मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए सरकार की बड़ी योजनाएं: फेम से लेकर पीएम ई-ड्राइव तक

On: July 28, 2026 8:27 PM
Follow Us:
EV
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

---Advertisement---
Netaji Advertisement

Government’s Major Plans to Promote Electric Vehicles (EVs) in India: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के इस्तेमाल, चार्जिंग सुविधाओं और इनके घरेलू निर्माण को तेजी से बढ़ाने के लिए सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारी उद्योग मंत्रालय और अन्य विभागों द्वारा चलाई जा रही इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना और देश को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।

Headlines

---Advertisement---
Netaji Advertisement

हाल ही में सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों और विभिन्न योजनाओं के ब्योरे को सरल शब्दों में नीचे समझा जा रहा है:

1. फेम इंडिया योजना (चरण-II)

  • अवधि और बजट: यह योजना 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक 5 साल के लिए चलाई गई थी, जिसके लिए कुल 11,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था।
  • मुख्य लाभ: इसके तहत इलेक्ट्रिक दो-पहिया (e-2W), तीन-पहिया (e-3W) और चार-पहिया (e-4W) वाहनों की खरीद पर छूट दी गई। साथ ही, ई-बसों और पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों (EVPCS) के लिए अनुदान दिया गया।
  • उपलब्धियां: इस योजना के जरिए करीब 16.72 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, 30 जून 2026 तक देश भर में 5,197 इलेक्ट्रिक बसें तैनात की जा चुकी हैं और चार्जिंग स्टेशनों के लिए 912.50 करोड़ रुपये बांटे गए।

2. पीएम ई-ड्राइव योजना (PM E-Drive)

  • बजट और शुरुआत: 10,900 करोड़ रुपये के बजट वाली यह नई योजना 29 सितंबर 2024 को शुरू की गई।
  • दायरा: इसके तहत ई-2W, ई-3W, ई-ट्रक, ई-बसों और ई-एम्बुलेंस सहित लगभग 28.30 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को सब्सिडी दी जाती है।
  • ई-बसें और चार्जिंग: इस योजना के तहत 14,028 ई-बसों के लिए 4,391 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें से 13,800 बसें देश के 7 बड़े शहरों (दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और सूरत) के लिए हैं (जहां की आबादी 40 लाख से ज्यादा है), और 200 बसें जम्मू-कश्मीर के लिए हैं। इसके अलावा, चार्जिंग स्टेशनों के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

3. ऑटोमोबाइल और बैटरी निर्माण के लिए पीएलआई (PLI) योजनाएं

  • ऑटो सेक्टर के लिए पीएलआई (PLI-Auto): 23 सितंबर 2021 को 25,938 करोड़ रुपये के बजट के साथ शुरू की गई इस योजना का मकसद भारत में एडवांस ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण को बढ़ावा देना है।
  • बैटरी स्टोरेज के लिए नेशनल प्रोग्राम (ACC PLI): 9 जून 2021 को 18,100 करोड़ रुपये के साथ शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य देश में उन्नत रसायन सेल (ACC) की बैटरियों का मजबूत घरेलू उत्पादन करना है, ताकि 50 GWh क्षमता की बैटरी क्षमता तैयार हो सके।

4. अन्य प्रमुख योजनाएं और कदम

  • पीएम ई-बस सेवा (भुगतान सुरक्षा तंत्र): 28 अक्टूबर 2024 को शुरू की गई 3,435.33 करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य 38,000 से अधिक ई-बसों के संचालन को सुरक्षित बनाना है, ताकि भुगतान में देरी या चूक न हो।
  • इलेक्ट्रिक कार विनिर्माण नीति (एसपीएमईपीसीआई): 15 मार्च 2024 को लाई गई इस नीति के तहत कंपनियों को भारत में इलेक्ट्रिक कारें बनाने के लिए कम से कम 4,150 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा। साथ ही, शुरुआती कुछ सालों में देश में ही पार्ट्स का इस्तेमाल (घरेलू मूल्य संवर्धन) 25% से बढ़ाकर 50% करना अनिवार्य किया गया है।

आम जनता और खरीदारों के लिए अन्य सहूलियतें

सरकार ने देश में EV को आम आदमी के लिए सुलभ बनाने के लिए कई नीतिगत बदलाव भी किए हैं:

  1. सस्ता जीएसटी: इलेक्ट्रिक वाहनों और इनके चार्जर्स पर जीएसटी घटाकर केवल 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
  2. हरी नंबर प्लेट और छूट: सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के मुताबिक, बैटरी से चलने वाले वाहनों को हरे रंग की नंबर प्लेट दी जाती है और इन्हें परमिट की जरूरतों से छूट मिलती है।
  3. सड़क कर में छूट: राज्यों को परामर्श दिया गया है कि वे इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स (सड़क कर) में छूट दें, जिससे गाड़ी खरीदते समय शुरुआती कीमत कम पड़े।
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

Paper Lick

देश में Paper Leaks और परीक्षाओं में धांधली: राज्य से राष्ट्रीय स्तर तक फैला संकट — क्या होगा छात्रों का भविष्य?

Add A Heading 9 4

हत्या से रेप तक के आरोप CJP के प्रदर्शन में शामिल लोगों को लेकर दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा FRS डेटा में 2,873 संदिग्धों की पहचान

Add A Heading 8 4

मेयर Sudha गुप्ता के समर्थन में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित विधायक सरयू राय के बयान का शांतिपूर्ण विरोध

Add A Heading 7 5

Karim सिटी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में शिक्षक-अभिभावक मीटिंग आयोजित विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास पर हुई चर्चा

Add A Heading 5 5

90 दिवसीय Legal जागरूकता अभियान के तहत डालसा द्वारा विधिक प्रदर्शनी का आयोजन लोगों को मिली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी

Add A Heading 4 5

World प्रकृति संरक्षण दिवस पर श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर जागरूकता सत्र आयोजित

Leave a Comment

💬
TNF AI असिस्टेंट
● ताज़ा खबरों के लिए तैयार
नमस्ते! 👋 मैं आपका TNF AI असिस्टेंट हूँ। आप हमारी वेबसाइट की कोई भी खबर, topic या इंटरनेट का कोई भी सवाल यहाँ पूछ सकते हैं!