मौसम मनोरंजन चुनाव टेक्नोलॉजी खेल क्राइम जॉब सोशल लाइफस्टाइल देश-विदेश व्यापार मोटिवेशनल मूवी धार्मिक त्योहार Inspirational गजब-दूनिया

Deoghar सदर अस्पताल में बड़ी लापरवाही का आरोप एक्सीडेंट में घायल युवक को कथित रूप से चढ़ाई गई एक्सपायरी सलाइन स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

810c92dedce0cbe5e9d700a4ea327a2e
On: June 20, 2026 4:42 PM
Follow Us:
Untitled Design 6 8
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

झारखंड: Deoghar जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। देवघर सदर अस्पताल में इलाज के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक को कथित रूप से एक्सपायरी डेट वाली सलाइन चढ़ाए जाने का आरोप लगा है। घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन, दवा प्रबंधन प्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

A 2

इस मामले ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में भी इस तरह की लापरवाही होगी तो मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

सड़क दुर्घटना के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती

जानकारी के अनुसार, बैद्यनाथपुर निवासी कृष तुरी सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया।

परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा उन्हें जो सलाइन चढ़ाई गई, उसकी एक्सपायरी डेट समाप्त हो चुकी थी। जब परिवार के लोगों की नजर सलाइन की बोतल पर गई, तब उन्हें इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने तत्काल आपत्ति जताई।

THE NEWS FRAME

परिजनों ने लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप

मरीज के परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी नजर सलाइन की बोतल पर नहीं पड़ती तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उनका आरोप है कि अस्पताल में दवाओं और चिकित्सा सामग्री की नियमित जांच नहीं की जा रही है, जिससे मरीजों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

परिजनों ने यह भी कहा कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन यदि उन्हें एक्सपायरी दवाएं या सलाइन दी जाए तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप

जैसे ही एक्सपायरी सलाइन का मामला सामने आया, अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मरीज के परिजन और अन्य लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी हलचल देखी गई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस मामले में किसी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने जताई नाराजगी

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो आम जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दवाओं की नियमित जांच, स्टॉक प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज

मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिली। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में दवाओं के रखरखाव, स्टॉक प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई गई है।

स्वास्थ्य मंत्री से मांगा गया जवाब

विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में किसी भी मरीज को एक्सपायरी दवा, इंजेक्शन या सलाइन जैसी चिकित्सा सामग्री का उपयोग न कराया जाए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपायरी हो चुकी दवाओं या सलाइन का उपयोग मरीजों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। इससे संक्रमण, एलर्जी, दुष्प्रभाव या अन्य चिकित्सकीय जटिलताएं उत्पन्न होने की आशंका रहती है।

विशेषज्ञों के अनुसार अस्पतालों में दवा वितरण प्रणाली, स्टॉक रजिस्टर और एक्सपायरी डेट की नियमित जांच अत्यंत आवश्यक है। छोटी सी लापरवाही भी मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।

जांच की बात लेकिन कार्रवाई का इंतजार

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी तक किसी कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों और परिजनों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे बड़े सवाल

झारखंड सरकार समय-समय पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करती रही है, लेकिन देवघर सदर अस्पताल में सामने आया यह कथित मामला उन दावों पर सवाल खड़े कर रहा है।

लोगों का कहना है कि केवल अस्पताल भवन और सुविधाएं बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दवाओं की गुणवत्ता, स्टॉक प्रबंधन, जवाबदेही और नियमित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत बनाना होगा। तभी मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

Deoghar सदर अस्पताल में घायल युवक को कथित रूप से एक्सपायरी सलाइन चढ़ाए जाने का आरोप पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक अस्पताल की लापरवाही नहीं बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी प्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।

फिलहाल सभी की नजर स्वास्थ्य विभाग की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। आम जनता की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे भविष्य में किसी भी मरीज के जीवन के साथ इस प्रकार का जोखिम न हो। स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निरीक्षण ही जनता का विश्वास बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM

और पढ़ें

Untitled Design 21 5

DM राजीव रंजन ने मुसाबनी और डुमरिया प्रखंड कार्यालयों का किया निरीक्षण योजनाओं की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

Untitled Design 31 4

मानसिक Health सेवाओं को मजबूत बनाने में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों की भूमिका अहम उपायुक्त मनीष कुमार

Untitled Design 25 2

सदर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे DM स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश

Untitled Design 28 4

पद्मश्री स्वर्गीय नाना चुड़ासमा जयंती पर रक्तदान शिविर आयोजित DM ने युवाओं से किया नियमित रक्तदान का आह्वान Chaibasa

Untitled Design 11 6

पश्चिमी Singhbhum में नशा मुक्त झारखंड अभियान का शुभारंभ स्कूटी रैली और जागरूकता रथों के माध्यम से दिया गया नशामुक्ति का संदेश

Untitled Design 16 4

जिले के सभी Anganwadi केंद्रों में बाल भोज-सह-जन्मोत्सव का आयोजन उपायुक्त ने बच्चों संग मनाया जन्मोत्सव

Leave a Comment

धार्मिक

See All

लाइफस्टाइल

See All

मौसम

See All

खेल

See All

क्राइम

See All

Entertainment

See All

ज्योतिष

See All
Link copied