जमशेदपुर: शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था सहयोग संस्था के तत्वावधान में संस्था की प्रेरणास्रोत डॉ. Veenarani श्रीवास्तव की जयंती के अवसर पर कुड़ी ऑडिटोरियम में भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, कला और समाजसेवा से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। समारोह का मुख्य आकर्षण रही “उर्वशी” नृत्य नाटिका, जिसकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ समाज और शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. वीणारानी श्रीवास्तव के योगदान को भी याद किया गया। पूरे आयोजन में भारतीय संस्कृति, कला और सामाजिक मूल्यों की सुंदर झलक देखने को मिली।
डॉ. वीणारानी श्रीवास्तव को श्रद्धांजलि के रूप में आयोजित हुआ समारोह
समारोह का आयोजन सहयोग संस्था की प्रेरणास्रोत डॉ. वीणारानी श्रीवास्तव की जयंती के उपलक्ष्य में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उनके सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक योगदान को स्मरण करना तथा नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और कला से जोड़ना था।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने डॉ. वीणारानी श्रीवास्तव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने समाज में शिक्षा, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके विचार और कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
डॉ. मिदिता चंद्रा ने किया प्रभावशाली संचालन
पूरे कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. मिदिता चंद्रा ने किया। उन्होंने कार्यक्रम की प्रत्येक प्रस्तुति और अतिथियों का परिचय अत्यंत सहज एवं आकर्षक शैली में कराया।
उनके कुशल संचालन ने समारोह को व्यवस्थित और गरिमामय बनाए रखा। दर्शकों ने भी उनके संचालन की सराहना की।

डॉ. संध्या ने दिया स्वागत भाषण
कार्यक्रम की शुरुआत सहयोग संस्था की अध्यक्ष डॉ. संध्या के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं दर्शकों का हार्दिक स्वागत करते हुए संस्था की गतिविधियों और उद्देश्य पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि सहयोग संस्था वर्षों से सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है। डॉ. वीणारानी श्रीवास्तव के आदर्श संस्था के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेंगे।
सहयोग गीत से बना भावपूर्ण वातावरण
समारोह के प्रारंभिक चरण में श्रीमती पद्माझा ने सहयोग संस्था का गीत प्रस्तुत किया। उनकी मधुर एवं भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भक्तिमय और प्रेरणादायक वातावरण से भर दिया।

गीत के माध्यम से सामाजिक सेवा, सहयोग और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया गया, जिसे दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मीरा मुंडा ने समारोह की शोभा बढ़ाई। पटना से पधारी सम्मानित अतिथि डॉ. मीरा मुंडा की उपस्थिति भी कार्यक्रम के लिए विशेष आकर्षण रही।
अतिथियों ने सहयोग संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कलाकारों और आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
उर्वशी नृत्य नाटिका ने जीता सभी का दिल
समारोह का सबसे आकर्षक और बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम “उर्वशी” नृत्य नाटिका रहा। इसकी भव्य और सजीव प्रस्तुति ने उपस्थित सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित इस नृत्य नाटिका में भाव, अभिनय, संगीत और नृत्य का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कलाकारों की अभिव्यक्ति और मंच सज्जा ने प्रस्तुति को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया।
दर्शक पूरी प्रस्तुति के दौरान अपलक मंच की ओर देखते रहे और हर दृश्य पर तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते रहे।

श्रीमती सुधा के निर्देशन में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
“उर्वशी” नृत्य नाटिका का निर्देशन श्रीमती सुधा ने किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के बच्चों, इग्नू के विद्यार्थियों तथा दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा निवेदिता ने शानदार प्रस्तुति दी।
छोटे-छोटे कलाकारों ने अपनी अभिनय क्षमता, भाव-भंगिमा और नृत्य कौशल से सभी का मन जीत लिया। प्रस्तुति में अनुशासन, समन्वय और अभ्यास की स्पष्ट झलक दिखाई दी।
विशेष रूप से निवेदिता की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। उनकी अभिव्यक्ति और मंच संचालन ने नाटिका को और अधिक जीवंत बना दिया।
भारतीय संस्कृति और कला का सुंदर प्रदर्शन
कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय नृत्य और पौराणिक परंपराओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने रंग-बिरंगी वेशभूषा, मधुर संगीत और आकर्षक मंच सज्जा के साथ दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।
सहयोग संस्था का यह प्रयास नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने और कला के प्रति रुचि विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
डॉ. भारती कुमारी ने किया धन्यवाद ज्ञापन
समारोह के समापन पर डॉ. भारती कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, कलाकारों, सहयोग संस्था के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और सभी दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से यह सांस्कृतिक आयोजन अत्यंत सफल और यादगार बन सका।
सांस्कृतिक आयोजनों से मिलता है समाज को सकारात्मक संदेश
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने सहयोग संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में कला, साहित्य और भारतीय परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं।
डॉ. Veenarani श्रीवास्तव की जयंती पर आयोजित यह समारोह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक सहयोग और रचनात्मक प्रतिभा का प्रेरणादायक उत्सव बन गया। “उर्वशी” नृत्य नाटिका की मोहक प्रस्तुति ने इस आयोजन को लंबे समय तक याद रखने योग्य बना दिया और दर्शकों के मन में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को और अधिक प्रबल किया।














