जमशेदपुर: टाटा स्टील फाउंडेशन (Tata Steel Foundation) और जमशेदपुर कंटीन्यूअस एनीलिंग एंड प्रोसेसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड JCAPCPL ने झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में सामुदायिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से तीन वर्षों की रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत दोनों संस्थाएं शिक्षा, कौशल विकास, जनजातीय पहचान एवं विकास, खेल, दिव्यांग समावेशन और अन्य सामुदायिक कल्याण कार्यक्रमों पर संयुक्त रूप से कार्य करेंगी।
यह सहयोग केवल कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तीन वर्षों तक चलेगी विकास की संयुक्त पहल
दोनों संस्थाओं के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत आगामी तीन वर्षों तक झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं को लागू किया जाएगा।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं की पहचान कर उनके अनुरूप योजनाएं तैयार करना और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करना है। दोनों संस्थाएं मिलकर सामाजिक विकास की ऐसी रूपरेखा तैयार करेंगी जिससे क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाया जा सके।
शिक्षा, कौशल विकास और जनजातीय सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान
टाटा स्टील फाउंडेशन और JCAPCPL की इस साझेदारी में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
इनमें शामिल हैं
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- युवाओं का कौशल विकास
- जनजातीय पहचान एवं सांस्कृतिक संरक्षण
- खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन
- दिव्यांगजनों का समावेश
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम
- स्थानीय आजीविका को बढ़ावा
दोनों संस्थाओं का मानना है कि इन क्षेत्रों में समग्र विकास से समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और क्षेत्र का संतुलित विकास संभव हो सकेगा।
वित्त वर्ष 2026-27 में कई प्रमुख योजनाओं को मिलेगा सहयोग
समझौते के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में कई महत्वपूर्ण सामाजिक विकास परियोजनाओं को सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इनमें प्रमुख योजनाएं हैं—
- मस्ती की पाठशाला (Masti Ki Pathshala)
- सबल सेंटर, जमशेदपुर
- प्रोजेक्ट समृद्धि
- ज्योति छात्रवृत्ति (Jyoti Scholarship)
- गोल्फ प्रोजेक्ट
- सबल ज्ञानोदय
- आईटीआई चांडिल के विद्यार्थियों के लिए प्रायोजन सहायता
- आसपास के गांवों एवं समुदायों के विकास कार्यक्रम
इन योजनाओं का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, युवाओं के रोजगार कौशल, छात्रवृत्ति, खेल प्रतिभाओं के विकास और ग्रामीण समुदायों के समग्र उत्थान को बढ़ावा देना है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ एमओयू पर हस्ताक्षर
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में दोनों संस्थाओं के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
JCAPCPL की ओर से कार्यक्रम में शामिल हुए—
- कपिल मोदी – प्रबंध निदेशक
- अकिहिको तनिगुची – कार्यकारी निदेशक
- प्रवीण हेगड़े – मुख्य वित्त अधिकारी
- किरीट डैक्सिनी – महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस)
- विकास कुमार – मुख्य मानव संसाधन अधिकारी
- प्रशांत कुमार – कंपनी सचिव
- तौसीफ इकबाल – सहायक मंडल प्रबंधक (एचआर एवं आईआर)
वहीं टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से उपस्थित रहे—
- जिरेन जेवियर टोपनो – प्रमुख, ट्राइबल आइडेंटिटी
- कैप्टन अमिताभ – प्रमुख, स्किल डेवलपमेंट
- दिव्यहास रे – प्रमुख, शिक्षा
- फाउंडेशन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी
समझौते पर औपचारिक रूप से कपिल मोदी, प्रबंध निदेशक, JCAPCPL तथा सौरव रॉय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, टाटा स्टील फाउंडेशन ने हस्ताक्षर किए।
कपिल मोदी बोले सामुदायिक विकास के लिए साझा प्रतिबद्धता
इस अवसर पर कपिल मोदी, प्रबंध निदेशक, JCAPCPL ने कहा कि कंपनी टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ मिलकर सामुदायिक विकास के क्षेत्र में काम करने को लेकर गर्व महसूस कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सार्थक सामाजिक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाएं अपने अनुभव, संसाधन और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए समुदायों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेंगी।
कपिल मोदी ने कहा कि यह सहयोग समावेशी विकास और जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिकता के प्रति दोनों संस्थाओं की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

सौरव रॉय ने बताया साझेदारी का उद्देश्य
टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरव रॉय ने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से कोल्हान क्षेत्र के लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए विकास की प्राथमिकताओं पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
सौरव रॉय ने कहा कि JCAPCPL के साथ मिलकर ऐसी विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी जो स्थानीय समुदायों की आकांक्षाओं के अनुरूप हों और दीर्घकाल तक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन सुनिश्चित करें।

उन्होंने JCAPCPL का इस साझा विकास दृष्टिकोण में सहयोग देने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
प्रभावी निगरानी और जवाबदेही पर रहेगा विशेष जोर
एमओयू में केवल योजनाओं के संचालन की बात नहीं की गई है, बल्कि उनकी नियमित समीक्षा और निगरानी की भी विस्तृत व्यवस्था की गई है।
दोनों संस्थाएं समय-समय पर—
- संयुक्त योजना तैयार करेंगी
- प्रगति की समीक्षा करेंगी
- कार्यान्वयन की निगरानी करेंगी
- परिणामों का मूल्यांकन करेंगी
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योजनाएं पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ सफलतापूर्वक लागू हों तथा उनका लाभ सीधे जरूरतमंद समुदायों तक पहुंचे।
कोल्हान क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी कोल्हान क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक समावेशन और जनजातीय विकास को नई दिशा दे सकती है।
यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो हजारों बच्चों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
टाटा स्टील फाउंडेशन और JCAPCPL के बीच हुआ यह तीन वर्षीय समझौता झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में सामुदायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है। शिक्षा, कौशल विकास, जनजातीय सशक्तिकरण, खेल, छात्रवृत्ति और दिव्यांग समावेशन जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित यह साझेदारी समाज के सर्वांगीण विकास को गति देगी।
संयुक्त योजना, नियमित निगरानी और समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ यह पहल सतत विकास, समावेशी वृद्धि और जिम्मेदार कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग कोल्हान क्षेत्र के हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और झारखंड के सामाजिक विकास मॉडल को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
















