जमशेदपुर: भारतीय महिला Football महासंघ की वार्षिक आम सभा का आयोजन साकची स्थित केनेलाइट होटल में किया गया। बैठक में महासंघ के पिछले वर्ष के कार्यों, आय-व्यय के लेखा-जोखा तथा देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिताओं की विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में देश के कई राज्यों से महासंघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और झारखंड के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल रहे। बैठक का उद्देश्य महासंघ की आगामी कार्ययोजना तैयार करने के साथ-साथ महिला फुटबॉल को देशभर में मजबूत आधार प्रदान करना रहा।
मुहम्मद कासिम अंसारी की अध्यक्षता में बैठक
भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ की वार्षिक आम सभा की अध्यक्षता मुहम्मद कासिम अंसारी ने की। बैठक में महासंघ के पिछले कार्यों की समीक्षा की गई और महिला फुटबॉल को आगे बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने महिला खिलाड़ियों को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने, फुटबॉल प्रतियोगिताओं का विस्तार करने तथा देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने पर जोर दिया।
गुंजन कुमारी बनीं महासंघ की चेयरमैन
बैठक में सर्वसम्मति से गुंजन कुमारी को भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ का चेयरमैन मनोनीत किया गया। उनके नाम पर सभी प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की।
महिला फुटबॉल के क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में उनके नेतृत्व से महासंघ को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।
कासिम अंसारी बने राष्ट्रीय अध्यक्ष
बैठक में मुहम्मद कासिम अंसारी को भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। बैठक की अध्यक्षता करने वाले कासिम अंसारी को नई जिम्मेदारी मिलने पर प्रतिनिधियों और महासंघ से जुड़े लोगों ने शुभकामनाएं दीं।
नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में महासंघ की गतिविधियों को देश के विभिन्न राज्यों तक विस्तार देने और महिला फुटबॉल को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की योजना पर जोर दिया गया।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन
वार्षिक आम सभा में महासंघ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों और सदस्यों का मनोनयन किया गया, ताकि संगठन की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया जा सके।
जावेद अंसारी को राष्ट्रीय सचिव तथा साजी टी. जॉन को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
वहीं डी.एस. क्रिस्टोफर, बिधान दास, नॉवेल जोसेफ, जकिया, प्रवीण खान और सुधीर चन्द्रवंशी को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।
संयुक्त सचिवों की जिम्मेदारी
महासंघ की नई कार्यकारिणी में कई सदस्यों को संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई। इनमें अहमद अंसारी, राजेश थापा, गोपाल प्रसाद, संजीव गौर, नीतू मजूमदार, कामख्या कुमार सिंह और स्मृति पांडेय शामिल हैं।
इन पदाधिकारियों से महासंघ की संगठनात्मक गतिविधियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की उम्मीद की गई है।
एग्जीक्यूटिव मेंबर के रूप में मनोनयन
बैठक में महासंघ के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कई सदस्यों को एग्जीक्यूटिव मेंबर भी मनोनीत किया गया।
इनमें सुभाश्री बाग, सुनीता देवांगन, सुनील कुमार, प्रमोद कुमार और नीलकंठ रवानी शामिल हैं।
नई कार्यकारिणी के माध्यम से महासंघ देश के विभिन्न हिस्सों में महिला फुटबॉल से जुड़े कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं को बढ़ाने की दिशा में काम करेगा।
ऑफिस सेक्रेटरी और रेफरी बोर्ड का गठन
महासंघ की कार्यकारिणी में मुहम्मद जमालुद्दीन को ऑफिस सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई। इसके साथ ही रेफरी बोर्ड के लिए बसीर अहमद, अमन नागरा, शमीम अहमद और शबीना खातून को मनोनीत किया गया।
रेफरी बोर्ड के माध्यम से फुटबॉल प्रतियोगिताओं में नियमों के पालन और मैचों के संचालन को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
तकनीकी कमेटी में सदस्यों की जिम्मेदारी
महासंघ की तकनीकी कमेटी में बिधान दास और नॉवेल जोसेफ को सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। तकनीकी कमेटी महिला फुटबॉल प्रतियोगिताओं के तकनीकी पक्ष, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेल के स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विभिन्न समितियों में भी हुआ मनोनयन
बैठक में महासंघ की विभिन्न समितियों के लिए भी पदाधिकारियों और सदस्यों का चयन किया गया। अमर सिंह सुंडी और आरोन कार्डों को इंटरनल कम्प्लेंट्स से संबंधित जिम्मेदारी दी गई।
वहीं गीता कुमारी और शुभांगी कुमारी को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। मीडिया टीम के माध्यम से महासंघ की गतिविधियों, प्रतियोगिताओं और महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके अलावा पूर्व सैनिक सुशील कुमार सिंह, सुशील दास, सदैंन काजमी और कामिल अकबर को भी विभिन्न जिम्मेदारियों के लिए मनोनीत किया गया।
महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर जोर
