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आजादी का पर्व संकल्प और शहीदों के सम्मान का दिन Subodh श्रीवास्तव

On: August 15, 2026 8:22 PM
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जमशेदपुर: जनता दल यूनाइटेड के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष Subodh श्रीवास्तव ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलेवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। बारीडीह स्थित विधायक कार्यालय में झंडोत्तोलन के बाद उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को नमन करने का दिन है, जिन्होंने अपने त्याग, संघर्ष और बलिदान से देश को आजादी दिलाई।

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उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के योगदान को भारत कभी भुला नहीं सकता। आजादी का यह पर्व हमें अपने इतिहास को याद करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें पूरी निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देता है।

शहीदों के त्याग और बलिदान को किया नमन

झंडोत्तोलन के बाद अपने संबोधन में सुबोध श्रीवास्तव ने स्वतंत्रता संग्राम के सभी वीर सेनानियों और शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी किसी एक व्यक्ति या संगठन के प्रयास का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों और आम नागरिकों का संघर्ष और बलिदान रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के नागरिकों का कर्तव्य है कि वे शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखें और उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। स्वतंत्रता की रक्षा और देश की एकता को मजबूत बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

80 वर्षों में भारत ने हासिल की कई उपलब्धियां

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि आजादी के 80 वर्षों की यात्रा में भारत ने अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। देश ने आर्थिक, तकनीकी, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि भारत ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए विकास की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए हैं। आज देश वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।

आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया से विकास को मिली गति

जदयू जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को गति देने तथा युवाओं की क्षमता को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य देश में उत्पादन, तकनीकी क्षमता, नवाचार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। युवाओं को नई तकनीक और कौशल से जोड़कर उन्हें बदलती अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है।

भारत की अर्थव्यवस्था ने बनाई मजबूत पहचान

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। देश की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ बुनियादी ढांचे के विकास पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में देश के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में कई प्रयास हुए हैं। इससे व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिली है।

सड़क, रेलवे और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार से देश के विकास को नई गति मिली है। बेहतर परिवहन और संचार व्यवस्था से शहरों के साथ-साथ ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचा किसी भी विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है। इसलिए देश में आधुनिक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास आगे भी प्राथमिकता में रहना चाहिए।

डिजिटल भारत बना आम नागरिक के जीवन का हिस्सा

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल भारत अब आम नागरिक के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। डिजिटल तकनीक ने बैंकिंग, भुगतान और सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच को आसान बनाया है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान, यूपीआई, जनधन खातों और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) जैसी व्यवस्थाओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक तेजी और अधिक पारदर्शिता के साथ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जनधन और सामाजिक कल्याण योजनाओं से बदलाव

जदयू जिलाध्यक्ष ने कहा कि गरीब और वंचित वर्गों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से बैंकिंग सुविधा, आवास, स्वच्छ ईंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

करोड़ों परिवारों तक पहुंची मूलभूत सुविधाएं

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि सामाजिक कल्याण की योजनाओं का उद्देश्य समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्गों को बेहतर जीवन उपलब्ध कराना है। बैंकिंग सुविधा से लेकर आवास और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ने से लोगों के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचें और उसे सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।

युवाओं का रोजगार सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा

देश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए सुबोध श्रीवास्तव ने युवाओं और छात्रों के रोजगार के सवाल को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी युवा आबादी को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना आज की प्रमुख आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं को पर्याप्त रोजगार अवसर उपलब्ध कराने होंगे। सरकार को रोजगार के मामले में और अधिक जवाबदेह बनने तथा रोजगार सृजन की दिशा में प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।

शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल जरूरी

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और आकांक्षाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना होगा।

उन्होंने कहा कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को उद्योगों और बदलती अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल भी प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि वे रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें।

सरकारी और निजी क्षेत्र में बढ़ाने होंगे रोजगार के अवसर

जदयू जिलाध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के लिए सरकारी क्षेत्र के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार, नए व्यवसायों, स्टार्टअप और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देकर बड़ी युवा आबादी की ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग किया जा सकता है। इससे युवाओं को बेहतर भविष्य के अवसर मिलेंगे और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

युवाओं की ऊर्जा को विकास से जोड़ने का आह्वान

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और आगे बढ़ने की आकांक्षा है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सही शिक्षा, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

उन्होंने कहा कि यदि युवा शक्ति को विकास की मुख्यधारा से प्रभावी तरीके से जोड़ा जाए तो भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिल सकती है।

विकसित भारत के लक्ष्य के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को भी समझना होगा। ईमानदारी, अनुशासन, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित की भावना के साथ काम करके प्रत्येक नागरिक देश की प्रगति में योगदान दे सकता है।

स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने का संकल्प

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुबोध श्रीवास्तव ने देशवासियों से स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि ऐसा भारत बनाना होगा जहां हर नागरिक को समान अवसर मिले, युवाओं को रोजगार और शिक्षा मिले तथा गरीब और वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध हो। इसके साथ ही देश की एकता और अखंडता को हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखना होगा।

राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण

उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े प्रोजेक्ट या सरकारी योजनाओं से नहीं होता, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से भी देश मजबूत बनता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करके राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।

उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सद्भाव को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजबूत और एकजुट समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला बन सकता है।

आजादी के पर्व पर लिया संकल्प

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अतीत के संघर्ष और वर्तमान की जिम्मेदारियों के बीच संबंध समझने का अवसर देता है। शहीदों के बलिदान को याद करते हुए हमें देश के भविष्य के लिए नए संकल्प लेने चाहिए।

उन्होंने कहा कि आजादी के 80 वर्षों की उपलब्धियों से प्रेरणा लेकर अब भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में मिलकर काम करना होगा।

देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना

अंत में Subodh श्रीवास्तव ने पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए देश की एकता, अखंडता, शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

उन्होंने कहा कि आजादी का पर्व केवल जश्न का दिन नहीं, बल्कि शहीदों के सम्मान, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और बेहतर भारत के निर्माण का संकल्प लेने का दिन है। देश के विकास में युवाओं की भागीदारी, रोजगार के नए अवसर और सामाजिक समानता के साथ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा।

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