जमशेदपुर: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण पटमदा प्रखंड के लच्छीपुर पंचायत में एक विशेष विधिक Awareness शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, विभिन्न कानूनों, सरकारी योजनाओं और नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और कानून से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) की सदस्य योगिता कुमारी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।
90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत हुआ आयोजन
जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा पूरे जिले में 90 दिनों तक चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय और कानूनी सहायता की जानकारी पहुंचाना है।
इसी अभियान के तहत लच्छीपुर पंचायत में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न कानूनों, महिलाओं और बच्चों के अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा नि:शुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जानकारी के अभाव के कारण लोग कई बार अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे शिविर लोगों को जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एलएडीसी सदस्य योगिता कुमारी ने दी कानूनों की विस्तृत जानकारी
शिविर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) की सदस्य योगिता कुमारी ने ग्रामीणों को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि किसी भी प्रकार की समस्या आने पर वह उचित कानूनी सहायता प्राप्त कर सके।
योगिता कुमारी ने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के अधिकारों पर विस्तार से चर्चा करते हुए लोगों से कानून का सम्मान करने और किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की।
बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानून की जानकारी दी
कार्यक्रम के दौरान योगिता कुमारी ने बाल विवाह निषेध अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है। कम उम्र में विवाह से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उनके आसपास कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत संबंधित प्रशासन या जिला विधिक सेवा प्राधिकार को इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों से कराया अवगत
शिविर में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।

योगिता कुमारी ने बताया कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित अधिकारियों को देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण की जानकारी मिलने पर कानून तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था करता है।
डालसा की कार्यप्रणाली और नि:शुल्क कानूनी सहायता की जानकारी
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
योगिता कुमारी ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर, जरूरतमंद एवं पात्र लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास अधिवक्ता करने की आर्थिक क्षमता नहीं है, वे डालसा के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
घरेलू हिंसा कानून और महिलाओं के अधिकारों पर हुई चर्चा
शिविर में घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के बारे में भी जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि किसी भी महिला के साथ शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या भावनात्मक उत्पीड़न कानूनन अपराध है।
महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला घरेलू हिंसा का शिकार होती है, तो वह बिना किसी डर के कानून की सहायता ले सकती है।
लोक अदालत और मध्यस्थता से त्वरित न्याय की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान लोक अदालत और मध्यस्थता (Mediation) की प्रक्रिया को भी सरल भाषा में समझाया गया।
योगिता कुमारी ने बताया कि छोटे-छोटे विवादों का समाधान अदालतों में वर्षों तक लंबित रहने के बजाय लोक अदालत और मध्यस्थता के माध्यम से आपसी सहमति से जल्दी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं।
सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, जिनमें—
- 15100 – नि:शुल्क विधिक सहायता
- 1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
योगिता कुमारी ने बताया कि इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है।
पंचायत प्रतिनिधियों और पीएलवी का मिला सहयोग
इस विधिक जागरूकता शिविर को सफल बनाने में लच्छीपुर पंचायत के मुखिया सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से—
- शिवशंकर महतो
- नंदा रजक
- फटिक चंद्र महतो
- बुद्धेश्वर मुर्मु
- प्रकाश सांडिल
- राजू साव
- निलेश कुमार
ने सक्रिय भूमिका निभाई और ग्रामीणों को कार्यक्रम से जोड़ने में सहयोग किया।
ग्रामीणों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे।

विशेषज्ञों ने सभी सवालों का सरल और व्यावहारिक तरीके से उत्तर दिया, जिससे लोगों की कई भ्रांतियां दूर हुईं। ग्रामीणों ने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की भी मांग की।
पटमदा प्रखंड के लच्छीपुर पंचायत में आयोजित यह विधिक Awareness शिविर ग्रामीणों को कानून के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सदस्य योगिता कुमारी ने बाल विवाह, पॉक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा, लोक अदालत, मध्यस्थता, सरकारी योजनाओं और नि:शुल्क विधिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी देकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार जमशेदपुर द्वारा चलाया जा रहा 90 दिवसीय जागरूकता अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और कानूनी सहायता पहुंचाने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। ऐसे कार्यक्रम न केवल लोगों को कानून की जानकारी देते हैं, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग और आत्मविश्वासी भी बनाते हैं।




















