
चक्रधरपुर: Chainpur झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम के अध्यक्ष-सह-जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर एवं सचिव रवि चौधरी के आदेशानुसार चक्रधरपुर प्रखंड के चैनपुर पंचायत में 90 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान (डॉन योजना) के अंतर्गत नशा मुक्ति एवं निःशुल्क विधिक सेवा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना, समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाना तथा आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर विभिन्न विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी दी गई
शिविर में उपस्थित अधिकार मित्र राजशेखर रवानी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएं, बच्चे, वरिष्ठ नागरिक एवं अन्य पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि न्याय सभी का अधिकार है और किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं होना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकार समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
घरेलू हिंसा से लेकर मानव तस्करी तक कई विषयों पर दी गई जानकारी
शिविर में अधिकार मित्र श्वेता रवानी ने महिलाओं, बच्चों और समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों एवं सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घरेलू हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी, मानव तस्करी, डायन प्रथा एवं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।
इसके साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानून, पॉक्सो एवं पोश अधिनियम-2013, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम-2007, बच्चों के अधिकार, स्पॉन्सरशिप योजना, मध्यस्थता व्यवस्था, राष्ट्रीय लोक अदालत तथा श्रमिक निबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी ग्रामीणों के साथ साझा कीं।
उन्होंने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ने से अपराधों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और लोग अपने अधिकारों के प्रति सजग बनेंगे।
डॉन योजना के तहत नशे के दुष्प्रभावों पर किया गया जागरूक
शिविर के दौरान डॉन योजना के अंतर्गत नशा मुक्ति अभियान पर विशेष जोर दिया गया। अधिकार मित्र श्वेता रवानी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
उन्होंने बताया कि शराब, तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से व्यक्ति को कमजोर बना देता है। नशे की लत से कैंसर, टीबी, हृदय रोग, लीवर की बीमारी सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी नशामुक्त बनाने में सहयोग करें।
नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ ली। ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर पूरे परिसर में “नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हां” तथा “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” जैसे प्रेरणादायक नारों से वातावरण गूंज उठा। ग्रामीणों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
नालसा एप और टोल फ्री नंबर 15100 की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में अधिकार मित्र करण कुंभकार ने ग्रामीणों को नालसा एप एवं टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी कानूनी समस्या या निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता होने पर लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों के बीच जागरूकता पंपलेट का वितरण भी किया, जिसमें विधिक सहायता, सरकारी योजनाओं और नशा मुक्ति अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई थीं।
ग्रामीणों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
जागरूकता शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों, सरकारी कर्मियों एवं ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। पंचायत के मुखिया साहब हेंब्रम, पंचायत सचिव, जल सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाएं तथा सीआरपी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इसके अलावा राकेश्वरी महतो, शत्रुघ्न प्रधान, मुकेश कुंभकार, लक्ष्मी जामुदा, शशि बाला उरांव, जय श्री मंडल, सुषमा नायक, सुखमति देवी, पुष्पा नापित और ललिता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लेकर जागरूकता अभियान को सफल बनाया।
कानूनी जागरूकता और सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता शिविर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं। नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, बाल अधिकार और कानूनी सहायता जैसे विषयों पर दी गई जानकारी ग्रामीण समाज के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
वक्ताओं ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक बने और कानूनों की जानकारी रखे, तो सामाजिक कुरीतियों और अपराधों पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
नशामुक्त और जागरूक समाज के निर्माण का दिया संदेश
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहें, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और जरूरत पड़ने पर निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ उठाएं।
90 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान (डॉन योजना) के तहत आयोजित यह शिविर ग्रामीण क्षेत्र में नशा मुक्ति, विधिक सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिसने लोगों को स्वस्थ, सुरक्षित और जागरूक समाज के निर्माण का संदेश दिया।










































