने के लिए सात प्रतिनिधिमंडल भेजे जा रहे हैं। यह कदम न केवल कूटनीतिक स्तर पर मजबूत रणनीति है, बल्कि घरेलू मोर्चे पर भी सर्वदलीय एकता का प्रतीक है। राय, एनसी सांसद मियां अल्ताफ अहमद, भाजपा सांसद कैप्टन ब्रजेश चौटा, आरजेडी सांसद प्रेमचंद्र गुप्ता, आप सांसद अशोक कुमार मित्तल का नाम शामिल है। इस ग्रुप में राजनयिक मंजीव एस पुरी और जावेद अशरफ होंगे।












