बैठक में महिला फुटबॉल को देश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। महासंघ का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं और बच्चियों को खेल से जोड़ना है।
महासंघ की ओर से कहा गया कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फुटबॉल के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित की जा सकती है।

खेल के माध्यम से रोजगार के अवसर
महासंघ की आगामी योजनाओं में महिला खिलाड़ियों को खेल के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महासंघ का प्रयास रहेगा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण हासिल कर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लें और खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकें। इससे खिलाड़ी अपने साथ-साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करने में सक्षम हो सकती हैं।
फुटबॉल से जुड़े प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं, कोचिंग, रेफरी, फिटनेस और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में भी काम करने की योजना है।
देशभर में महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने की योजना
भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ का लक्ष्य महिला फुटबॉल को देश के विभिन्न राज्यों और जिलों तक पहुंचाना है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन, प्रतिभाओं की पहचान और खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
महासंघ का प्रयास होगा कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली प्रतिभाशाली बच्चियों को भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिले।
शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम बनेगा खेल
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि महिलाओं को खेलों से जोड़ने से उनके शारीरिक और मानसिक विकास में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। नियमित खेल गतिविधियों से स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
फुटबॉल जैसे टीम गेम से खिलाड़ियों में सहयोग, अनुशासन, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। महासंघ इसी सोच के साथ महिला फुटबॉल को व्यापक सामाजिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
ग्रामीण और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों पर विशेष ध्यान
महिला फुटबॉल के विकास के लिए ग्रामीण और छोटे शहरों में मौजूद प्रतिभाओं की पहचान करना महत्वपूर्ण है। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों की कमी के कारण बड़े मंच तक नहीं पहुंच पातीं।
महासंघ का प्रयास रहेगा कि ऐसी खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर मिले। स्थानीय स्तर पर खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाकर अधिक से अधिक युवतियों को फुटबॉल से जोड़ने की योजना है।
संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा
वार्षिक आम सभा में महासंघ के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में भविष्य की कार्ययोजना पर विचार किया गया।
महासंघ से जुड़े पदाधिकारियों ने महिला फुटबॉल के लिए सामूहिक रूप से काम करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन अदिति साह ने किया। उन्होंने बैठक की विभिन्न गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से संचालित किया और उपस्थित प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

कार्यक्रम के अंत में सुशील कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने बैठक में शामिल सभी प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
नई कार्यकारिणी से महिला फुटबॉल को नई दिशा की उम्मीद
नई कार्यकारिणी के गठन के बाद भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ से जुड़े लोगों में उत्साह देखने को मिला। गुंजन कुमारी के चेयरमैन और कासिम अंसारी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ महासंघ को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।
महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों के सामने अब देशभर में महिला फुटबॉल को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी है। यदि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का मंच मिलता है, तो आने वाले समय में भारतीय महिला फुटबॉल को इसका लाभ मिल सकता है।
भारतीय महिला Football महासंघ की वार्षिक आम सभा साकची स्थित केनेलाइट होटल में संपन्न हुई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में पिछले वर्ष के कार्यों और लेखा-जोखा की समीक्षा के साथ महासंघ द्वारा आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंटों पर चर्चा की गई।
सर्वसम्मति से गुंजन कुमारी को चेयरमैन और मुहम्मद कासिम अंसारी को राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, एग्जीक्यूटिव मेंबर, रेफरी बोर्ड, तकनीकी कमेटी और अन्य समितियों के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया।
महासंघ का मुख्य लक्ष्य देशभर की महिलाओं और बच्चियों को फुटबॉल से जोड़ना, उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देना तथा खेल के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ महिला फुटबॉल को जमीनी स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में नई पहल की उम्मीद है।
























