मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया नियंत्रण अभियान को मिली नई ताकत Tata स्टील फाउंडेशन ने स्वास्थ्य विभाग के साथ बढ़ाया सहयोग

On: July 11, 2026 7:24 PM
Follow Us:
Untitled Design 24 3
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

---Advertisement---
Netaji Advertisement

पूर्वी सिंहभूम: जिले में बढ़ते मलेरिया संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए Tata स्टील फाउंडेशन (Tata Steel Foundation) ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अपनी पहल को और मजबूत किया है। फाउंडेशन अपने MANSI (Maternal and Newborn Survival Initiative) कार्यक्रम के माध्यम से जिले के विभिन्न प्रखंडों में मलेरिया जांच, जागरूकता, उपचार और रोकथाम के कार्यों में सक्रिय सहयोग दे रहा है।

Headlines

---Advertisement---
Netaji Advertisement

यह अभियान विशेष रूप से पोटका, डुमरिया, घाटशिला, मुसाबनी, गोलमुरी-सह-जुगसलाई और बहरागोड़ा प्रखंडों में चलाया जा रहा है, जहां स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर मलेरिया नियंत्रण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर बनाई जा रही रणनीति

Tata स्टील फाउंडेशन की MANSI टीम जिला और प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर रही है। ब्लॉक स्तर पर आयोजित ब्लॉक लेवल टास्क फोर्स (BLTF) की बैठकों में MANSI के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सक्रिय रूप से भाग लेकर मलेरिया स्क्रीनिंग कैंपों की योजना बनाने में सहयोग कर रहे हैं।

इन बैठकों की अध्यक्षता संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) करते हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठकें चिकित्सा पदाधिकारी (MOIC) की देखरेख में आयोजित होती हैं।

जिला स्तर पर भी फाउंडेशन की टीम सिविल सर्जन (CS) और जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी (District Vector Borne Disease Officer) के साथ लगातार संपर्क में रहकर मलेरिया नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाने में सहयोग दे रही है।

घर-घर जाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक

मलेरिया जांच शिविरों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए MANSI टीम गांव-गांव और टोला-टोला जाकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चला रही है।

टीम घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया जांच कराने के लिए प्रेरित कर रही है और उन्हें स्क्रीनिंग कैंपों में भाग लेने के लिए जागरूक बना रही है।

विशेष रूप से उन दूरस्थ गांवों और दुर्गम बस्तियों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से नहीं पहुंच पातीं। वहां समुदाय को जागरूक कर शिविरों में लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है।

64 शिविरों में 4,665 लोगों की हुई जांच

टाटा स्टील फाउंडेशन के सहयोग से अब तक जिले में 64 मलेरिया स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किए जा चुके हैं।

इन शिविरों में 72 सहियाओं (Sahiya) ने सक्रिय भूमिका निभाई और कुल 4,665 लोगों की मलेरिया जांच की गई।

जांच के दौरान 239 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी संक्रमित मरीजों का तत्काल उपचार शुरू कर दिया है, जिससे बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिल रही है।

बच्चों और परिवारों पर विशेष फोकस

फाउंडेशन की टीम केवल जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि समुदाय के बीच लगातार व्यक्तिगत परामर्श (Counselling) और जागरूकता अभियान भी चला रही है।

विशेष रूप से पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को स्क्रीनिंग कैंप तक लाने पर जोर दिया जा रहा है, क्योंकि छोटे बच्चों में मलेरिया का खतरा अधिक रहता है।

टीम परिवारों को समझा रही है कि समय पर जांच और इलाज से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

गांवों में बैठक कर बढ़ाई जा रही जनभागीदारी

मलेरिया नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए गांव स्तर पर सामुदायिक बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।

इन बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को मलेरिया से बचाव, साफ-सफाई, समय पर जांच और उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है।

विशेष रूप से परिवार के पुरुष सदस्यों को भी अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने परिवार के सदस्यों को जांच शिविरों तक लाने में सहयोग करें।

इन प्रयासों से ग्रामीणों का सहयोग बढ़ा है और स्क्रीनिंग कैंपों का संचालन पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हुआ है।

मलेरिया जांच किट की उपलब्धता पर भी नजर

MANSI टीम स्क्रीनिंग कैंपों के दौरान रैपिड डायग्नोस्टिक किट (Rapid Diagnostic Kits-RDKs) की उपलब्धता पर भी लगातार नजर रख रही है।

यदि किसी शिविर में जांच किट की कमी होती है तो टीम तुरंत स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक किट उपलब्ध कराती है।

इस व्यवस्था के कारण किसी भी शिविर में जांच कार्य बाधित नहीं हो रहा है और लगातार स्क्रीनिंग जारी है।

100 मच्छरदानियों का वितरण 500 और खरीदी जाएंगी

मलेरिया की रोकथाम के लिए टाटा स्टील फाउंडेशन की ट्राइबल आइडेंटिटी टीम ने प्रभावित क्षेत्रों में 100 मच्छरदानियों का वितरण किया है।

इसके अलावा फाउंडेशन की पब्लिक हेल्थ टीम ने 500 अतिरिक्त मच्छरदानियां खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भविष्य में आवश्यकता के अनुसार और अधिक मच्छरदानियां उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई गई है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त सुरक्षा मिल सके।

MANSI टीम को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

मलेरिया नियंत्रण अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए 8 जुलाई 2026 को बहरागोड़ा प्रखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा MANSI ब्लॉक टीम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आधा दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस प्रशिक्षण में मलेरिया की पहचान, रोकथाम, उपचार, स्क्रीनिंग प्रक्रिया तथा सामुदायिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण के बाद MANSI टीम और अधिक प्रभावी ढंग से स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अभियान चला रही है।

मलेरिया नियंत्रण के लिए फाउंडेशन की निरंतर प्रतिबद्धता

Tata स्टील फाउंडेशन ने कहा है कि वह स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर मलेरिया नियंत्रण अभियान में हर संभव सहयोग जारी रखेगा।

फाउंडेशन का उद्देश्य समय पर मलेरिया की पहचान, संक्रमित मरीजों का उपचार, बीमारी की रोकथाम तथा लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाकर जिले में मलेरिया के प्रकोप को नियंत्रित करना है।

पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए Tata स्टील फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। MANSI कार्यक्रम के तहत गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान, मलेरिया जांच शिविर, संक्रमित मरीजों के उपचार, मच्छरदानी वितरण और सामुदायिक सहभागिता जैसे प्रयासों से मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को नई मजबूती मिली है। आने वाले दिनों में स्क्रीनिंग, उपचार और रोकथाम के इन प्रयासों से जिले में मलेरिया संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद की जा रही है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement

और पढ़ें

Untitled Design 8 4

Chaibasa में त्रिशानु राय की तत्परता से भटकी महिला सुरक्षित लौटी अपने घर मानवता की मिसाल बनी पहल

Untitled Design 6 3

Ayushman आरोग्य मंदिरों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयोजित किया राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम

Untitled Design 5 3

Nasha मुक्त भारत अभियान 23 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंचा जागरूकता का राष्ट्रीय आंदोलन

Untitled Design 6 2

Malaria नियंत्रण को लेकर उपायुक्त ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक त्वरित जांच शीघ्र उपचार व्यापक फॉगिंग और जागरूकता अभियान पर दिया बल

Untitled Design 20 1

प्रोजेक्ट जागृति से TB उन्मूलन अभियान को मिली नई गति 155 निक्षय मित्रों ने 638 मरीजों को लिया गोद

Untitled Design 17 1

IPTA की ओर से रक्त जांच शिविर का आयोजन शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने उठाया लाभ

Leave a Comment

💬
TNF AI असिस्टेंट
● ताज़ा खबरों के लिए तैयार
नमस्ते! 👋 मैं आपका TNF AI असिस्टेंट हूँ। आप हमारी वेबसाइट की कोई भी खबर, topic या इंटरनेट का कोई भी सवाल यहाँ पूछ सकते हैं!